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आबकारी नोट मामले में दर्ज होगी एफआईआर
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:06 AM IST
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कौन ले गया लाखों के नोट, पता लगाने को दर्ज होगा केस
0 एसएसपी ने दिया एफआईआर का आदेश, आबकारी कॉलोनी में गैराज में मिले थे रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। आबाकरी कॉलोनी में नोटों भरा कुकर मिलने के मामले में आखिरकार रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने कैंट पुलिस को निर्देश दिया कि मामले की रिपोर्ट लिखकर विवेचना की जाए। फिलहाल, पुलिस यह नहीं बता रही कि एफआईआर नामजद होगी या मामला अज्ञात में दर्ज किया जाएगा।
21 जुलाई को आबकारी कॉलोनी में रहने वाले सीनियर एल्कोहल टेक्नोलॉजिस्ट दीपक रस्तोगी के सरकारी क्वार्टर के पीछे स्थित गैराज में नोटों से भरा कुकर मिला था। पुलिस पहुंची तो उसे कुल 7.93 लाख रुपये बरामद हुए। हालांकि, दीपक ने तहरीर और बाद में दिए अपने बयान में कहा कि कुकर में 7.93 लाख रुपये से ज्यादा की रकम थी। इस मामले में जांच अधिकारी बनाए गए अफसरों ने आबकारी इंटेलीजेेंस ब्यूरो के सिपाही सुदेश सिंह का भी बयान दर्ज किया, जिसके बारे में दीपक ने बताया था कि पुलिस के पहुंचने से पहले उसने नोट गिने थे। हालांकि, सिपाही ने जांच टीम को दिए अपने बयान में नोट गिनने की बात से इंकार किया था। मामले में अपर आबकारी आयुक्त अविनाशमणि त्रिपाठी से भी पूछताछ हुई। दरअसल, दीपक ने तहरीर में बताया था कि पुलिस से पहले उन्होंने विभागीय अफसरों को सूचना दी थी। जो अफसर मौके पर पहुंचे थे, उनमें अपर आबकारी आयुक्त भी शामिल थे। बयान दर्ज करने के बाद जांच अफसरों ने रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने शनिवार को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि जांच टीम के अफसरों ने रिपोर्ट में कहा है कि संबंधित पक्षों के बयान से साफ है कि कुकर में पुलिस को बरामद रकम से ज्यादा रुपये थे। अब यह रुपये कौन ले गया, इस बारे में कोई कुछ बोल नहीं रहा है। रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर के आदेश दे दिए गए हैं। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच पूरी, लेकिन पता नहीं रकम कौन ले गया
सूत्रों की मानें तो जांच टीम भी अभी यह तय नहीं कर सकी है कि बाकी की रकम कौन ले गया। हालांकि सूत्रों की मानें तो मामले में फिलहाल किसी अफसर का नाम आने की संभावना बेहद कम है। इसलिए क्योंकि इंजीनियर दीपक ने भी जांच टीम के सामने किसी अफसर का नाम नहीं लिया है। उन्होंने सिर्फ यही बताया है कि नोट ईआईबी सिपाही सुदेश ने गिने। नोटों की गड्डियों के साथ सुदेश का फोटो भी वायरल हुआ था। मामले में कैंट इंस्पेक्टर रमेश सिंह रावत ने बताया कि आदेश मिल चुका है। जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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0 एसएसपी ने दिया एफआईआर का आदेश, आबकारी कॉलोनी में गैराज में मिले थे रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। आबाकरी कॉलोनी में नोटों भरा कुकर मिलने के मामले में आखिरकार रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने कैंट पुलिस को निर्देश दिया कि मामले की रिपोर्ट लिखकर विवेचना की जाए। फिलहाल, पुलिस यह नहीं बता रही कि एफआईआर नामजद होगी या मामला अज्ञात में दर्ज किया जाएगा।
21 जुलाई को आबकारी कॉलोनी में रहने वाले सीनियर एल्कोहल टेक्नोलॉजिस्ट दीपक रस्तोगी के सरकारी क्वार्टर के पीछे स्थित गैराज में नोटों से भरा कुकर मिला था। पुलिस पहुंची तो उसे कुल 7.93 लाख रुपये बरामद हुए। हालांकि, दीपक ने तहरीर और बाद में दिए अपने बयान में कहा कि कुकर में 7.93 लाख रुपये से ज्यादा की रकम थी। इस मामले में जांच अधिकारी बनाए गए अफसरों ने आबकारी इंटेलीजेेंस ब्यूरो के सिपाही सुदेश सिंह का भी बयान दर्ज किया, जिसके बारे में दीपक ने बताया था कि पुलिस के पहुंचने से पहले उसने नोट गिने थे। हालांकि, सिपाही ने जांच टीम को दिए अपने बयान में नोट गिनने की बात से इंकार किया था। मामले में अपर आबकारी आयुक्त अविनाशमणि त्रिपाठी से भी पूछताछ हुई। दरअसल, दीपक ने तहरीर में बताया था कि पुलिस से पहले उन्होंने विभागीय अफसरों को सूचना दी थी। जो अफसर मौके पर पहुंचे थे, उनमें अपर आबकारी आयुक्त भी शामिल थे। बयान दर्ज करने के बाद जांच अफसरों ने रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने शनिवार को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि जांच टीम के अफसरों ने रिपोर्ट में कहा है कि संबंधित पक्षों के बयान से साफ है कि कुकर में पुलिस को बरामद रकम से ज्यादा रुपये थे। अब यह रुपये कौन ले गया, इस बारे में कोई कुछ बोल नहीं रहा है। रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर के आदेश दे दिए गए हैं। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जांच पूरी, लेकिन पता नहीं रकम कौन ले गया
सूत्रों की मानें तो जांच टीम भी अभी यह तय नहीं कर सकी है कि बाकी की रकम कौन ले गया। हालांकि सूत्रों की मानें तो मामले में फिलहाल किसी अफसर का नाम आने की संभावना बेहद कम है। इसलिए क्योंकि इंजीनियर दीपक ने भी जांच टीम के सामने किसी अफसर का नाम नहीं लिया है। उन्होंने सिर्फ यही बताया है कि नोट ईआईबी सिपाही सुदेश ने गिने। नोटों की गड्डियों के साथ सुदेश का फोटो भी वायरल हुआ था। मामले में कैंट इंस्पेक्टर रमेश सिंह रावत ने बताया कि आदेश मिल चुका है। जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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