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जेल सिपाही के बेटे की गोली मारकर हत्या
Updated Fri, 21 Sep 2018 09:52 PM IST
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जेल सिपाही के बेटे की गोली मारकर हत्या
0 मेजा के कुंवरपट्टी गांव में वारदात के बाद हमलावर फरार
0 परिजनों ने शव नहीं लेने दिया कब्जे में, किया चक्काजाम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। यमुनापार स्थित मेजा के कुंवरपट्टी गांव में शुक्रवार शाम जेल में तैनात एक सिपाही के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोस्त के साथ वह बाइक से निमंत्रण में शामिल होने जा रहा था, तभी जेवनिया गांव शिव मंदिर के पास उसे रोककर वारदात को अंजाम दिया गया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने ऊंचडीह-मंदरा मार्ग पर जाम लगा दिया। खबर लिखे जाने तक पुलिस अफसर उनकी मान-मनौव्वल में लगे थे।
कुंवरपट्टी गांव निवासी माता प्रसाद मिश्रा वाराणसी जेल में सिपाही के पद पर तैनात हैं। अंशू (22) उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर पर था। पढ़ाई खत्म होने के बाद वह घर पर ही रहता था। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने बताया है कि शुक्रवार शाम सात बजे के करीब अंशू पड़ोस के रोहित के साथ बाइक से घर से निकला। उसे अटखरिया गांव में एक निमंत्रण में शामिल होने जाना था। अभी वह जेवनिया गांव स्थित शिव मंदिर के पास पहुंचा था, तभी तीन लोगों ने उसकी बाइक रोक ली। इसके बाद उनमें से एक युवक ने एक के बाद एक दो फायर झोंके। पहला निशाना तो चूक गया, लेकिन दूसरी गोली अंशू के सीने में लगी और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद हमलावर भाग निकले।
सूचना मिली तो पुलिस के साथ ही घरवाले भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि, अस्पताल ले जाने से पहले ही अंशू की सांसें थम गईं। तब तक मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेने की कोशिश की तो परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। वे वारदात को लेकर काफी आक्रोशित थे और हमलावर की गिरफ्तारी की मांग पर उन्होंने ऊंचडीह-मंदरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इसकी जानकारी मिली तो एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी के साथ ही सीओ भी पहुंच गए। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों में श्रीकृष्ण उर्फ सूबेदार, उसका बेटा निहाल पांडेय व नागेश पांडेय शामिल थे। इनमें से श्रीकृष्ण भी वाराणसी जेल में सिपाही है और इन दिनों छुट्टी पर घर आया हुआ है।
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घर छोड़कर भाग निकले आरोपी
परिजनों के बताने के बाद पुलिस की एक टीम ने आरोपियों के घर दबिश दी तो वह फरार मिले। पुलिस को घर में कोई नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल घरवालों ने हत्या का कोई कारण नहीं बताया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
फरवरी में होनी थी शादी
अंशू की हत्या पर परिजन फूट-फूटकर रोते रहे। अन्य परिजनों के साथ ही मां उर्मिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीणों ने बताया कि अंशू की शादी तय थी। निबहिया गांव में उसका रिश्ता परिजन तय कर चुके थे। आठ फरवरी को शादी की तारीख तय की गई थी।
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0 मेजा के कुंवरपट्टी गांव में वारदात के बाद हमलावर फरार
0 परिजनों ने शव नहीं लेने दिया कब्जे में, किया चक्काजाम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। यमुनापार स्थित मेजा के कुंवरपट्टी गांव में शुक्रवार शाम जेल में तैनात एक सिपाही के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोस्त के साथ वह बाइक से निमंत्रण में शामिल होने जा रहा था, तभी जेवनिया गांव शिव मंदिर के पास उसे रोककर वारदात को अंजाम दिया गया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने ऊंचडीह-मंदरा मार्ग पर जाम लगा दिया। खबर लिखे जाने तक पुलिस अफसर उनकी मान-मनौव्वल में लगे थे।
कुंवरपट्टी गांव निवासी माता प्रसाद मिश्रा वाराणसी जेल में सिपाही के पद पर तैनात हैं। अंशू (22) उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर पर था। पढ़ाई खत्म होने के बाद वह घर पर ही रहता था। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने बताया है कि शुक्रवार शाम सात बजे के करीब अंशू पड़ोस के रोहित के साथ बाइक से घर से निकला। उसे अटखरिया गांव में एक निमंत्रण में शामिल होने जाना था। अभी वह जेवनिया गांव स्थित शिव मंदिर के पास पहुंचा था, तभी तीन लोगों ने उसकी बाइक रोक ली। इसके बाद उनमें से एक युवक ने एक के बाद एक दो फायर झोंके। पहला निशाना तो चूक गया, लेकिन दूसरी गोली अंशू के सीने में लगी और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद हमलावर भाग निकले।
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सूचना मिली तो पुलिस के साथ ही घरवाले भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि, अस्पताल ले जाने से पहले ही अंशू की सांसें थम गईं। तब तक मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेने की कोशिश की तो परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। वे वारदात को लेकर काफी आक्रोशित थे और हमलावर की गिरफ्तारी की मांग पर उन्होंने ऊंचडीह-मंदरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इसकी जानकारी मिली तो एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी के साथ ही सीओ भी पहुंच गए। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों में श्रीकृष्ण उर्फ सूबेदार, उसका बेटा निहाल पांडेय व नागेश पांडेय शामिल थे। इनमें से श्रीकृष्ण भी वाराणसी जेल में सिपाही है और इन दिनों छुट्टी पर घर आया हुआ है।
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घर छोड़कर भाग निकले आरोपी
परिजनों के बताने के बाद पुलिस की एक टीम ने आरोपियों के घर दबिश दी तो वह फरार मिले। पुलिस को घर में कोई नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल घरवालों ने हत्या का कोई कारण नहीं बताया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
फरवरी में होनी थी शादी
अंशू की हत्या पर परिजन फूट-फूटकर रोते रहे। अन्य परिजनों के साथ ही मां उर्मिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीणों ने बताया कि अंशू की शादी तय थी। निबहिया गांव में उसका रिश्ता परिजन तय कर चुके थे। आठ फरवरी को शादी की तारीख तय की गई थी।