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नैनी जेल से भी रिह किए गए दो कैदी
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:55 AM IST
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अतरसुइया कासचिन था हादसे में मृत युवक
- कौशाम्बी में ट्रक, जाइलो, स्कूटी हादसे में गई थी जान, सोमवार को हुई पहचान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
कौशाम्बी में रविवार शाम चरवा इलाके में जीटी रोड पर पन्नोई गांव के पास ट्रक की टक्कर से जान गंवाने वाले स्कूटी सवार युवक की सोमवार को पहचान हो सकी। वह अतरसुइया में गोल पार्क के निकट रहने वाला सचिन जायसवाल (30) था। उसके पिता शारदा प्रसाद का निधन हो चुका है। वह दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। बढ़ई का काम करने वाले सचिन का ब्याह साल भर पहले अवंतिका से किया गया था। उसकी 24 दिन की बेटी भी है।
सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पर आए रिश्तेदार महेंद्र ने सचिन के शव की शिनाख्त के बाद बताया कि वह किसी काम के सिलसिले में रविवार को कौशाम्बी में कोखराज की तरफ गया था। वहां से लौटते समय पन्नोई गांव के पास जीटी रोड पर सामने से आ रहे ट्रक ने पहले चंद्रौल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.जेके सिंह की जाइलो में टक्कर मारी, फिर स्कूटी सवार सचिन को भी चपेट में ले लिया। सचिन की वहीं मौत हो गई थी। उसके जेब से मिले एक कागज पर मुट्ठीगंज के युवक का नाम-पता लिखा था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। सोमवार को पता चला तो रिश्तेदार और परिजन चीरघर आ गए। इस हादसे ने सचिन की पत्नी अवंतिका को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक झटके में वह बेटी समेत बेसहारा हो गई। ससुराल में कोई नहीं है जो उसे सहारा दे सके। मायके वाले खबर पाकर आ गए।
डॉक्टर के चाचा भी चल बसे, साथ हुई अंत्येष्टि
इलाहाबाद। रविवार शाम जाइलो गाड़ी में ट्रक की टक्कर से मृत चंद्रौल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.जेके सिंह के चाचा लाल प्रताप सिंह (65) का भी भोर में निधन हो गया। वह गंभीर बीमारी के चलते 15 दिन से आईसीयू में भर्ती थे। उनकी मौत का कारण भतीजे डॉ. जेके की मृत्यु का सदमा था या फिर बीमारी, यह साफ नहीं हो सका। मगर पहले ही डॉ.सिंह की आकस्मिक मौत से गम में डूबे परिजन और रिश्तेदार कुछ ही घंटे में उनके चाचा के देहांत से और भी गमगीन हो गए। डॉक्टर के शव को रात में ही पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाया गया था। भोर में चाचा का भी निधन होने पर दोनों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट पर किया गया।
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- कौशाम्बी में ट्रक, जाइलो, स्कूटी हादसे में गई थी जान, सोमवार को हुई पहचान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
कौशाम्बी में रविवार शाम चरवा इलाके में जीटी रोड पर पन्नोई गांव के पास ट्रक की टक्कर से जान गंवाने वाले स्कूटी सवार युवक की सोमवार को पहचान हो सकी। वह अतरसुइया में गोल पार्क के निकट रहने वाला सचिन जायसवाल (30) था। उसके पिता शारदा प्रसाद का निधन हो चुका है। वह दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। बढ़ई का काम करने वाले सचिन का ब्याह साल भर पहले अवंतिका से किया गया था। उसकी 24 दिन की बेटी भी है।
सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पर आए रिश्तेदार महेंद्र ने सचिन के शव की शिनाख्त के बाद बताया कि वह किसी काम के सिलसिले में रविवार को कौशाम्बी में कोखराज की तरफ गया था। वहां से लौटते समय पन्नोई गांव के पास जीटी रोड पर सामने से आ रहे ट्रक ने पहले चंद्रौल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.जेके सिंह की जाइलो में टक्कर मारी, फिर स्कूटी सवार सचिन को भी चपेट में ले लिया। सचिन की वहीं मौत हो गई थी। उसके जेब से मिले एक कागज पर मुट्ठीगंज के युवक का नाम-पता लिखा था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। सोमवार को पता चला तो रिश्तेदार और परिजन चीरघर आ गए। इस हादसे ने सचिन की पत्नी अवंतिका को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक झटके में वह बेटी समेत बेसहारा हो गई। ससुराल में कोई नहीं है जो उसे सहारा दे सके। मायके वाले खबर पाकर आ गए।
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डॉक्टर के चाचा भी चल बसे, साथ हुई अंत्येष्टि
इलाहाबाद। रविवार शाम जाइलो गाड़ी में ट्रक की टक्कर से मृत चंद्रौल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.जेके सिंह के चाचा लाल प्रताप सिंह (65) का भी भोर में निधन हो गया। वह गंभीर बीमारी के चलते 15 दिन से आईसीयू में भर्ती थे। उनकी मौत का कारण भतीजे डॉ. जेके की मृत्यु का सदमा था या फिर बीमारी, यह साफ नहीं हो सका। मगर पहले ही डॉ.सिंह की आकस्मिक मौत से गम में डूबे परिजन और रिश्तेदार कुछ ही घंटे में उनके चाचा के देहांत से और भी गमगीन हो गए। डॉक्टर के शव को रात में ही पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाया गया था। भोर में चाचा का भी निधन होने पर दोनों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट पर किया गया।
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