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पिता ने दिल्ली में कराई राजेश पायलट का अंतिम संस्कार
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:48 AM IST
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पिता ने दिल्ली में कराया पायलट का अंतिम संस्कार
पत्नी और ससुराल के लोग भी पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। मंत्री नंदी पर रिमोट बम से आरडीएक्स का हमला करने वाले राजेश पायलट के पिता सोहन लाल शांडिल्य बेटे की लाश लेने के लिए गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। सोहन लाल ने दिल्ली में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पत्नी और ससुराल के लोग भी पहुंच गए थे। बुलंदशहर जेल में बंद राजेश पायलट को पिछले दो सितंबर को ब्रेन हैमरेज हो गया था। इसके बाद बुधवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
इलाहाबाद में आरडीएक्स का पहला और आखिरी हमला करने वाले राजेश पायलट को 2010 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह नैनी जेल में ही बंद था। जेल में रहने के ही दौरान उसकी विजय मिश्रा और दिलीप मिश्रा से दुश्मनी हो गई थी। बाद में उस पर तीन बार जानलेवा हमला हुआ। उसने एक पूर्व सांसद और पूर्व विधायक भाइयों पर भी हमले का आरोप लगाया। उसने लिखित में अधिकारियों को बताया कि उसकी जान को खतरा है। उसका ट्रांसफर किसी दूसरी जेल में कर दिया जाय। इसी साल फरवरी में उसे बुलंदशहर जेल भेजा गया था। पायलट ने 1999 में ही अपना परिवार छोड़ दिया था। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के उमरी गांव में रहने वाले उसके पिता सोहन लाल तथा तीन बहनों का परिवार उससे मतलब नहीं रखता था लेकिन मौत के बाद पिता पायलट का शव लेने गुरुवार को दिल्ली पहुंच गए। पत्नी तथा ससुराल के अन्य लोग भी पहुंचे थे। दिल्ली में उसका अंतिम संस्कार कराया गया।
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पत्नी और ससुराल के लोग भी पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। मंत्री नंदी पर रिमोट बम से आरडीएक्स का हमला करने वाले राजेश पायलट के पिता सोहन लाल शांडिल्य बेटे की लाश लेने के लिए गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। सोहन लाल ने दिल्ली में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पत्नी और ससुराल के लोग भी पहुंच गए थे। बुलंदशहर जेल में बंद राजेश पायलट को पिछले दो सितंबर को ब्रेन हैमरेज हो गया था। इसके बाद बुधवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
इलाहाबाद में आरडीएक्स का पहला और आखिरी हमला करने वाले राजेश पायलट को 2010 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह नैनी जेल में ही बंद था। जेल में रहने के ही दौरान उसकी विजय मिश्रा और दिलीप मिश्रा से दुश्मनी हो गई थी। बाद में उस पर तीन बार जानलेवा हमला हुआ। उसने एक पूर्व सांसद और पूर्व विधायक भाइयों पर भी हमले का आरोप लगाया। उसने लिखित में अधिकारियों को बताया कि उसकी जान को खतरा है। उसका ट्रांसफर किसी दूसरी जेल में कर दिया जाय। इसी साल फरवरी में उसे बुलंदशहर जेल भेजा गया था। पायलट ने 1999 में ही अपना परिवार छोड़ दिया था। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के उमरी गांव में रहने वाले उसके पिता सोहन लाल तथा तीन बहनों का परिवार उससे मतलब नहीं रखता था लेकिन मौत के बाद पिता पायलट का शव लेने गुरुवार को दिल्ली पहुंच गए। पत्नी तथा ससुराल के अन्य लोग भी पहुंचे थे। दिल्ली में उसका अंतिम संस्कार कराया गया।
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