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जालसाज दंपति ने व्यापारी को लगाई 4.95 लाख की चपत
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:40 AM IST
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जालसाज दंपति ने व्यापारी को लगाई 4.95 लाख की चपत
खुद को सरकारी चिकित्सक बताकर उधार लिए 1.45 के फर्नीचर
अति आवश्यक कार्य बता ढाई लाख नकद भी मांग ले गया
डेढ़ साल बीतने के बाद भुक्तभोगी को मिल रही जान से मारने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
नैनी। क्षेत्र के एक फर्नीचर व्यापारी को जालसाज दंपति ने 4.95 लाख रुपये की चपत लगा दी। आरोप है कि खुद को सरकारी चिकित्सक बताकर व्यवहार बनाने वाले फार्मासिस्ट और उसकी पत्नी इस तरह की हरकतें कई लोगों के साथ कर चुके हैं। भुक्तभोगी ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ कोतवाली में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में नामजद मुकदमा पंजीकृत कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
क्षेत्र के चक रघुनाथ मोहल्ला निवासी सुरेश चंद्र केसरवानी की मेवालाल बगिया तिराहे पर केसरवानी ट्रेडर्स के नाम से फर्नीचर की दुकान खोल रखी है। सुरेश चंद्र के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले उनकी दुकान पर क्षेत्र के चकभटाही मोहल्ला निवासी दशरथ लाल अपनी पत्नी गंगा देवी के साथ उसकी दुकान पर आया था। जहां उसने बताया कि वह सरकारी चिकित्सक है और मिर्जापुर में पोस्टेड है। बातचीत के दौरान उसने सुरेश चंद्र को प्रभावित कर लिया। उसके बाद उसने करीब 1.45 लाख रुपये का फर्नीचर, कुर्सी, मेज, आलमारी, कंप्यूटर टेबल आदि सामान उधार ले गया। वायदा किया कि तनख्वाह मिलने पर वह सारे पैसे दे देगा। सुरेश चंद्र उसकी चिकनी चुपड़ी बातों में आ गया। उसके कुछ दिन बाद वह फिर आया और अतिआवश्यक कार्य बताकर 2.50 लाख रुपये मांग ले गया। वायदा किया कि अगले महीने उसके पूरे 4.95 लाख रुपये वापस कर देगा। काफी दिन बीत गए। जब वह नहीं आया तो सुरेश चंद्र उसके घर गया। वहां उससे पैसे मांगे तो उसने पहला चेक अपनी पत्नी गंगा देवी के नाम का 1.45 लाख रुपये का दिया, जो कि एक्सिस बैंक था। चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। सुरेश चंद्र दोबारा गया। दोबारा उसने ढाई लाख रुपये का चेक एसबीआई का दिया, वह भी बाउंस हो गया। जब दुकानदार फिर से तगादा करने गया तो वह धमकी देने लगा। आरोप है कि उसने कहा कि उसकी बहुत ऊंचे लोगों से पहुंच है। वह उसे जान से मरवा देगा। व्यापारी के मुताबिक पैसे देने के बजाय उल्टा जालसाज दंपत्ति उसे और उसके परिवार को धमकाने लगा। सुरेशचंद्र के मुताबिक दशरथलाल मीरजापुर स्थित सरकारी अस्पताल में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत है। नैनी में वह अपने मिलने वालों को सरकारी चिकित्सक बताता है। आरोप है कि धोखाधड़ी के पैसे से ही उसने चकभटाही में मकान भी बनवा लिया। भुक्तभोगी ने एसएसपी से गुहार लगाई। एसएसपी के आदेश पर जालसाज दंपति के खिलाफ धारा 420, 406, 504, 506 आर्ठपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई है। इंस्पेक्टर नैनी पीके मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज हो गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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खुद को सरकारी चिकित्सक बताकर उधार लिए 1.45 के फर्नीचर
अति आवश्यक कार्य बता ढाई लाख नकद भी मांग ले गया
डेढ़ साल बीतने के बाद भुक्तभोगी को मिल रही जान से मारने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
नैनी। क्षेत्र के एक फर्नीचर व्यापारी को जालसाज दंपति ने 4.95 लाख रुपये की चपत लगा दी। आरोप है कि खुद को सरकारी चिकित्सक बताकर व्यवहार बनाने वाले फार्मासिस्ट और उसकी पत्नी इस तरह की हरकतें कई लोगों के साथ कर चुके हैं। भुक्तभोगी ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ कोतवाली में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में नामजद मुकदमा पंजीकृत कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
क्षेत्र के चक रघुनाथ मोहल्ला निवासी सुरेश चंद्र केसरवानी की मेवालाल बगिया तिराहे पर केसरवानी ट्रेडर्स के नाम से फर्नीचर की दुकान खोल रखी है। सुरेश चंद्र के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले उनकी दुकान पर क्षेत्र के चकभटाही मोहल्ला निवासी दशरथ लाल अपनी पत्नी गंगा देवी के साथ उसकी दुकान पर आया था। जहां उसने बताया कि वह सरकारी चिकित्सक है और मिर्जापुर में पोस्टेड है। बातचीत के दौरान उसने सुरेश चंद्र को प्रभावित कर लिया। उसके बाद उसने करीब 1.45 लाख रुपये का फर्नीचर, कुर्सी, मेज, आलमारी, कंप्यूटर टेबल आदि सामान उधार ले गया। वायदा किया कि तनख्वाह मिलने पर वह सारे पैसे दे देगा। सुरेश चंद्र उसकी चिकनी चुपड़ी बातों में आ गया। उसके कुछ दिन बाद वह फिर आया और अतिआवश्यक कार्य बताकर 2.50 लाख रुपये मांग ले गया। वायदा किया कि अगले महीने उसके पूरे 4.95 लाख रुपये वापस कर देगा। काफी दिन बीत गए। जब वह नहीं आया तो सुरेश चंद्र उसके घर गया। वहां उससे पैसे मांगे तो उसने पहला चेक अपनी पत्नी गंगा देवी के नाम का 1.45 लाख रुपये का दिया, जो कि एक्सिस बैंक था। चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। सुरेश चंद्र दोबारा गया। दोबारा उसने ढाई लाख रुपये का चेक एसबीआई का दिया, वह भी बाउंस हो गया। जब दुकानदार फिर से तगादा करने गया तो वह धमकी देने लगा। आरोप है कि उसने कहा कि उसकी बहुत ऊंचे लोगों से पहुंच है। वह उसे जान से मरवा देगा। व्यापारी के मुताबिक पैसे देने के बजाय उल्टा जालसाज दंपत्ति उसे और उसके परिवार को धमकाने लगा। सुरेशचंद्र के मुताबिक दशरथलाल मीरजापुर स्थित सरकारी अस्पताल में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत है। नैनी में वह अपने मिलने वालों को सरकारी चिकित्सक बताता है। आरोप है कि धोखाधड़ी के पैसे से ही उसने चकभटाही में मकान भी बनवा लिया। भुक्तभोगी ने एसएसपी से गुहार लगाई। एसएसपी के आदेश पर जालसाज दंपति के खिलाफ धारा 420, 406, 504, 506 आर्ठपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई है। इंस्पेक्टर नैनी पीके मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज हो गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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