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युवक से मिले लाखों के यूरो और रियाल
Updated Wed, 18 Jul 2018 02:00 AM IST
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युवक से मिले लाखों के यूरो और रियाल
0 सिविल लाइंस पुलिस ने गिरफ्तार कर दर्ज किया फेमा के तहत केस
0 276 विदेशी नोट बरामद, सरगना की तलाश में पुलिस ने दी दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सिविल लाइंस पुलिस ने एक युवक के पास से लाखों के यूरो, रियाल, दीनार के साथ मलेशियन रिंगिट भी बरामद की है। उसे उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह करेंसी को दिल्ली स्थित हवाला मार्केट में खपाने जा रहा था। पकड़ा गया युवक अटाला स्थित एक गिरोह के लिए काम करता है, जिसका सरगना अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। युवक के खिलाफ फेमा और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सिविल लाइंस पुलिस ने मुट्ठीगंज के हटिया मोहल्ले के रहने वाले चांद को एक होटल के पास से पकड़ा। मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि उसके पास से सऊदी रियाल, यूरो, कुवैती दीनार और मलेशियन रिंगिट करेंसी मिली। कुल मिलाकर उसके पास से 276 विदेशी नोट मिले, जिनका भारतीय मुद्रा में मूल्य तकरीबन 22 लाख से अधिक का है। चांद से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अटाला स्थित एक गिरोह के लिए काम करता है, जिसका सरगना आफाक डालर है। उसका इलाहाबाद, यूपी के कई शहरों से लेकर दिल्ली तक रैकेट चलता है। वह किसी भी विदेशी करेंसी को भारतीय रुपये में बदलवा देता है। पुलिस ने आफाक के घर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। उसके दो परिचितों को उठाया गया। उनसे पूछताछ हुई, लेकिन कोई भी आफाक के बारे में कुछ नहीं बता पाया। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर शिवमंगल सिंह ने बताया कि चांद के खिलाफ फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आफाक को वांटेड किया गया है। गिरोह में और भी कई लोग शामिल हैं। सरगना आफाक के पकड़े जाने के बाद और भी बड़े खुलासे होंगे।
डर दिखाकर लोगों से लेते थे रुपये
इलाहाबाद। आफाक डालर अटाला में अपने घर से ही पूरा कारोबार करता है। उसकी नजर विदेश में रहने वाले ऐसे लोगों पर रहती थी, जो साल दो साल में यहां आते थे। ऐसे तमाम लोग होते हैं, जो एयरपोर्ट पर विदेशी मुद्रा शो नहीं करते थे, वे चोरी छिपे विदेशी मुद्रा को घर ले आते थे। आफाक ऐसे ही लोगों को डर दिखाकर करेंसी के मूल्य से काफी कम पैसों में उन्हें खरीद लेता। वह उनसे कहता कि अगर पुलिस ने पकड़ लिया तो जेल हो जाएगी। लोग उसकी बातों में आकर विदेशी मुद्रा उसे दे देते। आफाक डालर अपने साथ कई लोगों को जोड़ रखा था, जो दिल्ली में जाकर हवाला मार्केट में करेंसी बदल देता। पुलिस की माने तो आफाक पिछले कई सालों से यह धंधा कर रहा है।
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विदेशी करेंसी मिली
- सऊदी रियाल के पांच सौ के 231 नोट
- 50 यूरो के छह नोट, 10 यूरो के तीन नोट, पांच यूरो के दो नोट
- 20 कुवैती दीनार के दो नोट, दस कुवैती दीनार के नौ नोट
- 100 की नौ मलेशियन रिंगिट, 50 की चार मलेशियन रिंगिट, 20 की पांच मलेशियन रिंगिट, 10 की पांच मलेशियन रिंगिट
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0 सिविल लाइंस पुलिस ने गिरफ्तार कर दर्ज किया फेमा के तहत केस
0 276 विदेशी नोट बरामद, सरगना की तलाश में पुलिस ने दी दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सिविल लाइंस पुलिस ने एक युवक के पास से लाखों के यूरो, रियाल, दीनार के साथ मलेशियन रिंगिट भी बरामद की है। उसे उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह करेंसी को दिल्ली स्थित हवाला मार्केट में खपाने जा रहा था। पकड़ा गया युवक अटाला स्थित एक गिरोह के लिए काम करता है, जिसका सरगना अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। युवक के खिलाफ फेमा और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सिविल लाइंस पुलिस ने मुट्ठीगंज के हटिया मोहल्ले के रहने वाले चांद को एक होटल के पास से पकड़ा। मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि उसके पास से सऊदी रियाल, यूरो, कुवैती दीनार और मलेशियन रिंगिट करेंसी मिली। कुल मिलाकर उसके पास से 276 विदेशी नोट मिले, जिनका भारतीय मुद्रा में मूल्य तकरीबन 22 लाख से अधिक का है। चांद से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अटाला स्थित एक गिरोह के लिए काम करता है, जिसका सरगना आफाक डालर है। उसका इलाहाबाद, यूपी के कई शहरों से लेकर दिल्ली तक रैकेट चलता है। वह किसी भी विदेशी करेंसी को भारतीय रुपये में बदलवा देता है। पुलिस ने आफाक के घर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। उसके दो परिचितों को उठाया गया। उनसे पूछताछ हुई, लेकिन कोई भी आफाक के बारे में कुछ नहीं बता पाया। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर शिवमंगल सिंह ने बताया कि चांद के खिलाफ फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आफाक को वांटेड किया गया है। गिरोह में और भी कई लोग शामिल हैं। सरगना आफाक के पकड़े जाने के बाद और भी बड़े खुलासे होंगे।
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डर दिखाकर लोगों से लेते थे रुपये
इलाहाबाद। आफाक डालर अटाला में अपने घर से ही पूरा कारोबार करता है। उसकी नजर विदेश में रहने वाले ऐसे लोगों पर रहती थी, जो साल दो साल में यहां आते थे। ऐसे तमाम लोग होते हैं, जो एयरपोर्ट पर विदेशी मुद्रा शो नहीं करते थे, वे चोरी छिपे विदेशी मुद्रा को घर ले आते थे। आफाक ऐसे ही लोगों को डर दिखाकर करेंसी के मूल्य से काफी कम पैसों में उन्हें खरीद लेता। वह उनसे कहता कि अगर पुलिस ने पकड़ लिया तो जेल हो जाएगी। लोग उसकी बातों में आकर विदेशी मुद्रा उसे दे देते। आफाक डालर अपने साथ कई लोगों को जोड़ रखा था, जो दिल्ली में जाकर हवाला मार्केट में करेंसी बदल देता। पुलिस की माने तो आफाक पिछले कई सालों से यह धंधा कर रहा है।
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विदेशी करेंसी मिली
- सऊदी रियाल के पांच सौ के 231 नोट
- 50 यूरो के छह नोट, 10 यूरो के तीन नोट, पांच यूरो के दो नोट
- 20 कुवैती दीनार के दो नोट, दस कुवैती दीनार के नौ नोट
- 100 की नौ मलेशियन रिंगिट, 50 की चार मलेशियन रिंगिट, 20 की पांच मलेशियन रिंगिट, 10 की पांच मलेशियन रिंगिट