प्रयागराज : शहर का सुरक्षा कवच होगा मजबूत, आईसीसीसी से जुड़ेंगे बैंक व स्कूलों के कैमरे
शहर की सुरक्षा को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग ने इसका खाका प्रस्तुत किया। शहर के सुरक्षा कवच को और मजबूत करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे सभी कैमरों को आईसीसीसी से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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सीसीटीवी कैमरे का जाल और मजबूत होगा। स्कूल, होटल, रेस्टोरेंट, व्यावसायिक समेत अन्य प्रतिष्ठानों के कैमरे भी इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़ने जा रहे हैं। इसके लिए संस्थान व प्रतिष्ठान संचालकों से सहमति पत्र भरवाया जाएगा।
शहर की सुरक्षा को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग ने इसका खाका प्रस्तुत किया। शहर के सुरक्षा कवच को और मजबूत करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे सभी कैमरों को आईसीसीसी से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हालांकि इन संस्थानों व प्रतिष्ठानों की बाहरी दीवारों, मेन गेट, मुख्य मार्ग की तरफ लगे कैमरों से ही आईसीसीसी से निगरानी रखी जाएगी।
परिसर के भीतर लगे या आंतरिक परिसर को दिखाने वाले कैमरे आईसीसीसी से नहीं जुड़ेंगे। ऐसे में संस्थानों व प्रतिष्ठानों को भी बाहरी और आंतरिक कैमरों के डीवीआर-एनवीआर अलग-अलग करने होंगे। एनवीआर का अलग से यूजर नेम, पासवर्ड आदि विवरण देना होगा और उन्हीं को सेंटर से जोड़ा जाएगा, जिससे बाहरी फेस वाले कैमरे ही जोड़े जाएं।
नगर आयुक्त ने बताया कि प्रतिष्ठानों से सहमति पत्र भरवाया जाएगा। इसके साथ एक फॉर्म भी भरना होगा, जिसमें कैमरों का विवरण देना होगा। इसे लेकर डीएम संजय कुमार खत्री ने संबंधित विभागों को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
अफसरों से आज शाम तक मांगी गई रिपोर्ट
सीसीटीवी कैमरे वाले बैंकों, संस्थानों, प्रतिष्ठानों के बाबत संबंधित अफसरों से बृहस्पतिवार शाम तक रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी, जिला अग्रणी बैंक अधिकारी, डीआईएसओ, बीएसए, जिला आबकारी अधिकारी को लक्ष्य दिया गया।
सिर्फ अपराध नियंत्रण के लिए होगा उपयोग
संस्थानों, प्रतिष्ठानों के कैमरों में कैद वीडियो का उपयोग सिर्फ अपराध नियंत्रण में किया जाएगा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि वीडियो पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। किसी अन्य विभाग, संस्था व व्यक्ति के साथ इन्हें साझा नहीं किया जाएगा।