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चालाक बाघिन के लिए बदली रणनीति.. अब जाल बिछाकर लगाएंगे हांका
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- फोटो : demo photo
रबर फैक्टरी के कोयला और रबर प्लांट में लगाए गए चार वाईफाई कैमरे, आज से शुरू होगा अभियान
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फतेहगंज पश्चिमी। कई महीनों से चकमा दे रही बाघिन को पकड़ने के लिए अब विशेषज्ञों ने रणनीति में बदलाव किया है। विशेषज्ञों ने अब जाल बिछाने के बाद उसे बाहर निकालने के लिए हांका लगाने की योजना बनाई है। जाल में फंसते ही बाघिन को बेहोश कर दिया जाएगा। कोयला और रबर प्लांट में चार वाईफाई कैमरे भी लगा दिए गए हैं ताकि उसके वहां आते ही मोबाइल पर उसकी फुटेज दिख सके।
रबर फैक्टरी में मौजूद बाघिन की दस दिन से लोकेशन ट्रेस नहीं हो रही है लिहाजा अब बुधवार से विशेषज्ञों की टीम ने सर्च अभियान चलाने का फैसला लिया है। योजना के मुताबिक टीम रबर फैक्टरी के जंगल मेंबाघिन के चहलकदमी वाले इलाके में जाल लगाकर हांका लगाएगी। इस दौरान यदि बाघिन दिखी तो उसे ट्रैंक्युलाइज कर दिया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों ने सारी तैयारी कर ली हैं। बुधवार सुबह टीम रबर फैक्टरी के जंगल में पहुंच जाएगी। विशेषज्ञ डॉ. दयाशंकर ने पिंजड़े बने कमरों के पास चार वाईफाई कैमरे भी लगाए हैं ताकि उसकी लोकेशन मोबाइल पर देखी जा सके।
डीएफओ भरतलाल ने बताया कि बाघिन की लोकेशन दसवें दिन भी ट्रेस नहीं होने के कारण चिंता हो रही है, इसलिए बुधवार को रबर फैक्ट्री के जंगल में बाघिन को घनी झाड़ियों और बिल्डिंग से बाहर निकालने के लिए एक सीमित क्षेत्र में जाल लगाने के बाद हांका लगाया जाएगा। अगर बाघिन बाहर आई तो उसे विशेषज्ञ बेहोश कर देंगे।
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रबर फैक्टरी में मौजूद बाघिन की दस दिन से लोकेशन ट्रेस नहीं हो रही है लिहाजा अब बुधवार से विशेषज्ञों की टीम ने सर्च अभियान चलाने का फैसला लिया है। योजना के मुताबिक टीम रबर फैक्टरी के जंगल मेंबाघिन के चहलकदमी वाले इलाके में जाल लगाकर हांका लगाएगी। इस दौरान यदि बाघिन दिखी तो उसे ट्रैंक्युलाइज कर दिया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों ने सारी तैयारी कर ली हैं। बुधवार सुबह टीम रबर फैक्टरी के जंगल में पहुंच जाएगी। विशेषज्ञ डॉ. दयाशंकर ने पिंजड़े बने कमरों के पास चार वाईफाई कैमरे भी लगाए हैं ताकि उसकी लोकेशन मोबाइल पर देखी जा सके।
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डीएफओ भरतलाल ने बताया कि बाघिन की लोकेशन दसवें दिन भी ट्रेस नहीं होने के कारण चिंता हो रही है, इसलिए बुधवार को रबर फैक्ट्री के जंगल में बाघिन को घनी झाड़ियों और बिल्डिंग से बाहर निकालने के लिए एक सीमित क्षेत्र में जाल लगाने के बाद हांका लगाया जाएगा। अगर बाघिन बाहर आई तो उसे विशेषज्ञ बेहोश कर देंगे।
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