{"_id":"81fa32048afd18d7cdb7ef56d3a26107","slug":"chairman-of-the-commission-for-the-performance-of-the-housing-evacuation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयोग अध्यक्ष का आवास खाली कराने के लिए प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयोग अध्यक्ष का आवास खाली कराने के लिए प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 01 Nov 2015 01:56 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर असमंजस बरकरार रहने तथा आवास में अनिल यादव का कब्जा होने के खिलाफ प्रतियोगियों में जबरदस्त रोष है। नाराज प्रतियोगियों ने शनिवार को अध्यक्ष के आवास पर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि अनिल यादव की नियुक्ति हाईकोर्ट ने रद्द कर दी है। इसलिए आवास खाली कराने के साथ उनका नाम हर जगह से हटाया जाना चाहिए। सोमवार को उनकी ओर से आयोग में मांग के समर्थन में ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
हाईकोर्ट ने 14 अक्तूबर के आदेश में अध्यक्ष पद पर अनिल यादव की नियुक्ति रद्द कर दी है। इसके बावजूद अभी तक नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में अनिल यादव आयोग में अब भी अध्यक्ष बने हुए हैं। इसके खिलाफ प्रतियोगियों की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही हैं। शनिवार को उन्होंने आयोग अध्यक्ष के आवास पर प्रदर्शन भी किया। उनका कहना था कि जब अनिल यादव अध्यक्ष नहीं हैं तो उनके नाम पर आवास कैसे आवंटित है। वे आयोग की वेबसाइट तथा अन्य जगहों से भी अनिल यादव का नाम हटाने की मांग कर रहे थे। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के कौशल सिंह, छात्र नेता अमरेंदू सिंह आदि का कहना था कि यदि मांग नहीं मानी गई तो वे तेज आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने 14 अक्तूबर के आदेश में अध्यक्ष पद पर अनिल यादव की नियुक्ति रद्द कर दी है। इसके बावजूद अभी तक नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में अनिल यादव आयोग में अब भी अध्यक्ष बने हुए हैं। इसके खिलाफ प्रतियोगियों की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही हैं। शनिवार को उन्होंने आयोग अध्यक्ष के आवास पर प्रदर्शन भी किया। उनका कहना था कि जब अनिल यादव अध्यक्ष नहीं हैं तो उनके नाम पर आवास कैसे आवंटित है। वे आयोग की वेबसाइट तथा अन्य जगहों से भी अनिल यादव का नाम हटाने की मांग कर रहे थे। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के कौशल सिंह, छात्र नेता अमरेंदू सिंह आदि का कहना था कि यदि मांग नहीं मानी गई तो वे तेज आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन