CBSE Results : आईआईटी से बीटेक करना है स्वास्ति का लक्ष्य, आईएएस बनना चाहती हैं सुप्रिया सिंह
माता-पिता भी बेटी की उपलब्धि पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। स्वास्ति ने बताया कि उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी करके परीक्षा दी थी। यह तो पता था कि नंबर अच्छे आएंगे लेकिन यह नहीं पता था कि टॉपर रहूंगी।
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सीबीएसई दसवीं के परिणाम में जिला में टॉप करने वाली स्वास्ति का लक्ष्य इंटर मैथ से करने के बाद आईआईटी से बीटेक करना है। आर्मी पब्लिक स्कूल ओल्ड कैंट में पढ़ने वाली स्वास्ति के पिता राजेश यादव सेना में सूबेदार मेजर हैं। मां जूनियर हाईस्कूल मानधाता, प्रतापगढ़ में विज्ञान शिक्षक हैं। स्वास्ति को शुक्रवार दोपहर बाद स्कूल से परिणाम जारी होने और टॉप करने की जानकारी हुई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
माता-पिता भी बेटी की उपलब्धि पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। स्वास्ति ने बताया कि उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी करके परीक्षा दी थी। यह तो पता था कि नंबर अच्छे आएंगे लेकिन यह नहीं पता था कि टॉपर रहूंगी। वह स्कूल के अलावा हर दिन चार से पांच घंटे जरूर पढ़ती रहीं। बताती हैं कि स्कूल में पढ़ाए जाने वाले पाठ को वह पहले ही पढ़ कर जाती थीं। इसके अलावा घर पर स्कूल में पढ़ाए हुए पाठ को जरूर दोहराती थीं। स्वास्ति का बड़ा भाई दिल्ली से बीटेक कर रहा है। भाई ने भी हाईस्कूल और इंटर में स्कूल में टॉप किया था।
आईएएस बनना चाहती हैं सुप्रिया सिंह
प्रयागराज। सीबीएसई के 12 वीं के परिणाम में आर्मी स्कूल न्यू कैंट की सुप्रिया सिंह ने पांच सौ में से 495 अंक प्राप्त किए हैं। वह जिले की टॉपर बनी हैं। तीन बहनों में दूसरे नंबर की सुप्रिया हाईस्कूल की परीक्षा में भी 98 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉपर रही थीं। धूमनगंज में सैनिक कॉलोनी प्रीतमनगर की रहने वाली सुप्रिया के पिता नगीना सिंह एयरपोर्ट पर इंटीग्रेटेड फाइनेंसियल एडवाइजर हैं। मां सुधा सिंह गृहणी हैं। बड़ी बहन बीएड करके शिक्षक परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।
छोटी बहन आर्मी स्कूल में कक्षा सात की छात्रा है। सुप्रिया ने बताया कि बीए ऑनर्स इतिहास से करने के बाद यूपीएससी की तैयारी करेंगी। उनका लक्ष्य आईएएस अफसर बनकर देश और समाज की सेवा करना है। सुप्रिया ने बताया कि वह हर दिन स्कूल के बाद कम से कम पांच घंटे पढ़ाई करती हैं। कहती हैं, परिश्रम करने पर सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।