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बढ़ीं मुश्किलें : दुष्कर्म के मामले में निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर पर दर्ज केस की फिर होगी विवेचना

Sat, 09 Apr 2022 09:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 09 Apr 2022 09:50 PM IST
सार

कर्नलगंज निवासी युवती ने असिस्टेंट प्रोफेसेर मदन पर 2019 में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में तो उसे जमानत मिल गई थी लेकिन अपने मुकदमे के गवाह को फर्जी तरीके से जेल भेजवाने में दर्ज मुकदमे में उसे कुछ महीनों पहले दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

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Case registered against suspended assistant professor in rape case will be discussed again
Prayagraj News : रेप पीड़िता। डेमो - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

सीएमपी के निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। जेल में बंद मदन और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना फिर से होगी। वादिनी ने इस मुकदमे में पुलिस की ओर से प्रेषित की गई अंतिम रिपोर्ट को चुनौती दी थी। जिसे स्वीकार कर कोर्ट ने पुनर्विवेचना का आदेश दिया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्द ही इस मामले की विवेचना नए सिरे से होगी।

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कर्नलगंज निवासी युवती ने असिस्टेंट प्रोफेसेर मदन पर 2019 में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में तो उसे जमानत मिल गई थी लेकिन अपने मुकदमे के गवाह को फर्जी तरीके से जेल भेजवाने में दर्ज मुकदमे में उसे कुछ महीनों पहले दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। दुष्कर्म का केस दर्ज कराने के कुछ महीनों बाद ही वादिनी ने मदन व उसके रिश्तेदारों समेत कर्नलगंज थाने में एक केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि मुकदमे में सुलह का दबाव बनाने के लिए उसे न सिर्फ धमकाया गया बल्कि जातिसूचक गालियां भी दी गईं।

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जल्द ही फिर दर्ज किए जाएंगे बयान

पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर वादिनी की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई थी और ऐसे में मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई थी। इस अंतिम रिपोर्ट को मुकदमा वादिनी की ओर से कोर्ट में चुनौती दी गई। जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए पुनर्विवेचना का आदेश दिया है। जिसके बाद अब मुकदमे की विवेचना फिर से की जाएगी। सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान ने बताया कि वादी, गवाह व आरोपियों का बयान जल्द ही फिर से दर्ज किया जाएगा।

इंस्पेक्टर की भूमिका की चल रही है जांच
गौरतलब है कि असिस्टेंट प्रोफेसर मदन को जिस मुकदमे में जेल भेजा गया है, उसमें हंडिया थाने के पूर्व प्रभारी इंस्पेक्टर बृजेश यादव का भी नाम शामिल है। फिलहाल मुकदमा दर्ज होने केबाद से लेकर अबतक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। अफसरों का कहना है कि मामले में उसकी संलिप्तता की जांच चल रही है। इस मामले में पूर्व सर्विलांस प्रभारी संजय सिंह यादव, तत्कालीन हंडिया इंस्पेक्टर बृजेश यादव व जार्जटाउन इंस्पेक्टर शिशुपाल शर्मा समेत आठ पुलिसकर्मी भी निलंबित किए जा चुके हैं।

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