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कोराबार ठप है कैसे दें वेतन, बैंक किस्त भी चुकानी है

Thu, 30 Apr 2020 11:57 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2020 11:57 PM IST
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business is stalled how to pay salary bank installment has to be paid
कोरोना वायरस की वजह से पिछले माह 22 मार्च से चल रही बंदी के बृहस्पतिवार 30 अप्रैल को 40 दिन पूरे हो गए। आवश्यक सेवाओं के अलावा शहर का अन्य कारोबार बंद होने की वजह से कारोबारी खासे परेशान हैं। कारोबारियों का कहना है कि उनकी बड़ी चिंता है कि ठप कारोबार से वह अपने कर्मचारियों का वेतन, बिजली का बिल, बैंक का ब्याज एवं अन्य भुगतानों का जुगाड़ कैसे करेंगे। वहीं, व्यापारिक संगठनों ने कहा कि इतनी लंबी अवधि तक चलने वाली बंदी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। सरकार को चाहिए कि वह तत्काल कारोबारियों को आर्थिक पैकेज मुहैया कराए।
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पिछले माह 22 मार्च को लगे जनता कर्फ्यू के बाद से ही शहर का बाजार बंद है और आवश्यक वस्तुओं की ही दुकानें खुली हुई हैं। यानी कि इन 40 दिनों से शहर के सभी होटल, रेस्टोरेंट, कपड़ा, ऑटो मोबाइल, फुटवियर, इलेक्ट्रानिक्स, ज्वैलरी शोरूम, हाईवेयर, सीमेंट आदि की सभी दुकानें एवं शोरूम बंद हैं। इन 40 दिनों के दौरान ही कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के नुकसान का अनुमान सिर्फ प्रयागराज में ही लगाया है। लगातार दुकानें, शोरूम आदि बंद होने से कारोबारी खासे परेशान हैं। प्रयागराज जिले में औसतन एक दिन में 1़10 से 130 करोड़ तक का कारोबार होता है। प्रयाग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष मोहम्मद कादिर कहते हैं कि बीते माह 22 मार्च से लॉकडाउन होने से व्यापारियों को अब तक काफी नुकसान हो चुका है। अब भी तय नहीं है कि लॉक डाउन तीन मई के बाद बढ़ेगा या नहीं। अगर बढ़ता है तो निश्चित ही कारोबारियों के आने वाला समय बेहद कष्टकारी हो सकता है। हालांकि जब पूरी दुनिया में जब इस बीमारी का प्रकोप है तो सरकार ने लोगों की जान बचाने के लिए और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए लॉक डाउन कर रखा है। लॉक डाउन खत्म होने के इंतजार के अलावा और कुछ नहीं किया जा सकता।
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आर्थिक पैकेज की ओर देख रहे हैं व्यापारी
0 बाजार बंद होने के बाद व्यापारियों को अब उम्मीद है कि केंद्र सरकार शायद उनके लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा कर दे। कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल का कहना है कि पिछले दिनों कैट के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पीएम और वित्त मंत्री से देश भर के व्यापारिक समुदाय के लिए एक आर्थिक पैकेज की मांग मजबूती से उठाई है। देश भर में व्यापारी वर्ग ही ऐसा है जो कोरोना से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सरकार ने अर्थव्यवस्था के लिए जब अन्य वर्ग के लिए कई पैकेजों की घोषणा की है तो वही व्यापारियों के लिए भी आर्थिक पैैकेज की घोषणा करे।
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पांच करोड़ से कम टर्न ओवर वालों को मिले तत्काल मदद
0 सिविल लाइंस व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा ने कहा कि 40 दिन की बंदी ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। खास तौर से मध्यम वर्ग वाले कारोबारी इससे काफी परेशान हैं। वह मदद मांगने में भी कतराता है। ऐसे व्यापारियों को सरकार तत्काल राहत पैकेज दें। कम से कम ऐसे व्यापारी जिनका वार्षिक टर्न ओवर पांच करोड़ रुपये से कम है, उन्हें जरूर सरकार आर्थिक पैकेज दे। व्यापारी वर्ग लॉक डाउन का विरोध नहीं कर रहा लेकिन वह सरकार से इतनी राहत जरूर चाहता है कि उसकी ओर ध्यान दिया जाए। कर्मचारियों का वेतन, बैंक की किश्त आदि खर्च व्यापारी कैसे पूरा करे।
कहां कितना अनुमानित नुकसान -
होटल एवं रेस्टोरेंट 250 करोड़
गारमेंट्स एवं फुटवियर 550 करोड़
ट्रांसपोर्ट 700 करोड़
एफएमसीजी 600 करोड़
इलेक्ट्रानिक्स एंड इलेक्ट्रकल 300 करोड़
मोबाइल, लैपटाप 150 करोड़
ज्वैलरी 1500 करोड़
ऑटोमोबाइल एंड स्पेयर पार्टस 700 करोड़
अन्य 450 करोड़
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