तीर्थराज प्रयाग का कुंभ मेला की शुरुआत 15 जनवरी से हो गयी है। पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ ही मेला पूरी तरह सज चुका है। सब अपनी साधना, आराधना में सम्पूर्ण निष्ठा के साथ लगे हुए हैं। साधु-महात्मा जहां लोगों को सत्य अहिंसा के रास्ते पर चलने का उपदेश दे रहे हैं वहीं कुछ और लोग भी हैं जो लोगों को अलग-अलग तरह से जागरुक कर रहे हैं।
मेले में ही नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक किया जा रहा है। गंदगी से होने वाली बीमारियों से कैसे खुद को बचाया जाए साथ ही अपने आसपास कैसे साफ रखा जाए ये सभी बातें बड़ी ही आसानी से लोगों को नाटक के जरिए बताया जा रहा है। 5-6 की संख्या में यह ग्रुप बहुत ही सरल शब्दों में बेहतरीन संदेश लोगों तक पहुंचा रहा है।
गंगा स्नान करने आ रहे ग्रामीण आँचल के लोग बड़ी संख्या में रुककर इनको देख रहे हैं साथ ही इनके कामों की तारीफ करते हुए तालियां भी बजा रहे हैं। मेले में ही एक और दल निःस्वार्थ भाव से दूर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं की मदद कर रहा है। भारत स्काउट और गाइड की टीम गंगा घाटो पर खड़े होकर असहाय, बुजुर्गों की मदद कर रहे हैं। गंगा में अगर कोई साबुन, शैम्पू लगाता है तो उसे ये लोग समझाते हैं।
अगर कहीं भीड़ ज्यादा हो जाती है तो ये पुलिस के साथ लगकर भीड़ नियंत्रित करते हैं। कोई अव्यवस्था देखने पर ये उसे सही कर देते हैं। इस टीम में बिहार, उड़ीसा, दिल्ली समेत 11 राज्यों के लोग शामिल हैं जो बिना किसी सरकारी आर्थिक मदद के अगले एक महीने पूरा संगम पर लोगों की मदद करते रहेंगे।
हमारे "भव्य कुंभ, दिव्य कुंभ" की परिकल्पना को सम्पूर्ण बनाने में इन लोगों का भी बेहतरीन सहयोग है। ऐसे ही और भी कई संगठन मेले में बड़ी ही सक्रियता के साथ लोगों को मदद कर रहे हैं।