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Prayagraj : लखीमपुर खीरी में शहीद किसानों की अस्थियां प्रयागराज संगम में विसर्जित

Sun, 24 Oct 2021 05:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 24 Oct 2021 05:12 PM IST
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Ashes of martyred farmers immersed in Prayagraj Sangam in Lakhimpur Kheri
अस्थि विसर्जन (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया।
लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलन के दौरान गाड़ी चढ़ने से अकाल मृत्यु के शिकार हुए चार किसान और पत्रकार की अस्थियां संगम में प्रवाहित की गईं। इस दौरान संगम तट पर काफी गहमा गहमी रही। विसर्जन के लिए आए किसानों ने किसान नेताओं ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने की मांग की।
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प्रयागराज संगम में संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा तीन अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की गाड़ी से कथित तौर हुए हादसे में चार किसान सहित एक पत्रकार की मौत हो गई थी। उन शहीद किसानों की अस्थियों को रविवार को श्रद्धांजलि सभा के बाद संगम में विसर्जित किया गया।
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दिन में 12 बजे लेटे हनुमान मंदिर के पास सैकड़ों किसान अस्थिकलश के साथ इकट्ठे हुए। शहीद किसानों सहित शहीद पत्रकार की तस्वीरों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से कोविड दिशा निर्देश का पालन करते हुए शहीद किसान अमर रहे के नारों के साथ संगम वीआईपी घाट पर पहुंचकर शहीद किसानों की अस्थिकलश को ऱखकर श्रद्धांजलि सभा की गई।
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श्रद्धांजलि सभा को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए किसानों ने कहा कि जब शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से 11 महीनों से नई दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन को जब दबा नहीं पा रही है तो अब हिंसक रास्ते पर चलते हुए केंद्र सरकार के मंत्री के बेटे गाड़ियों से कुचलकर किसानों की निर्ममता पूर्वक हत्या कर रहे है। मोदी -योगी की सरकार अब संविधान और लोकतंत्र को धीरे धीरे खत्म करती जा रही है।

किसानों की शहादत की भावना ही योगी-मोदी की फांसीवादी तानाशाही निजाम को खत्म कर देगी। किसानों का आंदोलन तीनों काले कानून के खिलाफ तो है ही  साथ ही साथ निजीकरण/निगमीकरण के खिलाफ मेहनतकश आम अवाम की रोजी रोटी बचाने का भी संघर्ष है। यदि तीनों काले कृषि कानून और बिजिली संसोधन 2021 कानून लागू हो जायएगा तो देश पुनः सरमायेदारों का गुलाम हो जाएगा। इसलिए हम लोग किसानों के साथ मजदूरों- छात्रों- नौजवानों की एकता बनाकर संवैधानिक लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए शहादत देते हुए लगातार संघर्ष कर रहे है तीनों काले कृषि कानून वापस हो, बिजिली बिल 2021 वापस हो, एमएसपी लिखित गारंटी हो। 


संयुक्त किसान मोर्चा के अस्थिविसर्जन और श्रद्धांजलि सभा मे मुख्य रूप राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा डॉ आशीष मित्तल, डॉ कमल उसरी, सालिगराम यादव, अविनाश मिश्रा, राम अभिलाष यादव, भूपेंद्र पांडेय, राजू कुशवाहा, संजय यादव, मनीष सिन्हा, राजकुमार पथिक, विनोद निषाद, शांति देवी, स्वाति गांगुली, अखिल विकल्प, सुनील मौर्य, त्रिलोकी पटेल, सेहुड़ा ग्राम प्रधान रज्जन कोल, लाल निषाद, मुन्नी लाल यादव, प्रदीप ओबामा, जन कवि मोहन लाल यादव इत्यादि लोग शामिल रहें, श्रद्धांजलि सभा के बाद दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अस्थिविसर्जन किया गया। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता सालिगराम यादव व संचालन डॉ कमल उसरी ने किया।
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