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Allahabad University : जहां लगती थीं कतारें, वहां अब बुलाकर दे रहे प्रवेश, सीटें भरने के लिए नियम दरकिनार

Sun, 15 Oct 2023 05:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 15 Oct 2023 05:35 PM IST
सार

इलाहाबाद डिग्री कॉलेज (एडीसी) के प्राचार्य प्रो. अतुल कुमार सिंह के अनुसार जो अभ्यर्थी सीयूईटी में शामिल हुए थे, लेकिन इविवि में अपना पंजीकरण नहीं कराया, वे प्रवेश के लिए कॉलेज की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा लें।

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Allahabad University: Where there used to be queues, now admissions are being given by calling
इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के जिन कॉलेजों में कभी दाखिले के लिए लंबी कतारें लगतीं थीं, वहां अभ्यर्थियाें को अब बुलाकर प्रवेश दिए जा रहे हैं। कई काॅलेजों ने तो ऐसे अभ्यर्थियों को भी दाखिला देना शुरू कर दिया है, जो सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) में शामिल ही नहीं हुए। कॉलेजों में दशकों बाद प्रवेश की स्थित इतनी खराब है।

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इलाहाबाद डिग्री कॉलेज (एडीसी) के प्राचार्य प्रो. अतुल कुमार सिंह के अनुसार जो अभ्यर्थी सीयूईटी में शामिल हुए थे, लेकिन इविवि में अपना पंजीकरण नहीं कराया, वे प्रवेश के लिए कॉलेज की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा लें। वहीं, जो अभ्यर्थी सीयूईटी में शामिल नहीं हुए थे, वे भी प्रवेश के लिए अपना पंजीकरण कॉलेज की वेबसाइट पर करा लें।
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वहीं, श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शुभा श्रीवास्तव के अनुसार जो अभ्यर्थी सीयूईटी में शामिल हुए या नहीं हुए, वे बीए, बीकॉम, बीएससी प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए 16 अक्तूबर को सुबह 11 से अपराह्न दो बजे के बीच महाविद्यालय में संपर्क करें। अभ्यर्थियों को ऑफलाइन प्रवेश दिए जाएंगे। राजर्षि टंडन गर्ल्स डिग्री कॉलेज और हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज में भी सीयूईटी में शामिल न होने वाली छात्राओं को प्रवेश दिए जाएंगे।

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इससे पूर्व कॉलेजों में सिर्फ उन्हीं अभ्यर्थियाें को प्रवेश दिए जा रहे थे, जो सीयूईटी में शामिल हुए थे और उन्होंने इविवि में अपना पंजीकरण कराया था। इस अनिवार्यता के कारण कॉलेजों को प्रवेश के लिए अभ्यर्थी नहीं मिले और आधी से अधिक सीटें खाली रह गईं। हालांकि, इस अनिवार्यता को समाप्त किए जाने के बाद भी प्रवेश की गति बहुत तेज नहीं हुई है, लेकिन कुछ सीटें भरने की उम्मीद जगी है।

इविवि में वर्ष 1986 से प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिले की प्रक्रिया शुरू हुई थी और इसी के बाद कॉलेजों में भी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिले होने लगे, लेकिन प्रवेश की स्थिति पिछले दो वर्षों से बिगड़ी है और उसी वक्त से सीयूईटी के माध्यम से दाखिले शुरू हुए हैं। सीयूईटी का परिणाम देर से आने के कारण इविवि और इसके संघटक कॉलेजों में सत्र लगातार पिछड़ रहा है।

अगर यही हालात रहे तो अगले साल भी कॉलेजों को इसी समस्या से जूझना पड़ सकता है। यही वजह है कि पिछले दिनों हुई इविवि की एकेडमिक काउंसलिंग की बैठक में यहां तक चर्चा हो गई कि इविवि एवं संघटक कॉलेजों में अगले साल से सीयूईटी के माध्यम से स्नातक में दाखिले लिए जाएं या विश्वविद्यालय पूर्व की भांति अपने स्तर से प्रवेश परीक्षा कराए। हालांकि, इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

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