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Allahabad High Court : हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में ग्रेच्युटी भुगतान का दिया आदेश, आदेश का पालन न होने पर देना होगा 18 फीसदी ब्याज
Sun, 15 May 2022 11:46 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 15 May 2022 11:46 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने शवाब हैदर जैदी व दस अन्य की अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है। बताया कि याची की पत्नी बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत थीं, जिनकी मृत्यु सेवाकाल में हो गई थी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हाईकोर्ट ने दिवंगत सहायक अध्यापकों की ग्रेच्युटी सहित सभी भुगतान चार सप्ताह में करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि तय समय मे भुगतान न करने 18 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज भी देना पड़ेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने शवाब हैदर जैदी व दस अन्य की अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है। बताया कि याची की पत्नी बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत थीं, जिनकी मृत्यु सेवाकाल में हो गई थी।
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मृत्यु के बाद उनके समस्त देयकों का भुगतान कर दिया गया लेकिन ग्रेच्युटी का भुगतान यह कह कर नहीं किया गया कि उन्होंने विकल्प का चयन नहीं किया है। इस पर ग्रेच्युटी भुगतान के लिए याचिका की गई, जिसे एकल पीठ ने ऊषारानी केस के आधार पर निस्तारित करते हुए दो माह आठ प्रतिशत ब्याज सहित ग्रेच्युटी का भुगतान करने का आदेश दिया।
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विभाग ने इस आदेश के विरुद्ध विशेष अपील दाखिल की, जो खारिज हो गई। उसके बाद भी भुगतान न होने पर अवमानना याचिका की गई तो सरकार ने ऊषारानी केस के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका लंबित होने पर भुगतान नहीं किया।
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बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की याचिका खारिज कर दी और राज्य सरकार को चार सप्ताह में भुगतान का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा चार सप्ताह में भुगतान न होने पर 18 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के हवाले से सभी 11 याचियों को ग्रेच्युटी सहित सभी भुगतान चार सप्ताह में करने का निर्देश दिया।