फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Advocates agitation continues, will abstain from judicial work even today About hapur Incident

हापुड़ लाठीचार्ज मामला : अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी, आज भी न्यायिक कार्य से रहे विरत

Wed, 13 Sep 2023 01:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 13 Sep 2023 01:21 PM IST
सार

देर रात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में इस निर्णय के बाद अधिवक्ताओं ने कामकाज ठप रखा और हाईकोर्ट हनुमान मंदिर के पास पुल के नीचे धरने पर बैठे रहे। यहां पर आमरण अनशन भी चल रहा है। इसके समर्थन में बड़ी संख्या में वकील जुटे और अपनी आवाज बुलंद की।

विज्ञापन
Advocates agitation continues, will abstain from judicial work even today About hapur Incident
हाईकोर्ट के पुल के नीचे धरना और सभा करते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट, राजस्व परिषद बार एसोसिएशन, कैट सहित अन्य न्यायिक संस्थानों में बुधवार को भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। देर रात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में इस निर्णय के बाद अधिवक्ताओं ने कामकाज ठप रखा और हाईकोर्ट हनुमान मंदिर के पास पुल के नीचे धरने पर बैठे रहे। यहां पर आमरण अनशन भी चल रहा है। इसके समर्थन में बड़ी संख्या में वकील जुटे और अपनी आवाज बुलंद की। वकीलों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती वह कामकाज नहीं करेंगे। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट पुल के नीचे अधिवक्ताओं ने सभा कर प्रदेश सरकार पर अधिवक्ताओं की आवाज न सुनने का आरोप लगाया। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव प्रशासन अभिषेक शुक्ल ने कहा कि सरकार अधिवक्ताओं की आवाज सुन नहीं रही है या सुनना ही नहीं चाहती है। अधिवक्ता राय साहब यादव ने कहा कि अंग्रेजों के बनाए कानून का इस्तेमाल कर पुलिस अधिवक्ताओं पर अत्याचार कर रही है। इसी कानून के तहत आजादी के पहले स्वतंत्रता सेनानियों पर लाठियां बरसाईं जाती थीं। अधिवक्ता कपिलदेव यादव ने कहा कि जब तक अधिवक्ताओं की मांग पूरी नहीं हो जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा।

विज्ञापन

बार काउंसिल ने दो दिन और बढ़ाया कार्य बहिष्कार का निर्णय

यूपी बार कौंसिल ने भी न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय दो दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इससे यूपी में फिलहाल, दो दिनों तक न्यायिक कार्य नहीं हो सकेंगे। इसके पहले यूपी बार एसोसिएशन के आह्वान पर हाईकोर्ट सहित अन्य न्यायिक संस्थानों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। हालांकि, हाईकोर्ट में और दिनों के मुकाबले न्यायिक कार्य से विरत रहने का असर कम देखने को मिला। अधिवक्ताओं के चैंबर नहीं खुले, लेकिन कुछ अदालतों ने देर तक बैठकर काम किया।

अदालतों का कामकाज रहा प्रभावित

 ज्यादातर मामलों में आदेश पारित नहीं हो सका। क्योंकि, प्रवेश द्वारों के बंद रहने से फाइलें अदालतों तक नहीं पहुंच सकीं। इसलिए ज्यादातर मामलों में सुनवाई की आगे कि तिथियां तय कर दी गईं। कुछ मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जारिये भी सुनवाई की गई, लेकिन फाइलों के न होने का असर रहा। मामले में सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक सिंह ने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बुधवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया था। इससे बुधवार को भी हाईकोर्ट में कामकाज नहीं हुआ।

राजस्व बार एसोसिएशन, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण सहित अन्य न्यायिक संस्थानों में भी कामकाज नहीं हुआ। दोनों बार एसोसिएशनों ने बुधवार को भी न्यायिक कार्य न करने का निर्णय लिया गया। यूपी बार कौंसिल के सदस्य और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं का आंदोलन अभी जारी रहेगा।

विज्ञापन

हापुड़ मामले पर यूपी भर के बार एसोसिएशनों का सम्मेलन प्रयागराज में 17 सितंबर को

हापुड़ लाठीचार्ज को लेकर 17 सितंबर को प्रदेश की सभी बार एसोसिएशन का सम्मेलन प्रयागराज में आयोजित किया गया है। इसमें अध्यक्ष या मंत्री अपना पक्ष लिखित तौर पर रखेंगे। उसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। यह सम्मेलन प्रयागराज में ही होगा। यह जानकारी बार कौंसिल के चेयरमैन शिव किशोर गौड़ ने दी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय कौंसिल के पदाधिकारियों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में लिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed