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कौशांबी में बच्चे कुपोषण का शिकार
Allahabad
Updated Thu, 25 Jul 2013 05:33 AM IST
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इलाहाबाद। कौशांबी जिले के तीन ब्लाकों में कुपोषण का शिकार बच्चों को बचाने के लिए विधि छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका की है। छात्रों ने इन ब्लाकों में शोध के बाद जुटाए गए आंकड़े न्यायालय के समक्ष रखे तथा स्थिति को सुधारने के लिए आदेश जारी करने की मांग की। याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश शिवकीर्ति सिंह और न्यायमूर्ति विक्रमनाथ की खंडपीठ ने छात्रों को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा है कि वह समस्या के समाधान हेतु अपने सुझाव के साथ आएं ताकि इसका हल ढूंढा जा सके।
याचिका में कहा गया है कि तीन ब्लाकों में 404 ऐसे बच्चे मिले हैं जो कुपोषण का शिकार हैं। पिछले दिनों इनमें से छह बच्चों की मौत हो गई। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन की व्यवस्था है मगर योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होने तथा कार्यकत्रियों द्वारा दिलचस्पी न लेने से इसका लाभ सही लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी प्रकार से मनरेगा योजना में भारी घोटाला होने के कारण जरूरतमंद लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
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याचिका में कहा गया है कि तीन ब्लाकों में 404 ऐसे बच्चे मिले हैं जो कुपोषण का शिकार हैं। पिछले दिनों इनमें से छह बच्चों की मौत हो गई। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन की व्यवस्था है मगर योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होने तथा कार्यकत्रियों द्वारा दिलचस्पी न लेने से इसका लाभ सही लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी प्रकार से मनरेगा योजना में भारी घोटाला होने के कारण जरूरतमंद लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
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