प्रयागराज : कतवारूपुर में एक साल बाद फिर दिखा तेंदुआ, सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीर; ग्रामीणों में दहशत
प्रयागराज के सराय इनायत थाना क्षेत्र के कतवारूपुर गांव में मंगलवार रात करीब एक साल बाद फिर तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। खेत से नाले की ओर जाते तेंदुए की तस्वीर अधिवक्ता के घर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
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सराय इनायत थाना क्षेत्र के कतवारूपुर गांव में मंगलवार रात करीब एक साल बाद फिर तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। खेत से नाले की ओर जाता तेंदुआ एक अधिवक्ता के घर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मौके पर जांच-पड़ताल की और ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा।
मंगलवार रात करीब 11 बजे गांव निवासी अधिवक्ता संदीप यादव और महेंद्र यादव खेतों में मवेशियों को देखने के लिए टहल रहे थे। इसी दौरान खेत में हलचल दिखाई दी। संदीप ने टॉर्च जलाकर देखा तो तेंदुआ खेत से निकलकर अधिवक्ता संजय यादव के घर के बगल स्थित बांस के झुरमुट में घुस गया।
गांव में तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग हाथों में भाला, लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। हालांकि, लोगों की हलचल के बीच तेंदुआ बांस के झुरमुट से निकलकर नाले में उगी झाड़ियों में गायब हो गया।बुधवार सुबह संजय यादव के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की गई तो उसमें तेंदुआ भागता हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ की। वन कर्मियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहले भी कई गांवों में दिखा था तेंदुआ
इससे पहले पिछले वर्ष नौ अगस्त को कछार से निकलकर तेंदुआ क्षेत्र के धनैचा मलखानपुर गांव में धान के खेत में बैठा दिखाई दिया था। ग्रामीणों के पहुंचने पर वह भागकर पास के ज्वार के खेत में घुस गया था। वन विभाग की टीम ने जाल लगाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन तेंदुआ गांव के युवक राजेंद्र को घायल कर दूसरे खेत में भाग गया था। दो दिन बाद सुदनीपुर कला गांव में तेंदुए ने तालाब के किनारे चारा खा रहे बकरी के बच्चे का शिकार किया था। ग्रामीणों के पहुंचने पर वह बच्चे को छोड़कर झाड़ियों में गुम हो गया था।
तेंदुए का रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग के आला अधिकारी जुट गए थे। रेस्क्यू के लिए कानपुर से एक्सपर्ट भी बुलाए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ दिन बाद जमुनीपुर गांव में धान के खेत में बैठे तेंदुए ने शौच के लिए गए एक युवक को घायल कर दिया था और खेत में भाग गया था।
कई महीने तक क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना रहा यह तेंदुआ आठ जनवरी को झूंसी थाना क्षेत्र के छिबैयां गांव में तीन लोगों को घायल करने के बाद गांव निवासी रतन सिंह के मकान में घुस गया था। वन विभाग की टीम ने उसे ट्रैंक्विलाइज कर रेस्क्यू किया था और बाद में चित्रकूट के जंगल में छोड़ दिया था।
अगस्त 2025 से सितंबर 2026 तक इन इलाकों में दिखा
प्रयागराज के गंगापार इलाके में तेंदुए की मौजूदगी ने कई बार ग्रामीणों को दहशत में डाला। अगस्त 2025 में तेंदुआ सबसे पहले झूंसी के पास दिखाई दिया था। इसके बाद वह सरायइनायत थाना क्षेत्र के धनैचा-मलखानपुर, सुदनीपुर कला और आसपास के गांवों में लगातार दिखाई देता रहा। बाद में जमुनीपुर और अन्य इलाकों में भी उसकी गतिविधियां सामने आईं। आठ जनवरी 2026 को झूंसी क्षेत्र के छिबैयां गांव में तेंदुआ पकड़ा गया था। अब करीब आठ महीने बाद सरायइनायत के कतवारूपुर गांव में मंगलवार रात एक बार फिर तेंदुआ दिखाई दिया और उसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।
तेंदुए की गतिविधियों का घटनाक्रम
5 अगस्त 2025 के आसपास: बाढ़ के दौरान झूंसी के पास तेंदुआ दिखाई दिया था। ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह पेड़ पर चढ़ गया था। इसके बाद वन विभाग उसकी तलाश में जुट गया था।
9 अगस्त 2025: सरायइनायत थाना क्षेत्र के धनैचा-मलखानपुर गांव में तेंदुआ धान और बाजरे के खेतों में दिखाई दिया। वन विभाग ने उसकी घेराबंदी की, लेकिन वह एक ग्रामीण को घायल कर दूसरे खेत में भाग गया।
11 अगस्त 2025: धनैचा-मलखानपुर से निकलकर तेंदुआ सुदनीपुर गांव पहुंच गया। यहां उसने बकरी के बच्चे पर हमला किया, लेकिन ग्रामीणों के शोर मचाने पर भाग निकला।
12 अगस्त 2025: सुदनीपुर कला में तेंदुए ने रैतारा तालाब के पास बकरी के बच्चे को दबोच लिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह बच्चे को छोड़कर झाड़ियों में भाग गया। वन विभाग ने इलाके में सर्च अभियान चलाया।
17 अगस्त 2025: सुदनीपुर कला में तेंदुआ फिर दिखाई दिया। उसने एक किसान को दौड़ा लिया और बाद में एक बछड़े पर हमला कर उसे घायल कर दिया।
3 सितंबर 2025: सुदनीपुर कला में तेंदुआ फिर दिखाई दिया। दिन में वह बच्चों से भरी स्कूल वैन के सामने आ गया, जबकि शाम को एक घर के सामने भी उसकी गतिविधि देखी गई। दोनों घटनाओं की तस्वीरें सीसीटीवी में कैद होने की बात सामने आई।
8 सितंबर 2025: सरायइनायत के जमुनीपुर गांव में तेंदुए ने धान के खेत में एक युवक पर हमला कर उसे घायल कर दिया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाश की और उसके पदचिह्न मिलने की बात कही।
8 जनवरी 2026: झूंसी क्षेत्र के छिबैयां गांव में तेंदुआ पहुंचा। वहां कई लोगों के घायल होने के बाद वह एक मकान में घुस गया था। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे पकड़ लिया था।
2 सितंबर 2026 की रात: करीब एक साल बाद सरायइनायत थाना क्षेत्र के कतवारूपुर गांव में फिर तेंदुआ दिखाई दिया। मंगलवार रात करीब 11 बजे खेत से नाले की ओर जाते तेंदुए को ग्रामीणों ने देखा। वह बांस के झुरमुट और फिर नाले की झाड़ियों की ओर चला गया। बुधवार सुबह मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने पर तेंदुआ उसमें भागता हुआ दिखाई दिया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ की और सतर्क रहने की अपील की।