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एबीवीपी को संगठन की कमजोरी न समझें वीसी
Updated Tue, 19 Sep 2017 09:23 PM IST
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संगठन की शालीनता को कमजोरी न समझें वीसी
0 छात्रों के निष्कासन पर एबीवीपी ने कुलपति पर साधा निशाना
0 लगाया आरोप, तैनाती के डेढ़ साल बाद भी पूरी तरह से नाकाम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अनुशासनहीनता के आरोप में सोमवार को पांच वर्ष के लिए विश्वविद्यालय से निष्कासित किए गए छह में से चार छात्र एबीवीपी के हैं। कुछ दिनों पहले भी इविवि प्रशासन ने तीन अन्य छात्रों को पांच वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था, जिनमें छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष रोहित मिश्र समेत दो छात्र एबीवीपी से जुड़े हैं। संगठन के लोगों पर लगातार कार्रवाई से भड़के एबीवीपी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा है कि कुलपति संगठन की शालीनता को कमजोरी न समझें।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के काशी प्रांत के संगठन मंत्री आलोक पांडेय ने कुलपति पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में सरकार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सरकार ने उन्हें पठन-पाठन का माहौल बेहतर बनाने, शैक्षणिक, वित्तीय एवं प्रशासनिक पारदर्शिता को स्थापित करने के लिए भेजा था लेकिन कुलपति इसमें पूरी तरह से नाकाम रहे। सरकार इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और आने वाले दिनों में सरकार इस मामले में कोई कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। छात्रों के निष्कासन एवं निलंबन पर आश्चर्य जताते हुए इस कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत बताया। छात्रसंघ चुनाव पर कहा कि जल्द ही संगठन विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में अलग-अलग पैनल समिति तैयार कर मानके आधार पर प्रत्याशियों का चयन करेगा। सोमवार को इलाहाबाद आए आलोक पांडेय ने काशी प्रांत के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रमेश गरिया, अंशुल विद्यार्थी, अनुराग त्रिपाठी, विक्रांत सिंह, शैलेंद्र मौर्य आदि के साथ विश्वविद्यालय की मौजूदा परिस्थितियों पर विचार-विमर्श भी किया।
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0 छात्रों के निष्कासन पर एबीवीपी ने कुलपति पर साधा निशाना
0 लगाया आरोप, तैनाती के डेढ़ साल बाद भी पूरी तरह से नाकाम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अनुशासनहीनता के आरोप में सोमवार को पांच वर्ष के लिए विश्वविद्यालय से निष्कासित किए गए छह में से चार छात्र एबीवीपी के हैं। कुछ दिनों पहले भी इविवि प्रशासन ने तीन अन्य छात्रों को पांच वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था, जिनमें छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष रोहित मिश्र समेत दो छात्र एबीवीपी से जुड़े हैं। संगठन के लोगों पर लगातार कार्रवाई से भड़के एबीवीपी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा है कि कुलपति संगठन की शालीनता को कमजोरी न समझें।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के काशी प्रांत के संगठन मंत्री आलोक पांडेय ने कुलपति पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में सरकार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सरकार ने उन्हें पठन-पाठन का माहौल बेहतर बनाने, शैक्षणिक, वित्तीय एवं प्रशासनिक पारदर्शिता को स्थापित करने के लिए भेजा था लेकिन कुलपति इसमें पूरी तरह से नाकाम रहे। सरकार इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और आने वाले दिनों में सरकार इस मामले में कोई कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। छात्रों के निष्कासन एवं निलंबन पर आश्चर्य जताते हुए इस कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत बताया। छात्रसंघ चुनाव पर कहा कि जल्द ही संगठन विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में अलग-अलग पैनल समिति तैयार कर मानके आधार पर प्रत्याशियों का चयन करेगा। सोमवार को इलाहाबाद आए आलोक पांडेय ने काशी प्रांत के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रमेश गरिया, अंशुल विद्यार्थी, अनुराग त्रिपाठी, विक्रांत सिंह, शैलेंद्र मौर्य आदि के साथ विश्वविद्यालय की मौजूदा परिस्थितियों पर विचार-विमर्श भी किया।
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