फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   69000 Teachers Recruitment- answer key released, objection on 142 question out of 150

69 हजार शिक्षक भर्ती की उत्तर कुंजी जारी, 150 प्रश्नों की परीक्षा, 142 पर उठाई आपत्ति

Sat, 12 Jan 2019 11:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 12 Jan 2019 11:07 AM IST
विज्ञापन
69000 Teachers Recruitment- answer key released, objection on 142 question out of 150

150 प्रश्नों वाली 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा के 142 प्रश्नों पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जता दी है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा की आठ जनवरी को उत्तर कुंजी जारी की गई थी। परीक्षार्थियों से 11 जनवरी को शाम छह बजे तक आपत्ति दाखिल करने को कहा गया था। अंतिम दिन शाम छह बजे तक 21 हजार अभ्यर्थियों ने कुल मिलाकर 142 प्रश्नों पर आपत्ति दाखिल की है। एक साथ 142 प्रश्नों पर आपत्ति के बाद अब सवाल यह उठता है कि क्या परीक्षा में मात्र आठ सवाल ही बिना विवाद वाले हैं? 

विज्ञापन


परीक्षार्थियों की ओर से इतने प्रश्नों पर आपत्ति को सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने हास्यास्पद बताया है। उनका कहना है कि यह ऐसे लोग हैं, जो परीक्षा में हर तरह से बाधा पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षार्थियों के कुछ ऐसे समूह सक्रिय हैं, जो कोर्ट में मात्र आपत्ति दाखिल करके भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। बताया, आपत्तियां मिल जाने के बाद अब इनके साथ मिले साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

विज्ञापन

 

इसके बाद 19 जनवरी को आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद संशोधित उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। सचिव ने बताया कि परीक्षार्थियों की ओर से उठाई गई आपत्ति में नौ प्रश्न ऐसे हैं, जिसपर एक हजार से अधिक आपत्ति आई हैं, शेष प्रश्नों पर गिनती की आपत्तियां हैं। जिन प्रश्नों के साथ ऑनलाइन साक्ष्य नहीं होंगे, उनको खारिज कर दिया जाएगा। सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में एक-दो अंक से बाहर हो रहे परीक्षार्थियों ने आपत्ति दाखिल होने के अंतिम दिन आधा दर्जन से अधिक प्रश्नों पर गंभीर आपत्ति जाहिर की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ प्रश्न पर जिन पर हुईं आपत्तियां 

सवाल- संविधान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे?
जवाब- परीक्षार्थियों का कहना है कि इस प्रश्न को सिविल जजों की नियुक्ति के लिए उत्तराखंड एवं बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पूछा गया था, इसमें दोनों आयोगों ने राजेंद्र प्रसाद को सही उत्तर माना था। परीक्षार्थियों ने सबूत के तौर पर परिषदीय विद्यालयों की किताब को साक्ष्य बनाया है। जबकि नियामक का मानना है कि सच्चिदानंद सिन्हा। 

सवाल- श्वास रंध्र का प्रयोग श्वास के तौर पर कौन करता है?
जवाब- परीक्षा नियामक इसका उत्तर तिलचट्टा मानते हैं, जबकि परीक्षार्थी कहते हैं कि शार्क तारपीडो जैसी मछलियां श्वास रंध्र का प्रयोग करती हैं। साक्ष्य के तौर परिषदीय विद्यालयों की पुस्तकों के साथ एनसीईआरटी की किताबों को प्रस्तुत किया गया है।

सवाल- भारत में गरीबी निर्धारण का पैमाना क्या है?
जवाब- छात्रों ने एनसीईआरटी की किताबों को आधार बनाते हुए वर्ल्ड बैंक, एशियाई बैंक को सही बताया है। 

सवाल- नाथ संप्रदाय के प्रवर्तक कौन थे ?
जवाब- परीक्षार्थियों ने परिषदीय विद्यालयों की पुस्तक को आधार बनाकर गोरखनाथ सही उत्तर बताया है, जबकि परीक्षा नियामक का कहना है कि इसका सही उत्तर मत्स्येंद्र नाथ हैं।

सचिव परीक्षा नियामक से नहीं मिल सके परीक्षार्थी, आंदोलन जारी
प्रयागराज। सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा निरस्त करने की मांग को लेकर परीक्षार्थियों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। परीक्षार्थियों की मांग थी कि सचिव परीक्षा नियामक उनकी बात सुनें। कार्यालय में मौजूद होने के बाद भी सचिव परीक्षार्थियों से मिलने को राजी नहीं हुए। सचिव परीक्षा नियामक अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि परीक्षार्थी गलत मांग कर रहे हैं, उनके पास पर्चा आउट होने का कोई साक्ष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी प्रश्नपत्र सामने आए हैं, वह सभी परीक्षा पूरी होने के बाद के हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed