फर्जीवाड़ा: प्रयागराज में 22 हजार, गाजियाबाद में जारी हुए 15 हजार विवाह प्रमाणपत्र, कोर्ट ने दिया जांच का आदेश
जांच में पता चला कि विभिन्न संस्थाओं के नाम से प्रदेश में सबसे ज्यादा मैरिज सर्टिफिकेट प्रयागराज और गाजियाबाद में जारी हुए। इनमें से नवविवाहित होने का दावा करने वाले कई प्रेमी जोड़ों में वधू की उम्र वर के मुकाबले काफी कम थी।
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सुरक्षा याचिका के लिए प्रेमी जोड़ों को जाली विवाह प्रमाणपत्र मुहैया कराने के खेल का भंडाफोड़ यूं ही नहीं हुआ। अकेले प्रयागराज से 22 हजार और गाजियाबाद से 15 हजार विवाह प्रमाणपत्र जारी होने की जानकारी पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर जांच का आदेश दिया, तब यह मामला सामने आया। प्रेमी जोड़ों की ओर से पेश किए गए विवाह प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन में पता चला कि इसके पीछे एक रैकेट का हाथ है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले प्रेमी जोड़ों की ओर से विवाहोपरांत सुरक्षा के लिए दायर की जाने वाली याचिकाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी।
जांच में पता चला कि विभिन्न संस्थाओं के नाम से प्रदेश में सबसे ज्यादा मैरिज सर्टिफिकेट प्रयागराज और गाजियाबाद में जारी हुए। इनमें से नवविवाहित होने का दावा करने वाले कई प्रेमी जोड़ों में वधू की उम्र वर के मुकाबले काफी कम थी।
कुछ के नाबालिग होने की भी बात सामने आई। इन्हीं तथ्याें को संज्ञान में लेकर हाईकोर्ट ने विवाह प्रमाणपत्रों की जांच व गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई का आदेश दिया था। इसके बाद अलग-अलग याचिकाओं के साथ पेश किए गए विवाह प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन कराया गया, तो यह फर्जी निकले।
आठ जिलों से संबंधित हैं आरोपी प्रेमी जोड़े
सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में दायर याचिका के साथ फर्जी विवाह प्रमाणपत्र लगाने के मामले में अब तक प्रयागराज में प्रदेश के आठ जनपदों के रहने वाले प्रेमी जोड़ों पर एफआईआर हो चुकी है। इनमें अमरोहा, बिजनौर, सुल्तानपुर, संभल, कुशीनगर, फिरोजाबाद, इटावा और बदायूं शामिल हैं। इसके अलावा एक प्रेमी जोड़ा मध्य प्रदेश के रीवा से संबंधित है जिसने याचिका में अपना वर्तमान पता प्रयागराज के यमुनानगर स्थित शंकरगढ़ थाना क्षेत्र को दर्शाया है।
इन संस्थाओं के नाम से जारी किए फर्जी विवाह प्रमाणपत्र
- आर्य समाज कृष्णा नगर (संबद्ध कार्यालय वेद मंदिर मधवा पट्टी खरकौनी नैनी)
- आर्य समाज मंदिर, कोतवाली चौक
- वैदिक विवाह एवं धार्मिक संस्कार केंद्र, पनासा, करछना
- आर्य समाज उलाऊखेड़ा, फिरोजाबाद
- आर्य समाज, वृंदावन मथुरा