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लाइसेंसी हथियार धारकों का सत्यापन शुरू

Thu, 30 Jul 2020 02:00 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 02:00 AM IST
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Verification of licence arms holders begins
कानपुर के कुख्यात विकास दुबे का एंकाउंटर तो हो गया। मगर, उस जैसे अपराधियों की कमर तोड़ने को पुलिस और प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। प्रशासन ने जिले में अपराधी किस्म के ऐसे लोगों की तलाश शुरू कर दी है, जिनके पास शस्त्र लाइसेंस है। ऐसे सभी शस्त्रधारकों का थानावार सत्यापन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
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कानपुर के विकास दुबे ने आठ पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में उसके नाम पर दो लाइसेंस शस्त्र मिले। इस पर सीएम योगी ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इस प्रकार के आपराधिक किस्म के लोगों को शस्त्र लाइसेंस न देने और जिनके पास हैं, उनके लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद से जिलाधिकारी ने पुलिस के माध्यम से जिले में मौजूद करीब 36600 शस्त्रधारकों का सत्यापन कराना शुरू कर दिया है।
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डीएम चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक थानावार हो रहे सत्यापन में लाइसेंस धारकों का पूरा रिकार्ड खंगाला जाएगा। इस रिकार्ड को पुलिस प्रशासन को भेजेगी, जिसके आधार पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
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जिले की कानून और शांति व्यवस्था को कायम करने के लिए बदमाशों को काबू में करना जरूरी है। साथ ही दो से अधिक लाइसेंसी शस्त्र रखने वालों का भी सत्यापन चल रहा है। उनको दिसंबर तक का समय दिया गया है, इस अवधि में वह दो के अलावा अन्य हथियारों को या तो सरेंडर कर दें या फिर लाइसेंस निरस्त कराते हुए शस्त्र बेच दें।
दर्जनों अपराधियों के पास हैं लाइसेंसी शस्त्र
जिले में 36600 लाइसेंसियों में से दर्जनों अपराधियों के पास शस्त्र लाइसेंस हैं। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हालांकि यह अपराधी कभी वारदात के समय अपने लाइसेंसी हथियारों का उपयोग नहीं करते हैं। यह हथियार वह सिर्फ जनता में अपना रौब दिखाने के लिए अपने पास रखते हैं।

90 प्रतिशत के पास मिलता है 315 बोर का तमंचा
हर रोज जिले के किसी न किसी थाने की पुलिस द्वारा अपराधियों को दबोचा जाता है। इनमें से 90 प्रतिशत के पास 315 बोर का तमंचा मिलता है। जिले की पुलिस भी 315 बोर के तमंचे और कारतूसों को देखकर हैरान है कि इतनी तादात में इन तमंचों और कारतूसों की सप्लाई जिले में कहां से हो रही है। 2019 में 31 दिसंबर की रात को कई तमंचा फैक्ट्रियों पर छापामारी कराकर सैंकड़ों की तादाद में तमंचे बरामद किए थे। लाइसेंस शस्त्र धारक ही किसी प्रकार के जोड़तोड़ करके कारतूस खरीद लेते हैं। इसके बाद वह उन कारतूसों को अपराधियों को बेचते हैं।
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