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अलीगढ़ में तीन तलाक के दो मामले सामने आए, एक को बोलकर दूसरे को रजिस्ट्री से
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तीन तलाक के विरोध में बेहद सख्त कानून बनने के बाद भी काली कुप्रथा जारी है। हाल ही में दो ऐसे मामले सामने आए हैं। पहले मामले में तीन तलाक बोल कर महिला को घर से निकाला गया तो दूसरे मामले में महीनों पहले घर से निकाली गई शिक्षिका को रजिस्ट्री के माध्यम से तीन तलाक लिख कर भेजा गया है।
रुखसार निवासी कस्बा चंडौस की 21 मई 2017 को रियासत पुत्र बाबू खां निवासी राजीव गार्डन लोनी से शादी हुई थी। दोनों वर्तमान में अलहदादपुर नींवरी देहलीगेट में रह रहे थे। बकौल रुखसार शादी में ढाई लाख रुपये खर्च हुए। कुछ दिनों बाद ही ससुराल में दहेज कम होने के साथ और एक लाख रुपये की मांग होने लगी। सास हसीना, ननद किश्वर, नंदोई इसरायल, देवर याकूब लगातार एक लाख रुपये मांगने लगे। इसको लेकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
पहली अगस्त सुबह दस बजे दहेज की मांग पूरी करने को लेकर ससुरालीजनों ने उसको गालीगलौज करते हुए मारापीटा। जान से मारने की नियत से रियासत ने उसकी गर्दन दबाई। इस बीच मोहल्ले वालों ने लड़ाई झगड़े का शोर सुन कर बीचबचाव किया। जिससे रुखसार की जान बच सकी। मोहल्ले वालों ने ही सुलह का दबाव बनाया तो उसकी मां को बुलवाया गया, लेकिन कोई समझौता होता इससे पहले तीन तलाक देकर पहने हुए कपड़ों में ही उसे घर से निकाल दिया गया। बकौल रुखसार रियासत की पहली पत्नी उसे इन्हीं वजहों से छोड़ कर चली गई थी। खुद दो बार दबाव बना कर उसके बच्चे को गर्भ में गिरवा दिया गया। वह थाना देहलीगेट गई, जहां पुलिस ने उसको टरका दिया। बुधवार को एसएसपी ने पूरा मामला सुन कर देहलीगेट थाने को तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
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- महिला रुखसार द्वारा दी गई तीन तलाक संबंधी शिकायत पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।-आकाश कुलहरि, एसएसपी
शिक्षिका को रजिस्ट्री से भेजा तीन तलाक
पढ़े लिखे समाज में भी तीन तलाक जारी है। दूसरी दर्द भरी कहानी अंजुम कमाल पुत्री सिकंदर अहमद निवासी नगला पटवारी बरौली रोड थाना क्वार्सी की है। अंजुम की शादी शहंशाहबाद निवासी परचून के थोक विक्रेता सलीम खां से शादी वर्ष 2005 में हुई। शादी के कुछ महीने बाद ही दहेज की मांग होने लगी। वो भी तब जब अंजुम सरकारी शिक्षिका हैं और उनको एक बेहतर तनख्वाह मिलती है। जिससे वह अपना और बच्चों का पूरा खर्च खुद ही उठा रहीं थीं। यही नहीं अंजुम ने इसी कमाई से अपना मकान भी बनवा लिया था।
वर्ष 2005 में शादी के बाद से 14 साल तक सब किसी तरह से निभता रहा। अंजुम के द्वारा 2016 में शहंशाहबाद में बनवाए गए मकान को लेकर सलीम बार-बार दबाव बना रहा था कि ये मकान उसके नाम करा दिया जाए। इसको लेकर मारपीट हुई तो दो मई 2018 को परेशानहाल अंजुम ने मारपीट का मुकदमा थाना क्वार्सी में दर्ज कराया। इसके बाद सलीम ने अंजुम को मारपीट कर मकान में कब्जा कर लिया।
उसको बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया। अब अंजुम अपनी बड़ी बेटी शदब खान ग्यारह वर्ष इससे छोटी सना मलिक साढ़े छह वर्ष और बेटे असद मलिक चार वर्ष के साथ मायके में रह रहीं हैं। मायके के पास ही अंजुम ने होम लोन लेकर एक दूसरा मकान लिया है। जिसमें वह बच्चों के साथ रहती हैं।रजिस्ट्री के माध्यम सलीम का तीन तलाक पत्र बुधवार को मिला है। जिसको लेकर अंजुम परेशान है। बकौल अंजुम वह गुरुवार को एसएसपी से मिल कर अपनी व्यथा सुनाएंगी। काबिल गौर है कि ये मामला उस महिला का है जो खुद सरकारी नौकरी में है और अपने पैरों पर खड़ी है।
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रुखसार निवासी कस्बा चंडौस की 21 मई 2017 को रियासत पुत्र बाबू खां निवासी राजीव गार्डन लोनी से शादी हुई थी। दोनों वर्तमान में अलहदादपुर नींवरी देहलीगेट में रह रहे थे। बकौल रुखसार शादी में ढाई लाख रुपये खर्च हुए। कुछ दिनों बाद ही ससुराल में दहेज कम होने के साथ और एक लाख रुपये की मांग होने लगी। सास हसीना, ननद किश्वर, नंदोई इसरायल, देवर याकूब लगातार एक लाख रुपये मांगने लगे। इसको लेकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
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पहली अगस्त सुबह दस बजे दहेज की मांग पूरी करने को लेकर ससुरालीजनों ने उसको गालीगलौज करते हुए मारापीटा। जान से मारने की नियत से रियासत ने उसकी गर्दन दबाई। इस बीच मोहल्ले वालों ने लड़ाई झगड़े का शोर सुन कर बीचबचाव किया। जिससे रुखसार की जान बच सकी। मोहल्ले वालों ने ही सुलह का दबाव बनाया तो उसकी मां को बुलवाया गया, लेकिन कोई समझौता होता इससे पहले तीन तलाक देकर पहने हुए कपड़ों में ही उसे घर से निकाल दिया गया। बकौल रुखसार रियासत की पहली पत्नी उसे इन्हीं वजहों से छोड़ कर चली गई थी। खुद दो बार दबाव बना कर उसके बच्चे को गर्भ में गिरवा दिया गया। वह थाना देहलीगेट गई, जहां पुलिस ने उसको टरका दिया। बुधवार को एसएसपी ने पूरा मामला सुन कर देहलीगेट थाने को तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
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- महिला रुखसार द्वारा दी गई तीन तलाक संबंधी शिकायत पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।-आकाश कुलहरि, एसएसपी
शिक्षिका को रजिस्ट्री से भेजा तीन तलाक
पढ़े लिखे समाज में भी तीन तलाक जारी है। दूसरी दर्द भरी कहानी अंजुम कमाल पुत्री सिकंदर अहमद निवासी नगला पटवारी बरौली रोड थाना क्वार्सी की है। अंजुम की शादी शहंशाहबाद निवासी परचून के थोक विक्रेता सलीम खां से शादी वर्ष 2005 में हुई। शादी के कुछ महीने बाद ही दहेज की मांग होने लगी। वो भी तब जब अंजुम सरकारी शिक्षिका हैं और उनको एक बेहतर तनख्वाह मिलती है। जिससे वह अपना और बच्चों का पूरा खर्च खुद ही उठा रहीं थीं। यही नहीं अंजुम ने इसी कमाई से अपना मकान भी बनवा लिया था।
वर्ष 2005 में शादी के बाद से 14 साल तक सब किसी तरह से निभता रहा। अंजुम के द्वारा 2016 में शहंशाहबाद में बनवाए गए मकान को लेकर सलीम बार-बार दबाव बना रहा था कि ये मकान उसके नाम करा दिया जाए। इसको लेकर मारपीट हुई तो दो मई 2018 को परेशानहाल अंजुम ने मारपीट का मुकदमा थाना क्वार्सी में दर्ज कराया। इसके बाद सलीम ने अंजुम को मारपीट कर मकान में कब्जा कर लिया।
उसको बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया। अब अंजुम अपनी बड़ी बेटी शदब खान ग्यारह वर्ष इससे छोटी सना मलिक साढ़े छह वर्ष और बेटे असद मलिक चार वर्ष के साथ मायके में रह रहीं हैं। मायके के पास ही अंजुम ने होम लोन लेकर एक दूसरा मकान लिया है। जिसमें वह बच्चों के साथ रहती हैं।रजिस्ट्री के माध्यम सलीम का तीन तलाक पत्र बुधवार को मिला है। जिसको लेकर अंजुम परेशान है। बकौल अंजुम वह गुरुवार को एसएसपी से मिल कर अपनी व्यथा सुनाएंगी। काबिल गौर है कि ये मामला उस महिला का है जो खुद सरकारी नौकरी में है और अपने पैरों पर खड़ी है।