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अलीगढ़ः आज और कल रहेगी शरद पूर्णिमा
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इस बार मंगलवार व बुधवार को शरद पूर्णिमा मान्य रहेगी। मंगलवार शाम 07.03 बजे से शुरू हो रही शरद पूर्णिमा बुधवार रात 08.26 बजे तक रहेगी। आज चांदनी रात में खीर रखना अति उत्तम रहेगा।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि उदया तिथि के हिसाब से हम त्योहारों को मनाते हैं, जबकि शरद पूर्णिमा की रात में चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने और अगले दिन उसको खाने की मान्यता है। शरद पूर्णिमा मंगलवार को शाम 07.03 बजे से बुधवार रात 08.26 बजे तक रहेगी। चूंकि, शरद पूर्णिमा की रात्रि को खीर खुले आसमान में रखने की परंपरा है। इसीलिए मंगलवार को शीतल चांदनी में खीर रखना सर्वोत्तम रहेगा। इस खीर को एक विशेष विधि से बनाया जाता है। पूरी रात चांदनी में रखने के बाद सुबह खाली पेट खीर खाने से कई प्रकार के रोग दूर होने का दावा किया जाता है। उन्होंने बताया कि राधा-कृष्ण के उपासक इस दिन को रास पूर्णिमा भी कहते हैं।
कोजागोरी पूजा के लिए तीन घंटे का है रात्रि में शुभ मुहूर्त
-पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा को कई श्रद्धालु कोजागोरी पूजा उत्सव के रूप में भी बनाते हैं। रात में महालक्ष्मी और महाकाली की पूजा करने का विधि विधान होता है। लक्ष्मीजी की प्रतिमा स्थापित कर रात में जागरण किया जाता है। इस व्रत को रखने वाले श्रद्धालु संध्या के समय गणपति और माता लक्ष्मी की पूजा करके अन्न ग्रहण करते हैं। कोजागोरी पूजा के लिए आज (मंगलवार) रात 12 बजकर 04 मिनट से लेकर तीन बजकर 17 मिनट तक शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा।
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कार्तिक स्नान कल से होगा शुरू
-16 अक्तूबर से कार्तिक स्नान शुरू हो गए हैं। कई श्रद्धालु गंगा-यमुना अथवा अन्य नदियों में पूरे महीने स्नान करते हैं। जो श्रद्धालु पूर्णिमा स्नान से लेकर एक महीने का स्नान करते हैं। वह कल बुधवार से अपना स्नान शुरू करेंगे।
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श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि उदया तिथि के हिसाब से हम त्योहारों को मनाते हैं, जबकि शरद पूर्णिमा की रात में चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने और अगले दिन उसको खाने की मान्यता है। शरद पूर्णिमा मंगलवार को शाम 07.03 बजे से बुधवार रात 08.26 बजे तक रहेगी। चूंकि, शरद पूर्णिमा की रात्रि को खीर खुले आसमान में रखने की परंपरा है। इसीलिए मंगलवार को शीतल चांदनी में खीर रखना सर्वोत्तम रहेगा। इस खीर को एक विशेष विधि से बनाया जाता है। पूरी रात चांदनी में रखने के बाद सुबह खाली पेट खीर खाने से कई प्रकार के रोग दूर होने का दावा किया जाता है। उन्होंने बताया कि राधा-कृष्ण के उपासक इस दिन को रास पूर्णिमा भी कहते हैं।
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कोजागोरी पूजा के लिए तीन घंटे का है रात्रि में शुभ मुहूर्त
-पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा को कई श्रद्धालु कोजागोरी पूजा उत्सव के रूप में भी बनाते हैं। रात में महालक्ष्मी और महाकाली की पूजा करने का विधि विधान होता है। लक्ष्मीजी की प्रतिमा स्थापित कर रात में जागरण किया जाता है। इस व्रत को रखने वाले श्रद्धालु संध्या के समय गणपति और माता लक्ष्मी की पूजा करके अन्न ग्रहण करते हैं। कोजागोरी पूजा के लिए आज (मंगलवार) रात 12 बजकर 04 मिनट से लेकर तीन बजकर 17 मिनट तक शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा।
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कार्तिक स्नान कल से होगा शुरू
-16 अक्तूबर से कार्तिक स्नान शुरू हो गए हैं। कई श्रद्धालु गंगा-यमुना अथवा अन्य नदियों में पूरे महीने स्नान करते हैं। जो श्रद्धालु पूर्णिमा स्नान से लेकर एक महीने का स्नान करते हैं। वह कल बुधवार से अपना स्नान शुरू करेंगे।