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Aligarh News: तुलसी रेजीडेंसी का पांचवा अवैध तल आज होगा ध्वस्त
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तुलसी रेजीडेंसी अपार्टमेंट।
- फोटो : samvad
दुबे का पड़ाव स्थित तुलसी रेजीडेंसी अपार्टमेंट में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए निर्माण पर बुधवार को एडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई होगी। इसके लिए प्राधिकरण ने टीम गठित करने के साथ अपार्टमेंट पर नोटिस भी चस्पा कर दिया है।
हाईकोर्ट में मामला पहुंचने और अवैध निर्माण हटाने के आदेश के बाद भी कार्रवाई न होने पर मामला अवमानना तक पहुंच गया है।एडीए के मुताबिक गांधीपार्क क्षेत्र के दुबे का पड़ाव पर करीब 800 वर्ग मीटर भूखंड पर तुलसी रेजीडेंसी का निर्माण वर्ष 2013-14 के आसपास कराया गया था। भवन के लिए भूतल और चार मंजिल तक का आवासीय मानचित्र स्वीकृत था।
आरोप है कि स्वीकृत मानचित्र की सीमा से आगे बढ़कर भवन की ऊपरी मंजिल पर अतिरिक्त निर्माण कराया गया। इसके अलावा पांचवें तल पर फ्लैट बनाए गए, जबकि बेसमेंट का निर्माण भी स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं पाया गया।
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प्राधिकरण के अनुसार मौके पर इससे अधिक निर्माण मिला। बाद में भवन स्वामी की ओर से अनधिकृत निर्माण को नियमित कराने के लिए शमन का आवेदन किया गया। एडीए ने शमन की कार्रवाई की, लेकिन इसमें कुछ हिस्से को ध्वस्त करने के लिए आदेशित किया गया था। आरोप है कि निर्धारित हिस्सा मौके से नहीं हटाया गया।
इसके बाद स्थानीय निवासी की ओर से एडीए में शिकायत की गई। कार्रवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद कार्रवाई लंबित रहने पर मामला अवमानना वाद तक पहुंच गया। अब एडीए को हाईकोर्ट में अपनी कार्रवाई के संबंध में जवाब दाखिल करना है। इसी के बाद प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की तारीख निर्धारित की है।
नोडल अधिकारी की निगरानी में होगी कार्रवाई :
एडीए ने बुधवार सुबह 11 बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित की है। जोनल अधिकारी राहुल कश्यप विश्वकर्मा को कार्रवाई का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके साथ सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और अन्य प्राधिकरण कर्मचारी मौजूद रहेंगे। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन से समन्वय के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने को कहा गया है, ताकि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहे। हाईकोर्ट में अवमानना मामले की सुनवाई से पहले एडीए अब कार्रवाई पूरी कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी में है।
हाईकोर्ट के आदेश पर एडीए तुलसी रेजीडेंसी में यह कार्रवाई कर रहा है। छह महीने से नोटिस आदि दिए गए इसके बाद भी अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं किया गया है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट को भी इससे अवगत कराया जाएगा।
- कुलदीप मीणा, उपाध्यक्ष, एडीए
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हाईकोर्ट में मामला पहुंचने और अवैध निर्माण हटाने के आदेश के बाद भी कार्रवाई न होने पर मामला अवमानना तक पहुंच गया है।एडीए के मुताबिक गांधीपार्क क्षेत्र के दुबे का पड़ाव पर करीब 800 वर्ग मीटर भूखंड पर तुलसी रेजीडेंसी का निर्माण वर्ष 2013-14 के आसपास कराया गया था। भवन के लिए भूतल और चार मंजिल तक का आवासीय मानचित्र स्वीकृत था।
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आरोप है कि स्वीकृत मानचित्र की सीमा से आगे बढ़कर भवन की ऊपरी मंजिल पर अतिरिक्त निर्माण कराया गया। इसके अलावा पांचवें तल पर फ्लैट बनाए गए, जबकि बेसमेंट का निर्माण भी स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं पाया गया।
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प्राधिकरण के अनुसार मौके पर इससे अधिक निर्माण मिला। बाद में भवन स्वामी की ओर से अनधिकृत निर्माण को नियमित कराने के लिए शमन का आवेदन किया गया। एडीए ने शमन की कार्रवाई की, लेकिन इसमें कुछ हिस्से को ध्वस्त करने के लिए आदेशित किया गया था। आरोप है कि निर्धारित हिस्सा मौके से नहीं हटाया गया।
इसके बाद स्थानीय निवासी की ओर से एडीए में शिकायत की गई। कार्रवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद कार्रवाई लंबित रहने पर मामला अवमानना वाद तक पहुंच गया। अब एडीए को हाईकोर्ट में अपनी कार्रवाई के संबंध में जवाब दाखिल करना है। इसी के बाद प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की तारीख निर्धारित की है।
नोडल अधिकारी की निगरानी में होगी कार्रवाई :
एडीए ने बुधवार सुबह 11 बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित की है। जोनल अधिकारी राहुल कश्यप विश्वकर्मा को कार्रवाई का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके साथ सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और अन्य प्राधिकरण कर्मचारी मौजूद रहेंगे। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन से समन्वय के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने को कहा गया है, ताकि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहे। हाईकोर्ट में अवमानना मामले की सुनवाई से पहले एडीए अब कार्रवाई पूरी कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी में है।
हाईकोर्ट के आदेश पर एडीए तुलसी रेजीडेंसी में यह कार्रवाई कर रहा है। छह महीने से नोटिस आदि दिए गए इसके बाद भी अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं किया गया है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट को भी इससे अवगत कराया जाएगा।
- कुलदीप मीणा, उपाध्यक्ष, एडीए