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नौसिखिए हाथों में वाहनों की कमान, बढ़ रहे सड़क हादसे

Sat, 27 Aug 2022 01:09 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 01:09 AM IST
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The command of vehicles in novice hands, increasing road accidents
शहर से लेकर देहात तक जिन हाथों में कलम और किताब होनी चाहिए उन हाथों में अब स्कूटी, बाइक, कार, ऑटो, ई- रिक्शा दिखाई पड़ते हैं। जो प्रमुख सड़क, बाजारों और हाईवे पर फर्राटा भर रहे हैं। इतना ही नहीं, इनमें से अधिकांश के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है। ऐसे में जिले भर में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। जिससे लोग असमय ही काल के गाल में समा रहे हैं। जबकि एक भी फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस धारक को आरटीओ एवं ट्रैफिक पुलिस पकड़ नहीं सकी है। इतना ही नहीं साधारण लाइसेंस पर लोग व्यवसायिक वाहन चला रहे हैं।
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मोटर व्हीकल एक्ट में नाबालिग के वाहन चलाने पर पाबंदी है। केवल 16 वर्ष का होने पर ही बिना गेयर वाला स्कूटर चला सकते हैं। इसके लिए भी अभिभावक की मर्जी से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना जरूरी है। ऐसे में यदि नाबालिग के वाहन संचालन के दौरान कोई हादसा होता है तो उसके लिए उनके अभिभावकों को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जायेगी। सब कुछ जानकार भी अभिभावक अनदेखी कर रहे हैं। आरटीओ दफ्तर के रिकार्ड के अनुसार बीते साल 16 वर्ष की आयु में बिना गेयर वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेेंस बनवाने वाले आवेदकों की संख्या बेहद कम रही है। मात्र 108 लाइसेंस ही जारी किए जा सके हैं। बावजूद इसके शहर से लेकर देहात तक नाबालिगों के हाथों में कार - बाइक, स्कूटी आदि वाहन देखे जा सकते हैं।
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सिर्फ चालान एवं जुर्माना
वाहन चेकिंग या अभियान के दौरान नाबालिग बच्चों के बाइक, कार व अन्य वाहनों का संचालन करते पकड़े जाने पर पुलिस एवं आरटीओ विभाग से जुड़े अधिकारी चालान, जुर्माने आदि की कार्रवाई कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं। यही वजह है कि नाबालिग वाहन चालाने वालों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।
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नौसिखियों के लिए समय-समय पर वाहन चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाया जाता है। पकड़े जाने पर 5000 रुपये के चालान का प्रावधान है। इस साल ऐेसे 50 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। सभी से जुर्माना वसूला गया है।
- फरीदउद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन
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