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शहर में सूरज का कर्फ्यू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Wed, 23 May 2018 03:08 AM IST
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आमतौर पर वाहनों की आवाजाही से भरे रहने वाले मीनाक्षी पुल पर पसरा सन्नाटा।
- फोटो : amar ujala
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मंगलवार को गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाया। दोपहर में ऐसा लग रहा था कि आसमान से आग बरस रही हो। सूरज की तपिश से सड़क का तारकोल पिघल गया। तापमान का पारा 46 होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। संभवत: पहली बार लोगों ने वर्ष 2018 में इतनी गर्मी महसूस की। ‘सूरज के कर्फ्यू’ से लोगों ने दिन भर घर व दफ्तरों में ही रहना बेहतर समझा। शहर के व्यस्त बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। दूसरी ओर रोजेदारों को भी इस तपिश ने परेशानी दी।
सोमवार के मुकाबले मंगलवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस बढ़ कर 46 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम पारा तीन डिग्री सेल्सियस बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अब तक इस साल का अधिकतम है। मई महीने के दूसरे हफ्ते से अधिकतम तापमान का पारा चढ़ना शुरू हो गया था। हालांकि, पिछले दिनों आई आंधी-बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन मंगलवार को एक बार फिर प्रचंड गर्मी ने लोगों को परेशान करके रख दिया।
इंसान हो पशु-पक्षी सब इस गर्मी से व्याकुल नजर आए। सुबह 10 बजे के बाद ही सड़कें तपने लगीं थीं। हवाएं जिस्म और चेहरे झुलसाने लगी थीं। गर्मी के चलते सामान्य दिनों की अपेक्षा सड़कों पर वाहन कम दिखे। साइकिल सवार व पैदल यात्री न के बराबर दिखे।
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शहर में सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले रेलवे रोड व सेंटर प्वाइंट जैसे बाजार इस दोपहरी में सन्नाटे में डूबे रहे। उधर, रोजेदारों को भी इस प्रचंड गर्मी से परेशानी हुई। बुधवार व गुरुवार को भी अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
गन्ने का रस, शिकंजी के ढकेल पर भीड़
गर्मी व लू से लोग बेचैन दिखे। न सिर्फ आमजन बल्कि पशु-पक्षी भी छांव ढूंढते नजर आए। सुबह करीब 10 बजे से ही आग बरसाने वाली धूप और गर्म हवाओं के चलते सड़कों पर आवाजाही कम रही। अलबत्ता, सड़क के किनारे छांव में कुल्फी, बेल के शर्बत, गन्ने का रस, आम झोरा, शिकंजी के ढकेल पर लोगों की भीड़ रही।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी बनी हेल्प डेस्क
भीषण गरमी के इस मौसम में ठा. मलखान सिंह जिला अस्पताल में लू से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। रोजाना तकरीबन 30 से 35 मरीज ऐसे आ रहे हैं। इनकी मदद के लिए इमरजेंसी में ही हेल्प डेस्क बना दी गई है। जो इन मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के साथ गरमी के मौसम में लू से बचने के उपाय भी बता रही है।
पाइप लाइनों की लीकेज हो तो खबर दें : कनौजिया
नगर निगम के जल विभाग के इंजीनियर एके कनौजिया ने कहा कि शहरवासियों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति गरमी के सीजन में एक चुनौती बनी हुई है। यथासंभव हर स्थान पर पानी की आपूर्ति की जा रही है। शहरवासियों को अगर कहीं भी पाइप लाइन में लीकेज की समस्या सामने आ रही हो तो अविलंब नगर निगम के किसी भी सेनेटरी वार्ड में इसकी सूचना दें। पाइप लाइन का लीकेज सही कराया जाएगा। जिससे पानी की आपूर्ति बेहतर हो सके।
पार्क में लगी है आग... भाग पंछी भाग!
जिला मुख्यालय के ठीक सामने स्थित जवाहर पार्क (नकवी पार्क) में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तपती दोपहरी में करीब 2 बजे 46 डिग्री तापमान के बीच सूखी पत्तियों में आग लग गई। कुछ ही देर में पार्क के टेलीफोन एक्सचेंज साइड की दीवार के सहारे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें दिखाई देने लगीं। इन लपटों के आगोश में काफी संख्या में पौधे तो आ ही गए।
मोर का एक जोड़ा तो आग की चपेट में आने से बच गया। पक्षियों के कलरव का शोर यह बता रहा था कि वह इस भीषण गर्मी में आग की लपटों से किस कदर दहशत में हैं। इस दौरान वहां राहगीरों की भीड़ जमा हो गई और पार्क में रहने वाले माली व चौकीदारों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी देर तक पानी का इंतजाम न होने के कारण हरी लकड़ियों की मदद से आग बुझाने के प्रयास हुए। किसी तरह यहां मौजूद कर्मचारी गायत्री देवी, महेश चंद्र, उमेश, महेश, मो. आसिफ, जकर सिंह, नितिन, निहाल, दलवीर सिंह, सोनू, भूदेव, प्यारेलाल ने आग पर काबू पाया। हालांकि सूचना पर दमकल भी पहुंची। मगर तब तक आग को नियंत्रित कर लिया गया था। आग का कारण किसी व्यक्ति द्वारा सूखी पत्तियों पर सुलगती बीड़ी या बीड़ी जलाकर माचिस फेंकना माना जा रहा है। ब्यूरो
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सोमवार के मुकाबले मंगलवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस बढ़ कर 46 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम पारा तीन डिग्री सेल्सियस बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अब तक इस साल का अधिकतम है। मई महीने के दूसरे हफ्ते से अधिकतम तापमान का पारा चढ़ना शुरू हो गया था। हालांकि, पिछले दिनों आई आंधी-बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन मंगलवार को एक बार फिर प्रचंड गर्मी ने लोगों को परेशान करके रख दिया।
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इंसान हो पशु-पक्षी सब इस गर्मी से व्याकुल नजर आए। सुबह 10 बजे के बाद ही सड़कें तपने लगीं थीं। हवाएं जिस्म और चेहरे झुलसाने लगी थीं। गर्मी के चलते सामान्य दिनों की अपेक्षा सड़कों पर वाहन कम दिखे। साइकिल सवार व पैदल यात्री न के बराबर दिखे।
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शहर में सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले रेलवे रोड व सेंटर प्वाइंट जैसे बाजार इस दोपहरी में सन्नाटे में डूबे रहे। उधर, रोजेदारों को भी इस प्रचंड गर्मी से परेशानी हुई। बुधवार व गुरुवार को भी अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
गन्ने का रस, शिकंजी के ढकेल पर भीड़
गर्मी व लू से लोग बेचैन दिखे। न सिर्फ आमजन बल्कि पशु-पक्षी भी छांव ढूंढते नजर आए। सुबह करीब 10 बजे से ही आग बरसाने वाली धूप और गर्म हवाओं के चलते सड़कों पर आवाजाही कम रही। अलबत्ता, सड़क के किनारे छांव में कुल्फी, बेल के शर्बत, गन्ने का रस, आम झोरा, शिकंजी के ढकेल पर लोगों की भीड़ रही।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी बनी हेल्प डेस्क
भीषण गरमी के इस मौसम में ठा. मलखान सिंह जिला अस्पताल में लू से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। रोजाना तकरीबन 30 से 35 मरीज ऐसे आ रहे हैं। इनकी मदद के लिए इमरजेंसी में ही हेल्प डेस्क बना दी गई है। जो इन मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के साथ गरमी के मौसम में लू से बचने के उपाय भी बता रही है।
पाइप लाइनों की लीकेज हो तो खबर दें : कनौजिया
नगर निगम के जल विभाग के इंजीनियर एके कनौजिया ने कहा कि शहरवासियों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति गरमी के सीजन में एक चुनौती बनी हुई है। यथासंभव हर स्थान पर पानी की आपूर्ति की जा रही है। शहरवासियों को अगर कहीं भी पाइप लाइन में लीकेज की समस्या सामने आ रही हो तो अविलंब नगर निगम के किसी भी सेनेटरी वार्ड में इसकी सूचना दें। पाइप लाइन का लीकेज सही कराया जाएगा। जिससे पानी की आपूर्ति बेहतर हो सके।
पार्क में लगी है आग... भाग पंछी भाग!
जिला मुख्यालय के ठीक सामने स्थित जवाहर पार्क (नकवी पार्क) में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तपती दोपहरी में करीब 2 बजे 46 डिग्री तापमान के बीच सूखी पत्तियों में आग लग गई। कुछ ही देर में पार्क के टेलीफोन एक्सचेंज साइड की दीवार के सहारे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें दिखाई देने लगीं। इन लपटों के आगोश में काफी संख्या में पौधे तो आ ही गए।
मोर का एक जोड़ा तो आग की चपेट में आने से बच गया। पक्षियों के कलरव का शोर यह बता रहा था कि वह इस भीषण गर्मी में आग की लपटों से किस कदर दहशत में हैं। इस दौरान वहां राहगीरों की भीड़ जमा हो गई और पार्क में रहने वाले माली व चौकीदारों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी देर तक पानी का इंतजाम न होने के कारण हरी लकड़ियों की मदद से आग बुझाने के प्रयास हुए। किसी तरह यहां मौजूद कर्मचारी गायत्री देवी, महेश चंद्र, उमेश, महेश, मो. आसिफ, जकर सिंह, नितिन, निहाल, दलवीर सिंह, सोनू, भूदेव, प्यारेलाल ने आग पर काबू पाया। हालांकि सूचना पर दमकल भी पहुंची। मगर तब तक आग को नियंत्रित कर लिया गया था। आग का कारण किसी व्यक्ति द्वारा सूखी पत्तियों पर सुलगती बीड़ी या बीड़ी जलाकर माचिस फेंकना माना जा रहा है। ब्यूरो