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Aligarh News: छात्रसंघ चुनाव के लिए 14वें दिन भी धरना, डक पॉन्ड पर जुटीं छात्राएं
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एएमयू डक पॉन्ड पर दर्शन करतीं छात्राएं।
- फोटो : samvad
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का धरना रविवार को 14वें दिन भी जारी रहा। डक पॉन्ड पर छात्राें से ज्यादा छात्राएं जुटीं। भूख हड़ताल पर बैठे निलंबित छात्र यासिर फहद की तबीयत खराब हो रही है। शनिवार को बंद किए गए बाब-ए-सैयद समेत सभी गेट को छात्रों ने खोल दिया।
रविवार देर शाम पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा धरना स्थल पर पहुंचीं और आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक और सांविधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। छात्रसंघ की बहाली को लेकर छात्रों की मांग जायज है। उन्होंने कहा कि वह यूनिवर्सिटी प्रशासन से मुलाकात कर छात्रों की मांगों को उनके सामने रखेंगी। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्थिति पर चिंता भी जताई।
उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार के बीच तालमेल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मांगों के लिए भूख हड़ताल या विरोध का रास्ता अपनाने की स्थिति क्यों बनी, इस पर यूनिवर्सिटी प्रशासन को जवाब देना चाहिए। सुमैया ने छात्रों को भरोसा दिया कि उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर वह छात्रों के बीच मौजूद रहेंगी और उनके मुद्दे को उठाती रहेंगी। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि छात्रों ने गेट खोल दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के पास लगातार शिक्षक और स्वयं पहुंच रहे हैं। उनसे प्रतिनिधिमंडल बनाने की बात कह रहे हैं, जो यूनिवर्सिटी के उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी बात कह सकें।
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रविवार देर शाम पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा धरना स्थल पर पहुंचीं और आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक और सांविधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। छात्रसंघ की बहाली को लेकर छात्रों की मांग जायज है। उन्होंने कहा कि वह यूनिवर्सिटी प्रशासन से मुलाकात कर छात्रों की मांगों को उनके सामने रखेंगी। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्थिति पर चिंता भी जताई।
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उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार के बीच तालमेल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मांगों के लिए भूख हड़ताल या विरोध का रास्ता अपनाने की स्थिति क्यों बनी, इस पर यूनिवर्सिटी प्रशासन को जवाब देना चाहिए। सुमैया ने छात्रों को भरोसा दिया कि उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर वह छात्रों के बीच मौजूद रहेंगी और उनके मुद्दे को उठाती रहेंगी। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि छात्रों ने गेट खोल दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के पास लगातार शिक्षक और स्वयं पहुंच रहे हैं। उनसे प्रतिनिधिमंडल बनाने की बात कह रहे हैं, जो यूनिवर्सिटी के उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी बात कह सकें।
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