विधान सभा चुनाव में रोडवेज बसों के लगने के कारण यात्री परेशान हैं। शनिवार को गांधी पार्क बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। यात्री बस में चढ़ने के लिए एक दूसरे से भिड़ गए। बाहर से आने वाली बसें भी भरी थीं। ऐसे में लोग खिड़कियों से बस के अंदर जाने की जद्दोजहद करते रहे। यात्री इस हड़बड़ी में थे कि कैसे भी उन्हें बस में सीट मिल जाए। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और महिला यात्रियों को हुई।
विधान सभा चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने 25 हजार निजी व व्यावसायिक वाहनों का अधिग्रहण किया गया है। परिवहन निगम ने मंडल से 300 से ज्यादा बसों को चुनाव ड्यूटी में लगाया है। फरवरी में सहालग भी तगड़ा है। ऐसे में शनिवार को गांधी पार्क बस स्टैंड, सेटेलाइट बस अड्डे पर यात्रियों की भारी भीड़ थी। घंटों इंतजार के बाद भी बसें नहीं मिल रही थीं। एटा, कासगंज, हाथरस, आनंद विहार, बुलंदशहर, मेरठ, सादाबाद, आगरा, मथुरा डिपो की बसें जैसे ही बस स्टैंड के बाहर लगतीं। यात्री गेट की जगह खिड़कियों से घुसने की कोशिश करते। इस दौरान लोगों की आपस में बहस भी हुई। यात्रियों का कहना था कि घंटों से बस स्टैंड पर खड़े हैं, लेकिन बस का कोई अता पता नहीं है। शनिवार को लोग थक हार कर बस अड्डों पर ही बैठ गए। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशान महिलाएं व बुजुर्ग रहे। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि बसों के अतिरिक्त फेरे लगवाए जा रहे हैं।