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लॉकडाउन में राहत का था इंतजार, फूलप्रूफ रेकी के बाद दिया घटना को अंजाम
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कैशियर से बैग छीनकर भागते लुटेरे सीसीटीटी में कैद।
- फोटो : CITY OFFICE
सीएमएस स्टाफ संग 22 लाख 48 हजार की लूट की जांच व सीसीटीवी खंगालने के बाद जो तथ्य उजागर हुए हैं, उन्हें देखकर लगता है कि यह लूट फुलप्रूफ रेकी के बाद हुई है। इसके लिए शायद अनलॉक का इंतजार था। भीड़ भाड़ वाले बाजार की जरूरत थी, क्योंकि पांच दर्जन से अधिक सीसीटीवी खंगालने के बाद पुलिस नतीजे पर पहुंची है कि बदमाश कैश वैन के पीछे-पीछे आए हैं। एलआईसी बिल्डिंग आने तक वैन में 17 लाख रुपये भी रखे गए हैं। मगर उन्हें बदमाशों ने हाथ नहीं लगाया। यहां ज्यादा रकम आने की पहले से उन्हें जानकारी थी। इसलिए यहां वैन पहुंचने का इंतजार किया और कैशियर के बैग लेकर आते ही उसे लूट लिया गया।
घटना के खुलासे में लगाया तीन टीमों को
इस घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी डॉ.प्र्रीतिंदर सिंह व एसएसपी मुनिराज जी ने अधिकारियों से विमर्श किया और इसके बाद तीन टीमों का गठन किया। एसपी सिटी अभिषेक की अगुवाई में यह तीनों टीम काम कर रही हैं। इनमें एक टीम एसओजी/सर्विलांस सेल से है। दूसरी टीम थाना सिविल लाइंस से और तीसरी इंस्पेक्टर क्वार्सी व एसओ जवां की संयुक्त टीम बनाई गई है। तीनों टीमों को अलग-अलग काम सौंपा गया। एक टीम को सीसीवीटी खंगालने में। एक टीम को पुराने क्रिमिनलों की वर्तमान स्थिति का पता लगाने में और एक टीम को सीएमएस स्टाफ की गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगाया गया है। कुछ लोग इस स्टाफ के नए व पुराने लोगों की जानकारी भी जुटाने में लगाए गए हैं।
शाम तक खंगाले 60 से अधिक सीसीटीवी
घटना के खुलासे में लगी पुलिस टीमों ने दिन भर में घटनास्थल से लेकर उससे पहले जहां जहां सीएमएस की कैश वैन गई है, वहां के 60 से अधिक सीसीटीवी खंगाले। इस दौरान जांच व पूछताछ और सीसीटीवी की मदद से जानकारी में आया कि सुबह यह वैन मसूदाबाद अपने ऑफिस से चलकर सबसे पहले सारसौल, फिर आसना, इसके बाद बारहद्वारी और रेलवे रोड से करेंसी लेते हुए सेंटर प्वाइंट चोला मंडलम दफ्तर पहुंची है। चोला मंडलम दफ्तर पर वैन के पहुंचते समय बदमाशों की बाइक उनके पीछे लगी दिखाई दे रही है। इसके बाद यहां से एलआईसी तक बदमाश पीछे लगे हैं। वहां कुछ दूरी पर सड़क सहारे खड़े हो गए हैं। लूट के बाद बदमाश सेंटर प्वाइंट से रेलवे स्टेशन रोड, पान दरीबा से मीनाक्षी पुल के नीचे से छर्रा अड्डा की ओर निकल गए हैं।
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वैन में पहले से मौजूद थे 17 लाख और 28 लाख के चेक
पुलिस जांच में स्टाफ ने स्वीकारा है कि पीछे से वह लो अन्य ठिकानों से कुल मिलाकर 17 लाख रुपये करेंसी और 28 लाख रुपये के चेक लेकर आए थे। करेंसी वैन में पीछे रखी थी, जबकि चेक रजत के पास ही रखे थे। एलआईसी में अंदर जाते समय वह चेक ड्राइवर के हाथ में थमा गया था। इसलिए वैन में रखी रकम व चेक सुरक्षित बच गई। दूसरी बात यह भी है कि बदमाशों को ज्यादा रकम लूटनी थी और उन्हें पता था कि एलआईसी में शनिवार की रकम होगी। इसलिए वहां लूट का उन्होंने प्लान बनाया।
कैशियर ने कराई एफआईआर, एक्सिस बैंक में जमा होनी थी रकम
इस घटना के संबंध में देर रात कैशियर रजत शर्मा निवासी अकराबाद की तहरीर पर सिविल लाइंस में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें 22 लाख 48 हजार 800 रुपये एलआईसी दफ्तर से लिए जाने और उन्हें बाइक सवार दो बदमाशों द्वारा तमंचे की बट मारकर लूट लिए जाने का उल्लेख है। मुकदमे के अनुसार यह रकम एक्सिस बैंक रामघाट रोड में जमा होनी थी। इससे पहले ही लूट लिया गया।
कद-काठी और बाइक से बदमाशों की शिनाख्त का प्रयास
सीसीटीवी में हर जगह बदमाशों ने गमछा से मुंह व सिर तक बांध रखा है। काले रंग की स्पलैंडर बाइक पर नंबर भी नहीं है। अब पुलिस ने सीसीटीवी से फुटेज निकलवाई है, उसके आधार पर बदमाशों की कद-काठी व बाइक की मदद से बदमाशों की पहचान के लिए मुखिबरों में अपना जाल फैलाया है। इसमें देहात के बदमाशों की मौजूदगी पर पुलिस ज्यादा जोर देर ही है।
स्टाफ के गांव-क्षेत्रों पर भी दौड़ाई जा रही नजर
पुलिस इस घटना के वक्त गाड़ी में मौजूद स्टाफ से लेकर उनके दफ्तर के अन्य स्टाफ के लोगों के गांव क्षेत्र के बदमाशों पर भी ध्यान दे रही है। देखा जा रहा है कि सीसीटीवी में कैद बदमाश किसी स्टाफ के गांव क्षेत्र के तो नहीं हैं। इसे लेकर उन इलाकों में भी अपने मुखबिरों का जाल फैलाया गया है।
ह्य
घटना के खुलासे के लिए हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। पुराने बदमाशों से लेकर सीएमएस स्टाफ की भूमिका और नए गैंगों की शहर में मौजूदगी आदि पर काम किया जा रहा है। यह तो साफ है कि बदमाशों ने जिस तरह बिना नंबर की बाइक से नकाब बांधकर वारदात को अंजाम दिया है और पीछे लगे हैं तो वह रैकी के बाद ही किया गया है। फिलहाल खुलासे के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। जल्द किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।
मुनिराज जी, एसएसपी
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घटना के खुलासे में लगाया तीन टीमों को
इस घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी डॉ.प्र्रीतिंदर सिंह व एसएसपी मुनिराज जी ने अधिकारियों से विमर्श किया और इसके बाद तीन टीमों का गठन किया। एसपी सिटी अभिषेक की अगुवाई में यह तीनों टीम काम कर रही हैं। इनमें एक टीम एसओजी/सर्विलांस सेल से है। दूसरी टीम थाना सिविल लाइंस से और तीसरी इंस्पेक्टर क्वार्सी व एसओ जवां की संयुक्त टीम बनाई गई है। तीनों टीमों को अलग-अलग काम सौंपा गया। एक टीम को सीसीवीटी खंगालने में। एक टीम को पुराने क्रिमिनलों की वर्तमान स्थिति का पता लगाने में और एक टीम को सीएमएस स्टाफ की गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगाया गया है। कुछ लोग इस स्टाफ के नए व पुराने लोगों की जानकारी भी जुटाने में लगाए गए हैं।
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शाम तक खंगाले 60 से अधिक सीसीटीवी
घटना के खुलासे में लगी पुलिस टीमों ने दिन भर में घटनास्थल से लेकर उससे पहले जहां जहां सीएमएस की कैश वैन गई है, वहां के 60 से अधिक सीसीटीवी खंगाले। इस दौरान जांच व पूछताछ और सीसीटीवी की मदद से जानकारी में आया कि सुबह यह वैन मसूदाबाद अपने ऑफिस से चलकर सबसे पहले सारसौल, फिर आसना, इसके बाद बारहद्वारी और रेलवे रोड से करेंसी लेते हुए सेंटर प्वाइंट चोला मंडलम दफ्तर पहुंची है। चोला मंडलम दफ्तर पर वैन के पहुंचते समय बदमाशों की बाइक उनके पीछे लगी दिखाई दे रही है। इसके बाद यहां से एलआईसी तक बदमाश पीछे लगे हैं। वहां कुछ दूरी पर सड़क सहारे खड़े हो गए हैं। लूट के बाद बदमाश सेंटर प्वाइंट से रेलवे स्टेशन रोड, पान दरीबा से मीनाक्षी पुल के नीचे से छर्रा अड्डा की ओर निकल गए हैं।
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वैन में पहले से मौजूद थे 17 लाख और 28 लाख के चेक
पुलिस जांच में स्टाफ ने स्वीकारा है कि पीछे से वह लो अन्य ठिकानों से कुल मिलाकर 17 लाख रुपये करेंसी और 28 लाख रुपये के चेक लेकर आए थे। करेंसी वैन में पीछे रखी थी, जबकि चेक रजत के पास ही रखे थे। एलआईसी में अंदर जाते समय वह चेक ड्राइवर के हाथ में थमा गया था। इसलिए वैन में रखी रकम व चेक सुरक्षित बच गई। दूसरी बात यह भी है कि बदमाशों को ज्यादा रकम लूटनी थी और उन्हें पता था कि एलआईसी में शनिवार की रकम होगी। इसलिए वहां लूट का उन्होंने प्लान बनाया।
कैशियर ने कराई एफआईआर, एक्सिस बैंक में जमा होनी थी रकम
इस घटना के संबंध में देर रात कैशियर रजत शर्मा निवासी अकराबाद की तहरीर पर सिविल लाइंस में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें 22 लाख 48 हजार 800 रुपये एलआईसी दफ्तर से लिए जाने और उन्हें बाइक सवार दो बदमाशों द्वारा तमंचे की बट मारकर लूट लिए जाने का उल्लेख है। मुकदमे के अनुसार यह रकम एक्सिस बैंक रामघाट रोड में जमा होनी थी। इससे पहले ही लूट लिया गया।
कद-काठी और बाइक से बदमाशों की शिनाख्त का प्रयास
सीसीटीवी में हर जगह बदमाशों ने गमछा से मुंह व सिर तक बांध रखा है। काले रंग की स्पलैंडर बाइक पर नंबर भी नहीं है। अब पुलिस ने सीसीटीवी से फुटेज निकलवाई है, उसके आधार पर बदमाशों की कद-काठी व बाइक की मदद से बदमाशों की पहचान के लिए मुखिबरों में अपना जाल फैलाया है। इसमें देहात के बदमाशों की मौजूदगी पर पुलिस ज्यादा जोर देर ही है।
स्टाफ के गांव-क्षेत्रों पर भी दौड़ाई जा रही नजर
पुलिस इस घटना के वक्त गाड़ी में मौजूद स्टाफ से लेकर उनके दफ्तर के अन्य स्टाफ के लोगों के गांव क्षेत्र के बदमाशों पर भी ध्यान दे रही है। देखा जा रहा है कि सीसीटीवी में कैद बदमाश किसी स्टाफ के गांव क्षेत्र के तो नहीं हैं। इसे लेकर उन इलाकों में भी अपने मुखबिरों का जाल फैलाया गया है।
ह्य
घटना के खुलासे के लिए हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। पुराने बदमाशों से लेकर सीएमएस स्टाफ की भूमिका और नए गैंगों की शहर में मौजूदगी आदि पर काम किया जा रहा है। यह तो साफ है कि बदमाशों ने जिस तरह बिना नंबर की बाइक से नकाब बांधकर वारदात को अंजाम दिया है और पीछे लगे हैं तो वह रैकी के बाद ही किया गया है। फिलहाल खुलासे के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। जल्द किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।
मुनिराज जी, एसएसपी

एलआईसी ऑफिस गेट से लूट के बाद कर्मचारी बाहर आकर देखते हुए।- फोटो : CITY OFFICE