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कोरोना कर्फ्यू का हवाला देकर हर दिन बढ़ रहे भाव
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खाने-पीने के कुछ सामान लगातार महंगे हो रहे हैं। कोरोना कर्फ्यू का हवाला देकर अधिकांश दुकानदार ओवररेटिंग कर रहे हैं। जिला बांट माप अधिकारी मनोज कुमार के कई निर्देश हवा में हैं। एक निर्देश के तहत उन्होंने कहा था कि सभी दुकानों के बाहर ताजा रेट सूची चस्पा होनी चाहिए, लेकिन किसी बाजार में ऐसा नहीं हो रहा है।
थोक से फुटकर तक के दुकानदार ताजा रेट सूची नहीं लगा रहे हैं। आलम ये है कि सरसों का तेल, वनस्पति, दालें सहित अन्य रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ महंगे किए जा रहे हैं। पहली मई से थोक बाजार महावीर गंज बंद होने का भी असर है, क्योंकि थोक बाजार नौ दिन से बंद होने के कारण फुटकर बाजारों में माल की कमी हो रही है। महावीर गंज के थोक व्यापारी मनोज गुप्ता ने बताया कि फुटकर दुकानदार रोज फोन कर माल के बारे में पूछते है, लेकिन अनिश्चितता का माहौल है, कुछ बता नहीं पा रहे हैं। अब कोरोना कर्फ्यू 17 मई तक बढ़ा दिया है।
30 अप्रैल का थोक भाव
डबल हिरन सरसों का तेल एक लीटर 162 रुपये, पांच लीटर 825 रुपये, फार्च्यून सरसों का तेल 155 रुपये प्रति लीटर, पांच लीटर 785 रुपये। अपना वनस्पति 115 रुपये लीटर, पांच लीटर 585 रुपये, खजूर वनस्पति 119 रुपये लीटर और पांच लीटर 610 रुपये में।
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अरहर दाल 115 रुपये प्रति किलो, अरहर दाल पॉलिश 100 रुपये, मूंग दाल धुली 100 रुपये, मूंग छिलका 95 रुपये, उड़द दाल धुली 120, उड़द दाल छिलका 110, चना दाल 75 रुपये, मसूर दाल 90 रुपये, राजमा 130 रुपये, काबुली चना 90 रुपये, काला चना 70 रुपये, मटर 90 रुपये, बेसन 80 रुपये, मैदा 25 रुपये, आशीर्वाद आटा दस किलो 330 रुपये, चक्की आटा दस किलो 220 रुपये, चीनी 37.50 रुपये प्रतिकिलो में थी।
फुटकर भाव 9 मई
डबल हिरन सरसों का तेल एक लीटर 170, पांच लीटर 865 में। फार्चून सरसों का तेल 160 रुपये, पांच लीटर 830 रुपये, खजूर ब्रांड वनस्पति एक लीटर 140, पांच लीटर 730 रुपये में है। अरहर दाल 120 रुपये, मूंग की दाल 110, उड़द की धुली दाल 125, चना दाल 80, मसूर की 110, राजमा 110, काबुली चना 120 मीडियम साइज 100, मटर 80 रुपये, बेसन 90 रुपये, मैदा 25, आशीर्वाद आटा दस किलो का पैकेट 330, चीनी 38 रुपये में हैं।
इन पांच वजहों से बढ़ रही महंगाई
1- देश में कारोबारी अनिश्चितता का माहौल
2- अधिकांश शहरों में उत्पादन में बड़ी कमी
3- दिल्ली से अलीगढ़ तक थोक बाजार बंदी
4- बड़े निजी गोदामों की चेकिंग नहीं होना
5- प्रशासनिक अव्यवस्था और पुलिसिया खौफ
बाजार के जानकार महंगाई बढ़ने के पीछे पांच प्रमुख कारण बता रहे हैं। पहला, समूचे देश में कारोबारी अनिश्चितता का माहौल, बड़े शहरों में रोजाना होने वाले उत्पादन में कमी, दिल्ली से अलीगढ़ तक थोक बाजारों में बंदी, बड़े निजी गोदामों की चेकिंग नहीं होने, प्रशासनिक अव्यवस्था और पुलिसिया खौफ को महंगाई की सबसे बड़ी वजह बताया जा रहा है, जिससे छोटे फुटकर दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि उनको चोरी छिपे मिल रहा माल अंदर ही अंदर महंगा हो रहा है। कई बड़े व्यापारी इस मौके को भुना रहे हैं। ईद के त्योहार ने मांग और बढ़ा दी है।
उस पर प्रशासनिक अव्यवस्था का आलम ये है कि लॉकडाउन या कोरोना कर्फ्यू के दौरान किराना दुकानों को खोलने को लेकर एक साल बाद भी समुचित व्यवस्था नहीं बन पाई है। वर्तमान कोरोना कर्फ्यू में जारी निर्देशों के तहत सुबह 7 से 11 बजे और शाम 4.30 से 7.30 बजे तक जरूरी खाद्य पदार्थों की दुकानें खोलने के निर्देश हैं, जिसमें फल, सब्जी, दूध, डेयरी, किराना, जनरल स्टोर की दुकानें शामिल हैं, लेकिन शहर से लेकर देहात तक पुलिस किराना और जनरल स्टोर के धड़ाधड़ चालान काट रही है।
शुक्रवार को अतरौली में एक साथ 26 किराना दुकानदारों के एक-एक हजार रुपये के चालान काट कर उनको घंटों थाने में बैठाया गया, जिसका अलीगढ़ तक पुरजोर विरोध हुआ। दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में किराना दुकानदार तयशुदा समय के अतिरिक्त भी आधा शटर उठा कर दुकानदारी कर रहे हैं। इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दो तरह की इन स्थितियों को लेकर किराना दुकानदारों में जबरदस्त रोष है। दुकानदार दबी जुबान में महंगाई बढऩे की एक बड़ी वजह पुलिसिया खौफ को भी बता रहे हैं।
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थोक से फुटकर तक के दुकानदार ताजा रेट सूची नहीं लगा रहे हैं। आलम ये है कि सरसों का तेल, वनस्पति, दालें सहित अन्य रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ महंगे किए जा रहे हैं। पहली मई से थोक बाजार महावीर गंज बंद होने का भी असर है, क्योंकि थोक बाजार नौ दिन से बंद होने के कारण फुटकर बाजारों में माल की कमी हो रही है। महावीर गंज के थोक व्यापारी मनोज गुप्ता ने बताया कि फुटकर दुकानदार रोज फोन कर माल के बारे में पूछते है, लेकिन अनिश्चितता का माहौल है, कुछ बता नहीं पा रहे हैं। अब कोरोना कर्फ्यू 17 मई तक बढ़ा दिया है।
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30 अप्रैल का थोक भाव
डबल हिरन सरसों का तेल एक लीटर 162 रुपये, पांच लीटर 825 रुपये, फार्च्यून सरसों का तेल 155 रुपये प्रति लीटर, पांच लीटर 785 रुपये। अपना वनस्पति 115 रुपये लीटर, पांच लीटर 585 रुपये, खजूर वनस्पति 119 रुपये लीटर और पांच लीटर 610 रुपये में।
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अरहर दाल 115 रुपये प्रति किलो, अरहर दाल पॉलिश 100 रुपये, मूंग दाल धुली 100 रुपये, मूंग छिलका 95 रुपये, उड़द दाल धुली 120, उड़द दाल छिलका 110, चना दाल 75 रुपये, मसूर दाल 90 रुपये, राजमा 130 रुपये, काबुली चना 90 रुपये, काला चना 70 रुपये, मटर 90 रुपये, बेसन 80 रुपये, मैदा 25 रुपये, आशीर्वाद आटा दस किलो 330 रुपये, चक्की आटा दस किलो 220 रुपये, चीनी 37.50 रुपये प्रतिकिलो में थी।
फुटकर भाव 9 मई
डबल हिरन सरसों का तेल एक लीटर 170, पांच लीटर 865 में। फार्चून सरसों का तेल 160 रुपये, पांच लीटर 830 रुपये, खजूर ब्रांड वनस्पति एक लीटर 140, पांच लीटर 730 रुपये में है। अरहर दाल 120 रुपये, मूंग की दाल 110, उड़द की धुली दाल 125, चना दाल 80, मसूर की 110, राजमा 110, काबुली चना 120 मीडियम साइज 100, मटर 80 रुपये, बेसन 90 रुपये, मैदा 25, आशीर्वाद आटा दस किलो का पैकेट 330, चीनी 38 रुपये में हैं।
इन पांच वजहों से बढ़ रही महंगाई
1- देश में कारोबारी अनिश्चितता का माहौल
2- अधिकांश शहरों में उत्पादन में बड़ी कमी
3- दिल्ली से अलीगढ़ तक थोक बाजार बंदी
4- बड़े निजी गोदामों की चेकिंग नहीं होना
5- प्रशासनिक अव्यवस्था और पुलिसिया खौफ
बाजार के जानकार महंगाई बढ़ने के पीछे पांच प्रमुख कारण बता रहे हैं। पहला, समूचे देश में कारोबारी अनिश्चितता का माहौल, बड़े शहरों में रोजाना होने वाले उत्पादन में कमी, दिल्ली से अलीगढ़ तक थोक बाजारों में बंदी, बड़े निजी गोदामों की चेकिंग नहीं होने, प्रशासनिक अव्यवस्था और पुलिसिया खौफ को महंगाई की सबसे बड़ी वजह बताया जा रहा है, जिससे छोटे फुटकर दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि उनको चोरी छिपे मिल रहा माल अंदर ही अंदर महंगा हो रहा है। कई बड़े व्यापारी इस मौके को भुना रहे हैं। ईद के त्योहार ने मांग और बढ़ा दी है।
उस पर प्रशासनिक अव्यवस्था का आलम ये है कि लॉकडाउन या कोरोना कर्फ्यू के दौरान किराना दुकानों को खोलने को लेकर एक साल बाद भी समुचित व्यवस्था नहीं बन पाई है। वर्तमान कोरोना कर्फ्यू में जारी निर्देशों के तहत सुबह 7 से 11 बजे और शाम 4.30 से 7.30 बजे तक जरूरी खाद्य पदार्थों की दुकानें खोलने के निर्देश हैं, जिसमें फल, सब्जी, दूध, डेयरी, किराना, जनरल स्टोर की दुकानें शामिल हैं, लेकिन शहर से लेकर देहात तक पुलिस किराना और जनरल स्टोर के धड़ाधड़ चालान काट रही है।
शुक्रवार को अतरौली में एक साथ 26 किराना दुकानदारों के एक-एक हजार रुपये के चालान काट कर उनको घंटों थाने में बैठाया गया, जिसका अलीगढ़ तक पुरजोर विरोध हुआ। दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में किराना दुकानदार तयशुदा समय के अतिरिक्त भी आधा शटर उठा कर दुकानदारी कर रहे हैं। इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दो तरह की इन स्थितियों को लेकर किराना दुकानदारों में जबरदस्त रोष है। दुकानदार दबी जुबान में महंगाई बढऩे की एक बड़ी वजह पुलिसिया खौफ को भी बता रहे हैं।