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Aligarh News: रामकृष्णाचार्य ने बयां किए नेपाल के हालात, बोले- सनातन को खतरा चीन से नहीं, पश्चिमी देशों से
Thu, 22 Feb 2024 12:10 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 22 Feb 2024 12:10 AM IST
सार
स्वामी श्री रामकृष्णाचार्य महायोगी सिद्धबाबा महाराज श्री नेपाल से अलीगढ़ आए। उन्होंने नेपाल के हालात बयां किए। उन्होंने कहा कि नेपाल के सनातन समाज को सबसे बड़ा खतरा चीन से नहीं, पश्चिमी देशों से है, क्योंकि नेपाल में भौगोलिक दखल से वह चीन और भारत दोनों पर नजर रख सकते हैं। इसके लिए नेपाल में गरीब हिंदुओं का बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
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त्रकारों से वार्ता करते रामकृष्णाचार्य महाराज साथ में सतीश गौड, प्रवीन अग्रवाल
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ में चतरा धाम नेपाल से आए जगतगुरू रामानन्दाचार्य पद समलंकृत स्वामी श्री रामकृष्णाचार्य महायोगी सिद्धबाबा महाराज श्री ने कहा कि नेपाल के सनातन समाज को सबसे बड़ा खतरा चीन से नहीं, पश्चिमी देशों से है, क्योंकि नेपाल में भौगोलिक दखल से वह चीन और भारत दोनों पर नजर रख सकते हैं। इसके लिए नेपाल में गरीब हिंदुओं का बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
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स्वामी श्री रामकृष्णाचार्य ने पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध है, लेकिन पश्चिमी शक्तियां नहीं चाहतीं कि विश्व में सनातन की ध्वजा लहराए, इसलिए यह शक्तियां नेपाल के गरीबी वाले क्षेत्रों में अन्नदान, शिक्षा, चिकित्सा आदि के नाम पर भोलेभाले लोगों को बहलाकर धर्म परिवर्तन करा रही हैं। इन लोगों ने ईसा मसीह को भगवा रंग में रंग दिया है, ताकि लोग जल्द ही भ्रमित हों।
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उन्होंने बताया कि विश्व का कल्याण केवल सनातन ही कर सकता है। उन्होंने बताया कि हिमालय ही संसार की उत्पत्ति का कारक है। कोसी नदी के किनारे वाराह क्षेत्र में आठ अरब वर्ष पूर्व भगवान वाराह ने रसातल से पृथ्वी को निकाला था। इस दौरान सतीश गौड, प्रवीन अग्रवाल मौजूद रहे।
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