कोरोना काल में ऑक्सीजन के संकट के बीच पेड़ों की ओर आम जनता ही नहीं, सरकारी विभागों का भी ध्यान गया। इस बार वन विभाग खैर रेंज में एक भी पौधा बबूल का नहीं लगाएगा। खैर रेंजर ओमपाल सिंह की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था। इसको मंजूरी मिल गई है। इसके बाद उन्होंने 4.25 लाख पौध हीरापुर नर्सरी में विभिन्न प्रजातियों की तैयार कराई हैं। जुलाई में इनको रोपने का काम शुरू होगा।
खैर रेंज के रेंजर ओमपाल सिंह ने बबूल का पौधा ऑक्सीजन नहीं देता है। जमीन को भी खराब कर देता है। इसलिए इस पौध को अब नहीं रोपा जाएगा। इस बार हीरापुर नर्सरी में नीम, पीपल, पीलखन जैसे करीब दो लाख पौधे तैयार किए हैं। इन प्रजातियों के पौधों से सबसे अधिक ऑक्सीजन मिलती है। खैर में 225 हेक्टेयर में करीब 4.25 लाख पौधों का रोपण होना है। नीम, पीपल, पीलखन के अलावा जामुन, शीशम, अर्जुन, गूलर की भी पौध तैयार कराई गई है। वहीं, सरकारी विभागों, आवासों व अन्य स्थानों पर लगाने के लिए फलदार वृक्षों में इस बार नींबू, अनार, अमरूद की पौध तैयार कराई गई है। एक जुलाई से सात जुलाई तक वन सप्ताह मनाया जाएगा। शासन से इन्हीं दिनों में से किसी एक तारीख को विशेष अभियान के तहत एक साथ पूरे जिले में पौधरोपण कराने का निर्देश दिया जाएगा। फिलहाल तारीख के एलान का इंतजार है।