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लॉक डाउनं राहत की चाहत अधूरी, कोरोना बना रोड़ा
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लॉक डाउन-2 में 21 अप्रैल यानी आज से जिले के लोगों को कुछ राहत मिलने की संभावना पर कोरोना ने पानी फेर दिया। सोमवार को अचानक से दो कोरोना पॉजीटिव केस मिलने के बाद जिलाधिकारी ने राहत देने के फैसले को टाल दिया। अब इस पर फैसला 27 अप्रैल के बाद होगा। इसके साथ ही कलक्ट्रेट परिसर स्थित सभी सरकारी कार्यालयों को भी 27 अप्रैल तक बंद रखने और कर्मचारियों को न बुलाने के निर्देश दिए हैं। इधर, जिलाधिकारी ने उद्यमियों, व्यापारियों के साथ भी बैठक की। इसमें जेके व बिरला सीमेंट की ब्रांच सहित एक अन्य उद्यमी को औद्योगिक इकाई चलाने की सशर्त अनुमति दी गई है। अन्य व्यापारियों व उद्यमियों ने खुद से ईकाइयों को बंद रखने का फैसला लेते हुए लॉक डाउन में सहभागिता निभाने का एलान लिया।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि रविवार शाम को सीएम के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जिले के उस वक्त कोरोना फ्री होने के चलते कई चीजों में जिले के लोगों को राहत देने की योजना बनाई थी। मगर, सोमवार को दो कोरोना पॉजीटिव मिलने से पूरी योजना धरी रह गई। जनपदवासियों को फिलहाल 27 अप्रैल तक किसी भी प्रकार की कोई छूट नहीं है। सभी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है। वह अपने-अपने कार्यों का निर्वाहन सख्ती के साथ करें। मजिस्ट्रेटों को आदेश है कि वह सुबह छह से दस बजे के बीच ही बाजार को खुलने दें। इसके बाद किसी भी सूरत में कोई दुकान न खुले। जिन लोगों को होम डिलीवरी के लिए अधिकृत किया गया है वह भी अपने तय समय पर ही डिलीवरी करें। एसएसपी के माध्यम से पुलिस को निर्देशित किया गया है वह बैरियर्स पर चेकिंग लगातार जारी रखें। किसी भी हाल में जोन सिस्टम व ऑड ईवन व्यवस्था भंग न होने पाए। जो लोग लॉक डाउन का उल्लंघन करें। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही जिले की सीमाएं सील रहेंगी। बार्डर के गांवों पर निगाह रखी जाएगी। अपर जिलाधिकारी वि/रा लगभग 1000 पीपीई किट चिकित्सा विभाग, 200 पीपीई किट पुलिस विभाग तथा आवश्यकतानुसार नगर निगम और पंचायती राज विभाग को उपलब्ध कराएंगे। थाना देहली गेट एवं थाना कोतवाली के संपूर्ण क्षेत्र में प्रत्येक आवश्यक एवं खाद्य सामिग्री की डोर टू डोर डिलेवरी कराने की व्यवस्था की जाए। इधर, जो छात्र कोटा से जो लौटे हैं, उनको रॉयल रेजीडेन्सी तथा मस्कट में क्वारंटीन कराया गया है।
पांच सूत्रीय शर्तों के साथ देहात की औद्योगिक इकाईयों को छूट
जिला प्रशासन ने औद्योगिक इकाईयों को पांच सूत्रीय शर्तों के साथ खुलने की अनुमति दी है। इसमें सबसे खास बात यह है कि देहात क्षेत्र की इकाईयां ही संचालित होंगी। शहरी सीमा में किसी भी इकाई को नहीं खोला जाएगा। इसके साथ ही शहर का कोई भी व्यक्ति देहात की औद्योगिक इकाईयों में काम करने नहीं जाएगा। अगर, इन आदेशों का उल्लंघन हुआ तो संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई तय है। जिलाधिकारी की बात पर सहमति जताते हुए जेके व बिरला सीमेंट की ब्रांच सहित एक अन्य उद्यमी को औद्योगिक इकाई चलाने की सशर्त अनुमति ली है। अन्य व्यापारियों व उद्यमियों ने खुद से ईकाइयों को बंद रखने का फैसला लेते हुए लॉक डाउन में सहभागिता निभाने का एलान लिया।
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सांसद सतीश गौतम की मौजूदगी में जिलाधिकारी, एसएसपी, सीडीओ ने उद्यमियों, व्यापारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक की। जिलाधिकारी के मुताबिक बैठक में जेके व बिरला सीमेंट के साथ-साथ उद्यमी चंद्रशेखर शर्मा ने संस्थान चलाने की सहमति दी है। अन्य संस्थान मालिको ने संस्थान मालिकों ने लॉक डाउन तक उद्योग बंद रखने पर सहमती दी है।
यह रहेंगी शर्ते
1. श्रमिकों को आने जाने के लिए कोई भी वाहन की अनुमति नहीं होगी।
2. श्रमिकों का कोई भी मूवमेंट नहीं होगा।
3. श्रमिकों को फैक्ट्री में ही रखना होगा। वहीं पर ही रहने, खाना पीने की व्यवस्था करनी होगी।
4. उद्योग को चलाने का समय सामान्य रहेगा।
5. बिरला व जेके सीमेंट ब्रांच के संचालक मजदूरों की रहने की व्यवस्था फैक्टरी में ही करेंगे।
पंखा, एसी, कूलर की होम डिलीवरी के लिए सिटी मजिस्ट्रेट से लेनी होगी अनुमति
जिलाधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि गर्मी के सीजन को देखते हुए पंखा, एसी, कूलर की होम डिलीवरी के लिए कंपनी के अधिकृत डीलरों को अनुमति दी गई है। मगर, इन्हें होम डिलीवरी के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से पास जारी कराने होंगे। इसके साथ ही जिस वाहन से डिलीवरी करेंगे उसका भी पास लेना होगा। बिना पास के कोई भी होम डिलीवरी नहीं कर सकेगा।
सीएम के पिता को दी श्रद्धांजलि
व्यापारियों व सांसद और अधिकारियों के बीच हुई बैठक के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता की मौत की खबर पर यहां शोक की लहर दौड़ पड़ी। सांसद सहित सभी अधिकारियों व व्यापारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की कामना की। इसके साथ ही श्रद्धांजलि दी।
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जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि रविवार शाम को सीएम के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जिले के उस वक्त कोरोना फ्री होने के चलते कई चीजों में जिले के लोगों को राहत देने की योजना बनाई थी। मगर, सोमवार को दो कोरोना पॉजीटिव मिलने से पूरी योजना धरी रह गई। जनपदवासियों को फिलहाल 27 अप्रैल तक किसी भी प्रकार की कोई छूट नहीं है। सभी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है। वह अपने-अपने कार्यों का निर्वाहन सख्ती के साथ करें। मजिस्ट्रेटों को आदेश है कि वह सुबह छह से दस बजे के बीच ही बाजार को खुलने दें। इसके बाद किसी भी सूरत में कोई दुकान न खुले। जिन लोगों को होम डिलीवरी के लिए अधिकृत किया गया है वह भी अपने तय समय पर ही डिलीवरी करें। एसएसपी के माध्यम से पुलिस को निर्देशित किया गया है वह बैरियर्स पर चेकिंग लगातार जारी रखें। किसी भी हाल में जोन सिस्टम व ऑड ईवन व्यवस्था भंग न होने पाए। जो लोग लॉक डाउन का उल्लंघन करें। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही जिले की सीमाएं सील रहेंगी। बार्डर के गांवों पर निगाह रखी जाएगी। अपर जिलाधिकारी वि/रा लगभग 1000 पीपीई किट चिकित्सा विभाग, 200 पीपीई किट पुलिस विभाग तथा आवश्यकतानुसार नगर निगम और पंचायती राज विभाग को उपलब्ध कराएंगे। थाना देहली गेट एवं थाना कोतवाली के संपूर्ण क्षेत्र में प्रत्येक आवश्यक एवं खाद्य सामिग्री की डोर टू डोर डिलेवरी कराने की व्यवस्था की जाए। इधर, जो छात्र कोटा से जो लौटे हैं, उनको रॉयल रेजीडेन्सी तथा मस्कट में क्वारंटीन कराया गया है।
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पांच सूत्रीय शर्तों के साथ देहात की औद्योगिक इकाईयों को छूट
जिला प्रशासन ने औद्योगिक इकाईयों को पांच सूत्रीय शर्तों के साथ खुलने की अनुमति दी है। इसमें सबसे खास बात यह है कि देहात क्षेत्र की इकाईयां ही संचालित होंगी। शहरी सीमा में किसी भी इकाई को नहीं खोला जाएगा। इसके साथ ही शहर का कोई भी व्यक्ति देहात की औद्योगिक इकाईयों में काम करने नहीं जाएगा। अगर, इन आदेशों का उल्लंघन हुआ तो संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई तय है। जिलाधिकारी की बात पर सहमति जताते हुए जेके व बिरला सीमेंट की ब्रांच सहित एक अन्य उद्यमी को औद्योगिक इकाई चलाने की सशर्त अनुमति ली है। अन्य व्यापारियों व उद्यमियों ने खुद से ईकाइयों को बंद रखने का फैसला लेते हुए लॉक डाउन में सहभागिता निभाने का एलान लिया।
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सांसद सतीश गौतम की मौजूदगी में जिलाधिकारी, एसएसपी, सीडीओ ने उद्यमियों, व्यापारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक की। जिलाधिकारी के मुताबिक बैठक में जेके व बिरला सीमेंट के साथ-साथ उद्यमी चंद्रशेखर शर्मा ने संस्थान चलाने की सहमति दी है। अन्य संस्थान मालिको ने संस्थान मालिकों ने लॉक डाउन तक उद्योग बंद रखने पर सहमती दी है।
यह रहेंगी शर्ते
1. श्रमिकों को आने जाने के लिए कोई भी वाहन की अनुमति नहीं होगी।
2. श्रमिकों का कोई भी मूवमेंट नहीं होगा।
3. श्रमिकों को फैक्ट्री में ही रखना होगा। वहीं पर ही रहने, खाना पीने की व्यवस्था करनी होगी।
4. उद्योग को चलाने का समय सामान्य रहेगा।
5. बिरला व जेके सीमेंट ब्रांच के संचालक मजदूरों की रहने की व्यवस्था फैक्टरी में ही करेंगे।
पंखा, एसी, कूलर की होम डिलीवरी के लिए सिटी मजिस्ट्रेट से लेनी होगी अनुमति
जिलाधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि गर्मी के सीजन को देखते हुए पंखा, एसी, कूलर की होम डिलीवरी के लिए कंपनी के अधिकृत डीलरों को अनुमति दी गई है। मगर, इन्हें होम डिलीवरी के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से पास जारी कराने होंगे। इसके साथ ही जिस वाहन से डिलीवरी करेंगे उसका भी पास लेना होगा। बिना पास के कोई भी होम डिलीवरी नहीं कर सकेगा।
सीएम के पिता को दी श्रद्धांजलि
व्यापारियों व सांसद और अधिकारियों के बीच हुई बैठक के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता की मौत की खबर पर यहां शोक की लहर दौड़ पड़ी। सांसद सहित सभी अधिकारियों व व्यापारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की कामना की। इसके साथ ही श्रद्धांजलि दी।