Aligarh News: ओजोन बिल्डर के आरोपों पर सांसद रिश्तेदार ने लगाए प्रत्यारोप, कहा वह पहले अपने गिरेबां में झांकें
मनोज गौतम ने कहा कि उन्होंने जिस 12 बीघा जमीन का बैनामा राजवती नाम की महिला से कराया। उसका 50 लाख रुपया स्टांप का तहसील में नियमानुसार जमा किया और तीन करोड़ रुपये महिला को भुगतान किया। बाद में उनका बैनामा सही मानते हुए तहसील प्रशासन ने उस 12 बीघा जमीन का उनके हक में दाखिल खारिज भी कर दिया।
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अलीगढ़ की ओजोन सिटी ग्रुप के चेयरमैन प्रवीन मंगला पर सांसद के रिश्तेदार एमकेजी मीडिया ग्रुप के स्वामी मनोज गौतम ने पलटवार किया है। उन्होंने साफ कहा है कि ओजोन ग्रुप द्वारा अवैध रूप से अचल संपत्तियों पर कब्जा कर इसे विकसित किया गया है। दस्तावेजी साक्ष्य पेश करते हुए मनोज गौतम ने उच्चस्तरीय जांच कराने और प्रवीण मंगला को भूमाफिया घोषित करने की मांग की। कहा कि वह चूंकि उनसे लड़ पा रहे हैं, इसलिए अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। जो लोग नहीं लड़ पा रहे, उनको भी प्रशासन द्वारा सामने लाया जाए।
ये बातें मनोज गौतम ने अपने विक्रम कालोनी स्थित कार्यालय पर प्रेसवार्ता में कहीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिस 12 बीघा जमीन का बैनामा राजवती नाम की महिला से कराया। उसका 50 लाख रुपया स्टांप का तहसील में नियमानुसार जमा किया और तीन करोड़ रुपये महिला को भुगतान किया। बाद में उनका बैनामा सही मानते हुए तहसील प्रशासन ने उस 12 बीघा जमीन का उनके हक में दाखिल खारिज भी कर दिया। चूंकि वह जमीन ओजोन सिटी से सटी है। इसलिए प्रवीन मंगला उसे सस्ते दामों में लेना चाहते थे। मनोज ने कहा कि महिला ने उनसे सौदा कर बैनामा कर दिया तो उन पर अनर्गल आरोप लगाने लगे।
राजस्व अभिलेखों में कहीं आरोप साबित नहीं हुए तो पिछले दिनों पुलिस को भ्रमित कर उन पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। मनोज ने कहा कि वे व्यापारी हैं और सांसद उनके रिश्तेदार हैं। ऐसे में उनकी आड़ में सांसद को भी घसीटा जा रहा है। हकीकत में उस जमीन से सांसद का कोई लेनादेना नहीं। वह जमीन उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी है। रहा सवाल मुझसे जान के खतरे का तो ऐसे आरोप तो कोई भी किसी पर लगा सकता है। आज तक उन पर कोई आपराधिक मुकदमा नहीं है। बोले.. मैं चूंकि इनसे लड़ पा रहा हूं, इसलिए आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे तमाम लोग हैं, जो इनसे लड़ नहीं पा रहे। उन्हें प्रशासन सामने लाकर जांच करे और कार्रवाई करे तो तस्वीर साफ हो जाएगी।
प्रवीन मंगला पर मनोज गौतम के ये आरोप
- 9 बैनामे ऐसे, जिनमें अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की भूमि बिना अनुमति के खरीदी गई
- कुछ बैनामों में विक्रेता के अनुसूचित होने का तथ्य तक छिपाया गया है
- कुछ बैनामों में क्रेता यानि ओजोन पार्टनर को अनुसूचित दर्शाया गया है
- 53 मुकदमे सिविल/क्रिमिनल प्रकृत्ति के ओजोन ग्रुप/प्रवीन मंगला पर हैं
- सभी मुकदमों में भूमि संबंधी विवाद न्यायालयों में विचाराधीन चल रहे हैं
- 2004 में खरीदी गई भूमि को 2007 में अवैध तरीके से अकृषक कराया गया
- 2004 में भी पट्टे की भूमि पट्टेदारों से खरीदी, फिर 2007 में अकृषक कैसे हुई
- 2007 में सरकारी भूमि पर कब्जे कर ओजोन सिटी विकसित करने के आरोप लगे
- तत्कालीन बसपा विधायक गेंदालाल चौधरी ने जांच कराई, मगर ठंडे बस्ते में चली गई
ग्लोबल की तरह होगा ओजोन का हस्र
मनोज गौतम कहते हैं कि हरियाणा से यहां आकर प्रवीन मंगला व उनके भाई राजेश अग्रवाल ने ओजोन ग्रुप शुरू किया। बाद में राजेश अग्रवाल ने ग्लोबल ग्रुप शुरू किया और शहर के लोगों का उसमें निवेश कराया। बाद में वे यहां से भाग गए। इस बात की जांच होनी चाहिए कि ग्लोबल के नाम पर हुए निवेश का धन ओजोन सिटी में लगा है और उसके बाद राजेश अग्रवाल गायब हुए हैं।
एडीए, तहसील से रिकवरी भी जारी
मनोज गौतम ने साक्ष्य पेश करते हुए कहा कि एडीए से विकास कर के नाम पर 3.75 करोड़ की और तहसील से एक अलग आरसी जारी है। वे कहते हैं कि एक गेट पर ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे का आरोप है, जिसके लिए इन पर 14 लाख का नोटिस जारी है। ऐसे व्यक्ति का सच सामने आना चाहिए।