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AMU: कच्चे तेल शोधन की लागत को कम करेगी मॉफ तकनीक, 100 वाला पेट्रोल मिल सकेगा 60 रुपये में

Tue, 31 Dec 2024 01:31 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 31 Dec 2024 01:31 PM IST
सार

विदेश से क्रूड ऑयल खरीदा जाता है, जिसमें ऐसे घातक तत्व होते हैं। इनको रिफाइनरी में शुद्ध किया जाता है। इसमें काफी खर्च आता है। अगर उनकी तकनीक को रिफाइनरी में इस्तेमाल किया जाता है तो 100 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला पेट्रोल 60 रुपये तक में लोगों को मिल सकता है।

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Moff technology will reduce the cost of crude oil refining
शुद्ध किया गया पेट्रोल - फोटो : अमर उजााला

विस्तार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के रसायन विज्ञान विभाग ने कच्चे तेल के शोधन की मॉफ (मेटल आर्गेनिक फ्रेमवर्क) तकनीक को खोजा है। इसके प्रयोग से रिफाइनरियों की लागत में 40 फीसदी तक कमी आ सकती है। रिलायंस पेट्रोकेमिकल ने भी इस तकनीक के प्रति रुचि दिखाई है और कंपनी के प्रतिनिधि शोधकर्ताओं व एएमयू के संपर्क में हैं।

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मॉफ तकनीक एक धातु कार्बनिक ढांचा है जिसमें छिद्रयुक्त पॉलिमर शामिल रहता है।यह शोध अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के इनआर्गेनिक केमेस्ट्री जर्नल में भी छप चुका है। रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद शाहिद और शोधार्थी मोहम्मद महताब ने इस मॉफ (मेटल आर्गेनिक फ्रेमवर्क) तकनीक पर काम किया है। 
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उत्तर प्रदेश काउंसिल साइंस टेक्नोलॉजी (यूपीसीएसटी) ने जनवरी 2022 में शोध के लिए प्रोजेक्ट एएमयू को दिया था। इसके बाद कच्चे तेल के शोधन के लिए प्रयोगशाला में काम शुरू किया गया। दो साल की मेहनत के बाद शोधकर्ताओं को कच्चे तेल से पेट्रोल को अलग करने के साथ उसमें मौजूद सल्फर थाइयोपेन नामक तत्व को भी अलग करने में सफलता मिली। यह वह तत्व है, जो वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचाता है। इस तकनीक से तेल शोधन की लागत भी कम होगी।
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डॉ मोहम्मद शाहिद के साथ शोधार्थी मोहम्मद महताब
डॉ. मोहम्मद शाहिद ने बताया कि शोध को अमेरिका से पेटेंट कराने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि रिलायंस कंपनी से भी बात चल रही है। जल्द ही वहां से भी जवाब आने की उम्मीद है।

ऐसे काम करेगा मॉफ

डॉ. मोहम्मद शाहिद ने बताया कि पेट्रोल में सल्फर थाइयोपेन मिलाकर उसे अशुद्ध बनाया गया। फिर उस पर शोध शुरू किया गया। छोटी शीशी में 10 मिलीटर अशुद्ध पेट्रोल में कॉपर का क्रिस्टल डाला गया, जो मॉफ था। उसे 24 घंटे तक के लिए प्रयोगशाला में रखा गया। इसके बाद देखा गया कि क्रिस्टल ने सल्फर थाइयोपेन को अपने अंदर समाहित कर लिया, पूरी तरह से पेट्रोल शुद्ध हो गया।

लागत कम होने से 100 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला पेट्रोल 60 में मिलेगा
डॉ. मोहम्मद शाहिद ने बताया कि विदेश से क्रूड ऑयल खरीदा जाता है, जिसमें ऐसे घातक तत्व होते हैं। इनको रिफाइनरी में शुद्ध किया जाता है। इसमें काफी खर्च आता है। अगर उनकी तकनीक को रिफाइनरी में इस्तेमाल किया जाता है तो 100 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला पेट्रोल 60 रुपये तक में लोगों को मिल सकता है।

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