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प्रवासी श्रमिक बने जिला प्रशासन के लिए चुनौती
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बस में बैठते प्रवासी मजदूर।
- फोटो : CITY OFFICE
प्रवासी मजदूर जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन गए हैं। प्रशासन पर जहां एक ओर इन्हें रोजगार देकर स्वावलंबी बनाने का दबाव है तो दूसरी ओर अपने साथ कोरोना संक्रमण लाए श्रमिकों की पहचान मुश्किल हो रही है। विशेष रूप से महाराष्ट्र और गुजरात के श्रमिक प्रशासन के लिए परेशानियों का सबब बने हुए हैं। समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय कर हर एक संदिग्ध श्रमिक का कोरोना परीक्षण कराने का निर्णय लिया है।
मार्च से अब तक जिले में करीब 8393 प्रवासी श्रमिक पैदल, बस एवं ट्रेनों से आए हैं। इनमें महाराष्ट्र गुजरात और पंजाब से आये करीब 4680 श्रमिक शामिल हैं। मंगलवार को भी करीब 800 श्रमिक ट्रेन से आए हैं, इनमें 200 लोग अलीगढ़ के हैं। रोजाना आ रहे इन श्रमिकों से जनपद में कोरोना संक्रमण फैलने का अंदेशा है।
गत दिवस ही गभाना में दो तथा तहसील में 2 श्रमिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि समस्या से निपटने के लिए इन सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है और संदिग्ध मरीजों का कोरोना परीक्षण कराया जा रहा है। महाराष्ट्र और गुजरात से सबसे अधिक श्रमिक कोल, गभाना और इगलास में आए हैं। इनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य टीमें लगा दी गई हैं। अब तक बने 4100 प्रवासी श्रमिकों के जॉब कार्ड अलीगढ़। प्रवासी श्रमिकों को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें मनरेगा में काम दिया जा रहा है। इसके लिए बड़े पैमाने पर जॉब कार्ड बनाए जा रहे है। अब तक 4100 श्रमिकों के जॉब कार्ड बन चुके हैं।
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विलुप्त नदियों को पुनर्जीवित करने में लगाए श्रमिक अलीगढ़। प्रवासी श्रमिकों को जनपद में विलुप्त 6 नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए चल रहे खुदाई कार्य में लगाया जा रहा है। इसके अलावा इस सीजन में खुदने वाले 200 नए तालाबों का निर्माण भी इन श्रमिकों के जरिए कराए जाने की योजना है।
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मार्च से अब तक जिले में करीब 8393 प्रवासी श्रमिक पैदल, बस एवं ट्रेनों से आए हैं। इनमें महाराष्ट्र गुजरात और पंजाब से आये करीब 4680 श्रमिक शामिल हैं। मंगलवार को भी करीब 800 श्रमिक ट्रेन से आए हैं, इनमें 200 लोग अलीगढ़ के हैं। रोजाना आ रहे इन श्रमिकों से जनपद में कोरोना संक्रमण फैलने का अंदेशा है।
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गत दिवस ही गभाना में दो तथा तहसील में 2 श्रमिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि समस्या से निपटने के लिए इन सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है और संदिग्ध मरीजों का कोरोना परीक्षण कराया जा रहा है। महाराष्ट्र और गुजरात से सबसे अधिक श्रमिक कोल, गभाना और इगलास में आए हैं। इनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य टीमें लगा दी गई हैं। अब तक बने 4100 प्रवासी श्रमिकों के जॉब कार्ड अलीगढ़। प्रवासी श्रमिकों को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें मनरेगा में काम दिया जा रहा है। इसके लिए बड़े पैमाने पर जॉब कार्ड बनाए जा रहे है। अब तक 4100 श्रमिकों के जॉब कार्ड बन चुके हैं।
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विलुप्त नदियों को पुनर्जीवित करने में लगाए श्रमिक अलीगढ़। प्रवासी श्रमिकों को जनपद में विलुप्त 6 नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए चल रहे खुदाई कार्य में लगाया जा रहा है। इसके अलावा इस सीजन में खुदने वाले 200 नए तालाबों का निर्माण भी इन श्रमिकों के जरिए कराए जाने की योजना है।