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सरकारी में कमी हो तो निजी अस्पतालों के 50 फीसदी बेड आरक्षित कराए जाएं
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एल-वन और एल-टू श्रेणी के सरकारी अस्पतालों में बेड की कमी समस्या बनती जा रही है। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना के तहत कोरोना का इलाज देने में आ रही दिक्कतों को दूर करने की पहल की गई है। प्रदेश सरकार ने कोविड-19 का उपचार करने में सक्षम निजी अस्पतालों के 50 फीसदी बेड को आवश्यकतानुसार लेने का आदेश जारी कर दिया है। विशेष सचिव शत्रुंजय कुमार सिंह ने उक्त आदेश देने के साथ ही प्रदेश के निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे कोरोना मरीजों के इलाज की दरें एक बार फिर से सार्वजनिक की है। जिलाधिकारी और सीएमओ को इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए कहा है। इन आदेशों में हवाला दिया गया है कि डा. विनोद पाल कमेटी द्वारा दी गई संस्तुतियों के क्रम में 10 जुलाई 2020 को दरें तय की थीं, उन्हीं दरों पर इलाज मुहैया कराया जाए।
हॉस्पिटल की श्रेणी और इलाज की दरें
-एनएबीएच अक्रेडिटिड हॉस्पिटल के आइसोलेशन बेड पर सपोर्टिव केयर और आक्सीजन के साथ भर्ती होने पर दस हजार रुपये प्रतिदिन तय हैं, जिसमें पीपीई किट के 1200 रुपये शामिल हैं।
- आईसीयू बेड पर 15 हजार रुपये प्रतिदिन का चार्ज तय है, जिसमें 2000 रुपये की पीपीई किट खर्च शामिल है।
-वेंटीलेटर सहित आईसीयू बेड पर 18 हजार रुपये प्रतिदिन खर्च होंगे, जिसमें पीपीई किट के दो हजार रुपये शामिल हैं।
1- नान एनएबीएच अक्रेडिटिड हास्पिटल के आइसोलेशन बेड पर सपोर्टिव केयर और आक्सीजन के साथ भर्ती होने पर आठ हजार रुपये प्रतिदिन लगेंगे, जिसमें 1200 रुपये की पीपीई किट शामिल है।
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2- आईसीयू बेड के 13 हजार रुपये प्रतिदिन तय हैं, जिसमें दो हजार की पीपीई किट शामिल है।
3- वेंटीलेटर सहित आईसीयू बेड पर प्रतिदिन 15 हजार रुपये खर्च होंगे, जिसमें दो हजार रुपये की किट शामिल है।
नोट : प्रदेश के बी और सी श्रेणी के नगरों में स्थिति सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल उक्त दरों का क्रमश: 60 व 80 प्रतिशत शुल्क के रूप में लेंगे।
नगरों का वर्गीकरण :
ए श्रेणी में कानपुर, लखनऊ, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद शामिल हैं।
बी श्रेणी में मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, सहारनपुर, मथुरा, रामपुर, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, अयोध्या, फीरोजाबाद, मुजफ्फरनगर और फर्रुखाबाद शामिल हैं।
सी श्रेणी में उपरोक्त श्रेणी ए और बी से भिन्न जनपदों के नगर रखे गए हैं।
आयुष्मान योजना में ये है इलाज का खर्च
प्रदेश के निजी चिकित्सा महाविद्यालयों के अस्पतालों को कहा गया है कि वह आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आने वाले मरीजों का कोरोना का इलाज करें। योजना में तय दरों पर मरीजों के इलाज की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें जनरल वार्ड बेड में 1800 रुपये, एचडीयू वार्ड बेड 2700 रुपये, आईसीयू बेड 3600 रुपये, वेंटीलेटर सहित आईसीयू बेड 4500 रुपये प्रतिदिन की दर तय हुई है। निजी चिकित्सा महाविद्यालयों को सरकार द्वारा सुरक्षा उपकरण, पीपीई किट और एन-95 मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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हॉस्पिटल की श्रेणी और इलाज की दरें
-एनएबीएच अक्रेडिटिड हॉस्पिटल के आइसोलेशन बेड पर सपोर्टिव केयर और आक्सीजन के साथ भर्ती होने पर दस हजार रुपये प्रतिदिन तय हैं, जिसमें पीपीई किट के 1200 रुपये शामिल हैं।
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- आईसीयू बेड पर 15 हजार रुपये प्रतिदिन का चार्ज तय है, जिसमें 2000 रुपये की पीपीई किट खर्च शामिल है।
-वेंटीलेटर सहित आईसीयू बेड पर 18 हजार रुपये प्रतिदिन खर्च होंगे, जिसमें पीपीई किट के दो हजार रुपये शामिल हैं।
1- नान एनएबीएच अक्रेडिटिड हास्पिटल के आइसोलेशन बेड पर सपोर्टिव केयर और आक्सीजन के साथ भर्ती होने पर आठ हजार रुपये प्रतिदिन लगेंगे, जिसमें 1200 रुपये की पीपीई किट शामिल है।
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2- आईसीयू बेड के 13 हजार रुपये प्रतिदिन तय हैं, जिसमें दो हजार की पीपीई किट शामिल है।
3- वेंटीलेटर सहित आईसीयू बेड पर प्रतिदिन 15 हजार रुपये खर्च होंगे, जिसमें दो हजार रुपये की किट शामिल है।
नोट : प्रदेश के बी और सी श्रेणी के नगरों में स्थिति सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल उक्त दरों का क्रमश: 60 व 80 प्रतिशत शुल्क के रूप में लेंगे।
नगरों का वर्गीकरण :
ए श्रेणी में कानपुर, लखनऊ, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद शामिल हैं।
बी श्रेणी में मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, सहारनपुर, मथुरा, रामपुर, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, अयोध्या, फीरोजाबाद, मुजफ्फरनगर और फर्रुखाबाद शामिल हैं।
सी श्रेणी में उपरोक्त श्रेणी ए और बी से भिन्न जनपदों के नगर रखे गए हैं।
आयुष्मान योजना में ये है इलाज का खर्च
प्रदेश के निजी चिकित्सा महाविद्यालयों के अस्पतालों को कहा गया है कि वह आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आने वाले मरीजों का कोरोना का इलाज करें। योजना में तय दरों पर मरीजों के इलाज की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें जनरल वार्ड बेड में 1800 रुपये, एचडीयू वार्ड बेड 2700 रुपये, आईसीयू बेड 3600 रुपये, वेंटीलेटर सहित आईसीयू बेड 4500 रुपये प्रतिदिन की दर तय हुई है। निजी चिकित्सा महाविद्यालयों को सरकार द्वारा सुरक्षा उपकरण, पीपीई किट और एन-95 मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका शुल्क नहीं लिया जाएगा।