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Hathras Accident: जांच की दिशा में ये शुरू किए गए प्रयास, अब तक 11 भेजे गए जेल... मधुकर ने कबूली यह बातें

Fri, 12 Jul 2024 09:14 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़/हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़/हाथरस Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 12 Jul 2024 09:14 AM IST
सार

सिकंदराराऊ में दो जून को हुए हादसे में 121 लोगों की मौत हुई। इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में सत्संग कमेटी के मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर का नाम सामने आया। साथ में चार अन्य सहयोगी सामने आए।

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Hathras Accident Now these efforts have been started towards investigation
Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाथरस के सिकंदराराऊ हादसे के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर के साथ इस मामले में कुल 11 लोग अब तक जेल भेजे जा चुके हैं। इन्हें लेकर जेल भेजने के बाद सबसे पहले तो इनके आधार व पैनकार्ड जुटाए गए हैं, जिनमें से कुछ के आधार व पैनकार्ड मिलने में देरी हुई है। इसके बाद इनके मूल पते के बैंकों और इनके वर्तमान पते से जुड़ी सभी बैंकों और संबंधित जिलों के लीड बैंक मैनेजरों को पत्र भेजे गए हैं कि इनके नाम से और आयोजन से जुड़े ट्रस्ट के नाम से कितने खाते हैं, इस विषय में जानकारी दी जाए। ये सभी पत्र एसपी हाथरस की ओर से भेजे गए हैं।

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कुछ जगहों से सूचना भेजी जा रही है। वहीं कुछ जगहों से सूचना भेजने में कोई तत्परता नहीं दिखाई जा रही है, जिन्हें पुन: पत्राचार या फोन से संपर्क किया जा रहा है। इनके स्तर से खातों की संख्या बताई जा रही है। उनसे साथ की साथ यह भी पूछा जा रहा है कि इनके बैंक खातों से पिछले पांच वर्ष में कितना और कब-कब, क्या क्या लेन व देन हुआ है। ये भी जानकारी दी जाए, उसी आधार पर अध्ययन किया जाएगा, जिसमें यह उजागर होगा कि किस स्तर से कितना धन आया है और कितना किस स्तर पर गया है। इस काम में सीए आदि की मदद से ऑडिट कराकर फिर ईडी की मदद भी ली जाएगी।

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मधुकर और ट्रस्टियों के तलाशे जा रहे बैंक खाते
सिकंदराराऊ हादसे के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर की गिरफ्तारी के बाद सामने आए फंडिंग से जुड़े तथ्य पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मधुकर के साथ-साथ सत्संग से जुड़ी कमेटी, ट्रस्ट और उनके सभी सदस्यों के आधार-पैनकार्ड जुटाकर बैंकों से पत्राचार किया गया है। इसमें उनके बैंक खातों की संख्या व उनके पिछले पांच वर्ष के लेनदेन का विवरण जानने का प्रयास हो रहा है। इस आधार पर जांच की दिशा आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि साफ हो सके कि धन कहां से आता है और किस तरह आगे ट्रांसफर किया जाता है। इसमें सीए आदि की मदद से ऑडिट कराकर फिर ईडी की मदद भी ली जाएगी।

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देवप्रकाश मधुकर ने कबूल की ये बातें
सिकंदराराऊ में दो जून को हुए हादसे में 121 लोगों की मौत हुई। इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में सत्संग कमेटी के मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर का नाम सामने आया। साथ में चार अन्य सहयोगी सामने आए। मधुकर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 10 और आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस ने उजागर किया था कि देवप्रकाश ने कुछ राजनीतिक दलों से रिश्ते स्वीकारें हैं और भोले बाबा के सत्संग आयोजनों के लिए वह लंबे समय से धन एकत्रित करने का काम भी करता है। इस आधार पर देवप्रकाश की मनी ट्रेल की जांच करना तय किया गया था।

काली वर्दी वालों के भी जुटाए जा रहे आधार-पैन
पुलिस सिर्फ आयोजन समिति ही नहीं, बल्कि काली वर्दी वाले उन गार्डों के आधार व पैन कार्ड भी जुटा रही है, जिनके द्वारा धक्का-मुक्की करने से हादसा हुआ। उसी आधार पर यह जाना जाएगा कि उन्हें धन किस स्तर से मिलता है और कितना मिलता है।

अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास जारी
इस हादसे के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। वर्तमान में कुछ टीमें राजस्थान में डेरा डाले हुए हैं। वहां से जानकारी मिलने पर गिरफ्तारी होने की उम्मीद है।

जेल में देवप्रकाश से मुलाकातों का क्रम जारी, नहीं कोई ब्योरा
हाथरस कांड में जेल भेजे गए देवप्रकाश सहित 11 आरोपियों से बेशक कारागार प्रशासन ने 10-10 मुलाकातियों के नाम जाने थे मगर उनके स्तर से अभी तक मात्र तीन-तीन या चार-चार परिजनों या करीबियों के नाम दिए गए हैं। बाकी नाम देने के लिए समय लिया गया है। इसके बाद कारागार में इनकी मुलाकातों का क्रम जारी है। सबसे महत्वपूर्ण या लापरवाही का पहलू ये है कि कारागार प्रशासन के पास जेल जाने के बाद से अभी तक की मुलाकातों का ब्योरा नहीं है। इस विषय में जेलर कृपेंद्र सिंह से जब बात की गई तो उनकी ओर से यही जवाब दिया गया कि कितनी मुलाकात अब तक हुई हैं, इसका ब्योरा मिलना संभव नहीं है। इस तरह कारागार प्रशासन की लापरवाही सामने आती है कि इतनी बड़ी घटना के आरोपियों के प्रति कैसा लचर रवैया है। कारागार प्रशासन द्वारा इनकी मुलाकातों का ब्योरा तक नहीं रखा जा रहा है। ऐसे में तो कोई भी आकर मिलकर जा सकता है।

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