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Aligarh: टप्पल में बाढ़ जैसे हालात, 12 गांवों की फसलें डूबीं, यमुना ने खतरे के निशान को किया पार

Tue, 02 Sep 2025 11:26 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 02 Sep 2025 11:26 PM IST
सार

प्रशासन ने किसान इंटर कॉलेज पखौदना ऊंटासानी, रामगढ़ी, महाराजगढ़ व शेरपुर गांव में बाढ़ चौकियां शुरू कर दी है। आपातकाल स्थिति में टप्पल स्थित अनाज मंडी में कंट्रोल रूम बनाया गया है।

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Flood like situation in Aligarh Tappal due to rain
अलीगढ़ के टप्पल ब्लॉक के गांव महाराजगढ़ में गांव के बाहर यमुना नदी में बाढ़ सा नजारा - फोटो : संवाद

विस्तार

यमुना ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। खतरे के निशान को पार कर चुकी यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से टप्पल क्षेत्र के खादर इलाके में बाढ़ से हालात बन गए हैं। करीब 12 गांवों की फसलें पानी में डूब गई हैं। गांव महाराजगढ़, शेरपुर, ऊंटासानी, रामगढ़ी, और पखोदना सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। प्रशासन ने लोगों से इन गांवों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है।

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प्रशासन ने किसान इंटर कॉलेज पखौदना ऊंटासानी, रामगढ़ी, महाराजगढ़ व शेरपुर गांव में बाढ़ चौकियां शुरू कर दी है। आपातकाल स्थिति में टप्पल स्थित अनाज मंडी में कंट्रोल रूम बनाया गया है। अफसरों का कहना है कि यमुना पहले से ही उफान पर थी। रविवार को हथिनी कुंड बैराज से 3.76 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया। इससे स्थिति और बिगड़ गई। एसडीएम खैर शिशिर कुमार सिंह ने मंगलवार को सबसे ज्यादा प्रभावित पांच गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
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आपात स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और पीएसी की बाढ़ यूनिट की एक-एक टीम तैनात कर दी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटे में करीब छह गांव ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन नजर बनाए हुए हैं। कस्बा जट्टारी के जितेंद्र बताते हैं कि वर्ष 1998 में यमुना में आई बाढ़ से ऐसे हालात बन गए थे। पानी रपटा पुल तक आ गया था। महराजगढ़ गांव के इंद्रजीत ने बताया कि वर्ष 2010 और 2023 में यमुना उफनाई थी और पानी खेतों तक पहुंच गया था। इस बार हालात 1998 जैसे बनते दिख रहे हैं।

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यमुना के पानी में डूब गए इन गांवों के खेत

  • चंदीगढ़ नगला (धारागढ़ी)
  • ऊंटासानी
  • पखौदना
  • रामगढ़ी
  • फतेहपुर
  • मिलक
  • किशनगढ़
  • महाराजगढ़
  • पीपली
  • घरबरा
  • शेरगढ़

तटबंध कटने की आशंका पर बोरियों को तैयार किया
गांव मिलक फतेहपुर-लालपुर के तटबंध के कटने की आशंका को देखते हुए जल निगम ने करीब तीन हजार कट्टे पानी के बहाव के रोकने के लिए तैयार कर लिए हैं। कट्टे बनाने का कार्य जारी है। पानी बढ़ने के कारण गांव शेरपुर की सड़क कटनी शुरू हो गई है। इसके अलावा तटीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की चार टीम और बाढ़ नियंत्रण दस्ता बचाव कार्य के संसाधनों जैसे लाइफ जैकेट, स्ट्रक्चर आदि के साथ तैनात हैं।

अफसरों ने किया प्रभावित गांवों का निरीक्षण
डीएम संजीव रंजन के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार, एसडीएम शिशिर कुमार व नायब तहसीलदार प्रियंका सिंह ने संभावित बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का मंगलवार को निरीक्षण किया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है।
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