12 करोड़ के गबन में दो बैंक मैनेजरों समेत आठ पर एफआईआर दर्ज
- सहकारी बैंक कासिमपुर में हुए घोटाले में कनिष्ठ शाखा प्रबंधक ने लिखाई रिपोर्ट
- ‘अमर उजाला’ ने उठाया था मामला, डीसीबी चेयरमैन ने कराई थी गबन की जांच
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जिला सहकारी बैंक की शाखा कासिमपुर में हुए 11 करोड़ 83 लाख रुपये के गबन में आखिरकार बुधवार को एफआईआर दर्ज हो ही गई। सरकारी रिकार्ड में हेराफेरी और रिकार्ड खुर्दबुर्द करने समेत अन्य आरोपों में बैंक के दो तत्कालीन शाखा प्रबंधक, दो लिपिक कैशियर समेत आठ लोगों के खिलाफ जवां थाने में बैंक के कनिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इनमें से कई आरोपी सहकारी समिति गोधा के सचिव रहे हैं। जिन कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है वह गबन का मामला उजागर होने के बाद से निलंबित चल रहे हैं।
सहकारी बैंक शाखा कासिमपुर में हुए इस गबन की जांच जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) की चेयरमैन व भाजपा नेता उमेश कुमारी ने करवाई थी। ‘अमर उजाला’ ने भी इस मामले को गंभीरता से उठाया था। जांच में दोषी पाए गए कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज न होने से डीसीबी चेयरमैन खफा थीं। जिला सहकारी बैंक की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने इस मामले की जांच की थी। इस समिति में कनिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार भी शामिल थे।
जांच समिति ने 27 फरवरी 2019 को जांच आख्या जिला सहकारी बैंक मुख्यालय को सौपीं थी। इस जांच में आगरा निवासी तत्कालीन शाखा प्रबंधक अनिल कुमार नंदा व अलीगढ़ निवासी महेश कुमार शर्मा के साथ ही फतेहपुर निवासी तत्कालीन लिपिक कैशियर ब्रजेश कुमार अवस्थी, संजय कुमार मौर्य तत्कालीन सहकारी पर्यवेक्षक लिपिक कैशियर, सुरेश चंद्र शर्मा तत्कालीन प्रभारी सचिव क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड गोधा, गोकुलेश शर्मा तत्कालीन सचिव क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड गोधा, त्रिपेंद्र शर्मा तत्कालीन प्रभारी सचिव क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड गोधा तथा राजेंद्र शर्मा तत्कालीन सचिव क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड जवां को नियम विरुद्ध, मिलीभगत, छल कपट, धोखाधड़ी, रिकार्ड में हेराफेरी व खुर्दबुर्द करते हुए 11 करोड़ 83 लाख 35436 रुपये 27 पैसे के गबन का दोषी पाया गया। कनिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार ने कहा कि इसके अलावा गबन का अन्य कोई मामला भी प्रकाश में आता है तो उसे भी इस धनराशि में शामिल कर लिया जाएगा।