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चिंता की बारिश में डूबे किसान... कहां से करेंगे बेटी के हाथ पीले

Wed, 12 Oct 2022 01:37 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2022 01:37 AM IST
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Farmers drowned in the rain of worry... from where will the daughter's hands turn yellow
जवां के तेजपुर गांव के किसान रमेशपाल ने इस बार धान की फसल उगाई थी। उम्मीद थी कि पैदावार अच्छी होगी तो दिसंबर में बेटी के हाथ पीले करेंगे। बीते दिनों हुई झमाझम बारिश से पूरा खेत पानी से लबालब भर गया और फसल पानी में डूब गई।
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इसी तरह रमेशपाल की भी उम्मीदें टूट गईं। गभाना के दौरऊ निवासी किसान राजकुमार ने बैंक से ऋण लेकर खेती की थी। सोचा था कि दीपावली धूमधाम से मनाएंगे। बारिश से फसल खराब होने के बाद उनको चिंता सता रही है कि आखिर ऋण कैसे चुकाएंगे। इन हालातों के बीच किसानों की दीवाली का उत्साह ठंडा हो गया है।
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किसानों पर बारिश कहर बनकर टूटी है। धान की अगैती फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। खेतों किसानों की आंखों से आंसू निकल रहे हैं और उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अबतक जिन क्षेत्रों में पानी कभी नहीं पहुंचता था, वहां भी पानी भर गया है। इस बार बारिश में सबसे अधिक नुकसान किसानों को हुआ है, क्योंकि धान की फसल एकदम तैयार हो गई थी।
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अगैती फसल की कटाई शुरू हो गई थी। किसान खेतों से उसे निकाल भी नहीं पाए थे कि बारिश के पानी में फसल डूब गई और धान की बाली खराब हो गई। पुआल भी पशुओं के चारे के काम नहीं आएगा। बाजरा, मक्का पर भी असर हुआ है। इधर, किसानों ने आलू की बुआई भी शुरू कर दी थी, लेकिन पानी भरने से खेत में आलू के बीज भी बर्बाद खराब हो जाएंगे।
30 से 40 फीसदी फसलें हो चुकी हैं बर्बाद
इस बार जिले में 85 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में धान की फसल की गई है। इसमें से करीब 20 हजार हेक्टेयर धान खेतों में लगा है, जो तेज हवाएं चलने से बिछ गया है। सरसों, बाजरा आदि समेत अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। पत्ता गोभी, फूल गोभी आदि की पौध भी खराब हो गई है। उड़द, मूंग, तिल्ली, समेत दलहन एवं तिलहन की फसलें बारिश के कारण बर्बाद हो रही है।
बारिश से देहात क्षेत्र के अतरौली, हरदुआगंज, इगलास, खैर, गभाना, छर्रा, गंगीरी, अकराबाद, जवां, कासिमपुर आदि में धान की पकी खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अनुमान के अनुसार जिले में 30 से 40 फीसदी तक फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट ने बताया कि पांचों तहसीलों में नुकसान का सर्वे जारी है।

चार लाख की दी आर्थिक सहायता
ओडिशा के क्योंझर में लोधा क्षेत्र के प्रबल प्रताप सिंह पुत्र विजेंद्र सिंह की आपदा में मृत्यु हो गई थी। ओडिशा प्रशासन ने प्रबल प्रताप सिंह के आश्रितों को चार लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया है। इस चेक का मंगलवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने तहसीलदार कोल की रिपोर्ट के आधार पर मृतक की पत्नी द्वारा पुनर्विवाह कर लिये जाने पर उसकी मां ऊषा देवी को चार लाख रुपये का चेक दैवी आपदा कोष से उपलब्ध कराया।
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