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जेएन मेडिकल कॉलेज के वार्ड में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 28 Aug 2017 01:16 AM IST
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जेएन मेडिकल कॉलेज में पकड़ा गया फर्जी डाक्टर से पूछताछ करते पुलिस कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर सात में एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया है। उसके पास से एमसीआई कार्ड, लॉग बुक, आईकार्ड, ओटी ड्रेस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, पेन ड्राइव, एटीएम कार्ड, ऑपरेशन में प्रयोग में आने वाला धागा, सिरिंज, दवा व किताब आदि बरामद किया गया है।
जेएन मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर सात (बर्न वार्ड, प्लास्टिक सर्जरी) में एक युवक डॉ. हिमांशु बनकर एक मरीज का उपचार करने पहुंचा था। संयोग से उसी समय डॉ. शबाह व डॉ. सरफराज अपने मरीज को देखने पहुंचे। डॉक्टर को देखकर डॉ. हिमांशु बनकर उपचार करने पहुंचा युवक सकपकाया। संदेह होने पर वार्ड के डॉक्टरों ने सुरक्षाकर्मियों को सूचना दे दी। सुरक्षाकर्मी सफी मोहम्मद टीम के साथ पहुंचे और फर्जी डॉक्टर को पकड़ लिया। सूचना के बाद कैजुअल्टी के सीएमओ रूम में थाना सिविल लाइन के अधिकारी भी पहुंच गए।
पूछताछ के दौरान इस युवक ने पुलिस अधिकारियों एवं डॉक्टरों को बरगलाने का प्रयास किया। अपना नाम एवं पता भी अलग-अलग बता रहा था। जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो वहां मौजूद लोग भौचक रह गये। बैग से एमसीआई का कार्ड, स्टूडेंट आईकार्ड, रेजीडेंट डॉक्टरों को रोजाना एक्टिविटी के लिए मिलने वाली लॉग बुक, ऑपरेशन थियेटर में प्रयोग होने वाली ड्रेस, ऑपरेशन में प्रयोग होने वाला धागा, सिरिंज, मोहर, पेन ड्राइव, अलग-अलग नाम के दो पैन कार्ड, दो एटीएम, दवा, किताब, लोगों के नाम एवं मोबाइल नंबर अंकित पर्चियां, आधार कार्ड एवं बायोडाटा आदि बरामद किए गए।
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उसकी पैंट से सिरिंज व चिकित्सा में प्रयोग आने वाला कुछ अन्य सामान व मोबाइल बरामद किया गया। आधार कार्ड एवं एक एटीएम पर उसका नाम वीरेंद्र सिंह अंकित था। जबकि लॉग बुक पर डॉ. हिमांशु। बाद में उसने अपना नाम वीरेंद्र सिंह, पुत्र लाला राम, निवासी करहला गौरवा थाना गोंडा, अलीगढ़ बताया। सुरक्षा सुपरवाइजर वीरेंद्र सिंह की ओर से उसके खिलाफ थाना सिविल लाइन में तहरीर दी गई है। बरामद सामान के साथ युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने बताया कि सुरक्षाकर्मी की तरफ से फर्जी डॉक्टर बनकर मरीजों के साथ खिलवाड़ करने वाले युवक के खिलाफ थाना सिविल लाइन में तहरीर दी गई है। युवक के पकड़े जाने के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज में किसी बड़े रैकेट के खुलासे की आशंका जताई जा रही है। वहीं पकड़े गए युवक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह हाथरस के एक मरीज को देखने आया था, लेकिन वह यहां नहीं आया है। बरामद सामान के बारे में उसका कहना है कि वार्ड के बाहर मिला था और वह उसे सीएमओ को देने जा रहा था। पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि से संबंधित सवाल पर उसने चुप्पी साध ली। मेडिकल कॉलेज के सिक्योरिटी इंचार्ज की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसकी पुष्टि सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज ने की है।
रेजीडेंट डॉक्टरों के उड़े होश
गोंडा के युवक वीरेंद्र सिंह के पकड़े जाने के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टरों के होश फाख्ता हैं। दरअसल उसके बैग से कुछ रेजीडेंट डॉक्टरों के पुराने आई कार्ड एवं उसकी फोटो स्टेट बरामद की गई है। इसकी सूचना मिलने के बाद रेजीडेंट डॉक्टरों में खलबली मच गई। दरअसल रेजीडेंट डॉक्टर ड्यूटी रूम में अपना बैग रखते हैं और मरीजों को देखने जाते हैं। डॉ. अतीकुर्रहमान ने बताया कि वार्ड से उनका पैन कार्ड एवं पेन ड्राइव गायब हो गई थी। उन्होंने यह सोच कर गौर नहीं किया कि कहीं रख दिया होगा। ऐसे ही अन्य कई डॉक्टरों के बैग से एमसीआई कार्ड, आईकार्ड, पैन कार्ड, पैन ड्राइव, मोबाइल आदि गायब हो चुके हैं। युवक के पकड़े जाने के बाद रेजीडेंट डॉक्टर सबसे पहले अपना बैग चेक करते नजर आए। यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि ऐसे ही लोग इस घटना को अंजाम दे रहे थे।
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जेएन मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर सात (बर्न वार्ड, प्लास्टिक सर्जरी) में एक युवक डॉ. हिमांशु बनकर एक मरीज का उपचार करने पहुंचा था। संयोग से उसी समय डॉ. शबाह व डॉ. सरफराज अपने मरीज को देखने पहुंचे। डॉक्टर को देखकर डॉ. हिमांशु बनकर उपचार करने पहुंचा युवक सकपकाया। संदेह होने पर वार्ड के डॉक्टरों ने सुरक्षाकर्मियों को सूचना दे दी। सुरक्षाकर्मी सफी मोहम्मद टीम के साथ पहुंचे और फर्जी डॉक्टर को पकड़ लिया। सूचना के बाद कैजुअल्टी के सीएमओ रूम में थाना सिविल लाइन के अधिकारी भी पहुंच गए।
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पूछताछ के दौरान इस युवक ने पुलिस अधिकारियों एवं डॉक्टरों को बरगलाने का प्रयास किया। अपना नाम एवं पता भी अलग-अलग बता रहा था। जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो वहां मौजूद लोग भौचक रह गये। बैग से एमसीआई का कार्ड, स्टूडेंट आईकार्ड, रेजीडेंट डॉक्टरों को रोजाना एक्टिविटी के लिए मिलने वाली लॉग बुक, ऑपरेशन थियेटर में प्रयोग होने वाली ड्रेस, ऑपरेशन में प्रयोग होने वाला धागा, सिरिंज, मोहर, पेन ड्राइव, अलग-अलग नाम के दो पैन कार्ड, दो एटीएम, दवा, किताब, लोगों के नाम एवं मोबाइल नंबर अंकित पर्चियां, आधार कार्ड एवं बायोडाटा आदि बरामद किए गए।
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उसकी पैंट से सिरिंज व चिकित्सा में प्रयोग आने वाला कुछ अन्य सामान व मोबाइल बरामद किया गया। आधार कार्ड एवं एक एटीएम पर उसका नाम वीरेंद्र सिंह अंकित था। जबकि लॉग बुक पर डॉ. हिमांशु। बाद में उसने अपना नाम वीरेंद्र सिंह, पुत्र लाला राम, निवासी करहला गौरवा थाना गोंडा, अलीगढ़ बताया। सुरक्षा सुपरवाइजर वीरेंद्र सिंह की ओर से उसके खिलाफ थाना सिविल लाइन में तहरीर दी गई है। बरामद सामान के साथ युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने बताया कि सुरक्षाकर्मी की तरफ से फर्जी डॉक्टर बनकर मरीजों के साथ खिलवाड़ करने वाले युवक के खिलाफ थाना सिविल लाइन में तहरीर दी गई है। युवक के पकड़े जाने के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज में किसी बड़े रैकेट के खुलासे की आशंका जताई जा रही है। वहीं पकड़े गए युवक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह हाथरस के एक मरीज को देखने आया था, लेकिन वह यहां नहीं आया है। बरामद सामान के बारे में उसका कहना है कि वार्ड के बाहर मिला था और वह उसे सीएमओ को देने जा रहा था। पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि से संबंधित सवाल पर उसने चुप्पी साध ली। मेडिकल कॉलेज के सिक्योरिटी इंचार्ज की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसकी पुष्टि सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज ने की है।
रेजीडेंट डॉक्टरों के उड़े होश
गोंडा के युवक वीरेंद्र सिंह के पकड़े जाने के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टरों के होश फाख्ता हैं। दरअसल उसके बैग से कुछ रेजीडेंट डॉक्टरों के पुराने आई कार्ड एवं उसकी फोटो स्टेट बरामद की गई है। इसकी सूचना मिलने के बाद रेजीडेंट डॉक्टरों में खलबली मच गई। दरअसल रेजीडेंट डॉक्टर ड्यूटी रूम में अपना बैग रखते हैं और मरीजों को देखने जाते हैं। डॉ. अतीकुर्रहमान ने बताया कि वार्ड से उनका पैन कार्ड एवं पेन ड्राइव गायब हो गई थी। उन्होंने यह सोच कर गौर नहीं किया कि कहीं रख दिया होगा। ऐसे ही अन्य कई डॉक्टरों के बैग से एमसीआई कार्ड, आईकार्ड, पैन कार्ड, पैन ड्राइव, मोबाइल आदि गायब हो चुके हैं। युवक के पकड़े जाने के बाद रेजीडेंट डॉक्टर सबसे पहले अपना बैग चेक करते नजर आए। यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि ऐसे ही लोग इस घटना को अंजाम दे रहे थे।