33 साल पहले: कल्याण सिंह ने सीएम रहते नए जिले के लिए मांगी थी रिपोर्ट, तब विपक्षी दलों ने किया था विरोध
अगर नया जिला बनता है तो राजनीतिक समीकरण भी बदल जाएंगे। बुलंदशहर की डिबाई विधानसभा सीट से कल्याण सिंह 1996 में और उनके पुत्र राजवीर सिंह राजू 2002 में विधायक रहे हैं। अब कल्याण सिंह नगर नाम से नया जिला गठित होने के बाद राजनीतिक समीकरण भी बदल जाएंगे। नए जिले में नए जातीय समीकरणों भी बनेंगे।
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कल्याण सिंह ने 33 साल पहले अतरौली को जिला बनाने की लिखा-पढ़ी शुरू की थी। जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई थी। यह बात वर्ष 1992 की है। तब अलीगढ़ के अतरौली, बुलंदशहर के डिबाई और कासगंज (जो अब जिला है) को मिलाकर जिला बनाया जाना था। लेकिन उस वक्त विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया। विवादित ढांचा गिरने के बाद सरकार भी गिर गई थी और अतरौली को जिला बनाने की बात परवान नहीं चढ़ पाई। अब कल्याण सिंह नगर के नाम से नया जिला बनाने की कसरत शुरू हुई है।
अलीगढ़ और आसपास के जिलों के बड़े इलाकों को लेकर नया जिला बनाने की कवायद 1992 में तब शुरू हुई थी जब कल्याण सिंह खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। तब उन्होंने स्वयं अतरौली नाम से नया जिला बनाने की पहल की थी।
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राजनीतिक विचारक और उस समय जनता दल के जिला महासचिव रहे योगेश शर्मा बताते हैं कि मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने तत्कालीन जिलाधिकारी को गोपनीय रिपोर्ट भेजने का प्रस्ताव दिया था। यह सूचना किसी तरह सार्वजनिक हो गई थी, जिसके बाद विपक्षी पार्टियों ने इस पहल का पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया। उस समय भी यह खबर अमर उजाला में ही प्रकाशित हुई थी। योगेश शर्मा बताते हैं कि मामला अभी चल ही रहा था कि दिसंबर 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा ध्वस्त हो गया। इस घटना के बाद कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया, इसके साथ ही अतरौली जिला बनाने वाली यह फाइल भी ठंडे बस्ते में चली गई।
नए नाम और नए सिरे से कोशिश
अब एक बार फिर, उनके पुत्र राजवीर सिंह राजू की पहल पर अतरौली, गंगीरी और डिबाई को मिलाकर कल्याण सिंह के नाम पर नया जिला गठित करने का प्रयास किया जा रहा है। राजस्व परिषद ने हाल ही में अलीगढ़ और बुलंदशहर के जिलाधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है, जिससे यह उम्मीद जगी है कि दशकों पुराना यह सपना अब पूरा हो सकता है।
बदल जाएंगे राजनीतिक समीकरण, डिबाई से चुनाव लड़ चुके हैं कल्याण और राजू
अगर नया जिला बनता है तो राजनीतिक समीकरण भी बदल जाएंगे। बुलंदशहर की डिबाई विधानसभा सीट से कल्याण सिंह 1996 में और उनके पुत्र राजवीर सिंह राजू 2002 में विधायक रहे हैं। अब कल्याण सिंह नगर नाम से नया जिला गठित होने के बाद राजनीतिक समीकरण भी बदल जाएंगे। नए जिले में नए जातीय समीकरणों भी बनेंगे। इसी के साथ सन 2026 के परिसीमन में विधानसभा की सीटें जिले की सीमा के अंदर ही होंगी। अभी अतरौली और डिबाई विधानसभा सीट हैं। जबकि गंगीरी छर्रा विधानसभा सीट के अंतर्गत आती है।
एक नजर जनसंख्या पर
- अतरौली कुल क्षेत्रफल 903 वर्ग किलोमीटर है। 2011 की भारतीय जनगणना के अनुसार, अतरौली की जनसंख्या 50,412 थी, जिनमें कुल 26,368 पुरुष और कुल 24,044 महिलाएं थीं।
- गंगीरी की जनसंख्या छह हजार है। यह एक पिछड़ा क्षेत्र है। राजनीतिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से डिबाई शहर महत्वपूर्ण है। इस शहर के पास ही आठ किलोमीटर दूर पवित्र गंगा नदी बहती है जोकि पास के गांव कर्णवास क्षेत्र में आती है।
- डिबाई विधानसभा के अंतर्गत कर्णवास, राजघाट एवं नरौरा जैसे स्थान आते हैं जो गंगा किनारे होने के कारण प्रसिद्ध हैं। नरौरा में परमाणु बिजली घर स्थित है।
यह है वोटर संख्या
डिबाई विधानसभा सीट पर कुल 3,47,780 मतदाता हैं। अतरौली विधानसभा क्षेत्र में दादों, बिजौली, पीसी गांवखेड़ा, गनियावली, जुझारका, गोबली, चेंदौली बुजुर्ग, भावीगढ़, कोरेह रघुपुरा, फाजलपुर, रहमापुर, गाज़ीपुर, तेबथू, मादापुर, उतरा, बराला पुरैनी इस्माइलपुर आदि आते हैं। यहां पर चार लाख से अधिक वोटर हैं