{"_id":"619aa8df4b235f205d38fb4e","slug":"elderly-returned-home-after-22-years-city-office-news-ali2787181122","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः 22 साल बाद घर लौटे बुजुर्ग, छाई खुशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः 22 साल बाद घर लौटे बुजुर्ग, छाई खुशी
विज्ञापन
गांव मीर की नगरिया में लापता व्यक्ति 22 साल बाद लौट।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोधा क्षेत्र के गांव मीर की नगरिया से 22 वर्ष पूर्व लापता हुए बुजुर्ग घर लौट आए हैं। उनके लौटने पर परिवार में खुशी का माहौल है। इस दौरान परिवार ने उन्हें मृत समझकर तलाशना बंद कर दिया था। मगर, चार दिन पहले जब परिवार को खबर मिली तो सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्हें परिजन राजस्थान से लेकर आए हैं।
वाकये के अनुसार, गांव निवासी किसान गंगा सहाय के चार बेटों में सबसे बड़े रविंद्र सिंह 22 वर्ष पूर्व भांग का सेवन करने के चलते मानसिक रूप से कमजोर हो गए थे। इस दौरान वे गांव के कुछ किसान नेताओं संग मकर संक्रांति पर प्रयागराज स्नान करने चले गए। मगर वहां से नहीं लौटे। इसके बाद परिवार ने उन्हें खूब तलाशा, मगर कोई सुराग नहीं लगा। समय बीतने पर परिवार ने उन्हें मृत समझ लिया। अब चार दिन पहले भरतपुर पुलिस के जरिये लोधा पुलिस को उनके विषय में खबर मिली तो यहां से परिजन भरतपुर के अछनेरा रोड के चिकसाना बझेड़ा के अपना घर आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने अपने ताऊ के बेटे मलखान सिंह को पहचान लिया।
इस पर परिजन उन्हें साथ घर ले आए। उन्होंने परिवार को बताया कि वे प्रयागराज से किसी तरह वाराणसी पहुंच गए। वहां एक गांव में मजदूरी कर समय काटा था। किसी तरह पिछले दिनों वे भरतपुर पहुंचे तो वहां कुछ लोगों ने फरवरी 2021 में उन्हें अपना घर आश्रम में रखवा दिया। उस समय उनका हाथ टूटा था, दाड़ी व बाल काफी बड़े थे। वहां इलाज के बाद सब ठीक हुआ और धीरे धीरे याददाश्त लौट आई। नवंबर की शुरुआत में उन्होंने डॉक्टरों को अपना पूरा परिचय व घर का पता बताया। इस पर पुलिस की मदद से परिवार को खबर दी गई। इस पर परिजन यहां से पहुंचे और उन्हें ले आए। इस मौके पर इलाके के कई लोग साथ गए थे। उनके वापस आने पर परिवार में खुशी लौट आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाकये के अनुसार, गांव निवासी किसान गंगा सहाय के चार बेटों में सबसे बड़े रविंद्र सिंह 22 वर्ष पूर्व भांग का सेवन करने के चलते मानसिक रूप से कमजोर हो गए थे। इस दौरान वे गांव के कुछ किसान नेताओं संग मकर संक्रांति पर प्रयागराज स्नान करने चले गए। मगर वहां से नहीं लौटे। इसके बाद परिवार ने उन्हें खूब तलाशा, मगर कोई सुराग नहीं लगा। समय बीतने पर परिवार ने उन्हें मृत समझ लिया। अब चार दिन पहले भरतपुर पुलिस के जरिये लोधा पुलिस को उनके विषय में खबर मिली तो यहां से परिजन भरतपुर के अछनेरा रोड के चिकसाना बझेड़ा के अपना घर आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने अपने ताऊ के बेटे मलखान सिंह को पहचान लिया।
विज्ञापन
इस पर परिजन उन्हें साथ घर ले आए। उन्होंने परिवार को बताया कि वे प्रयागराज से किसी तरह वाराणसी पहुंच गए। वहां एक गांव में मजदूरी कर समय काटा था। किसी तरह पिछले दिनों वे भरतपुर पहुंचे तो वहां कुछ लोगों ने फरवरी 2021 में उन्हें अपना घर आश्रम में रखवा दिया। उस समय उनका हाथ टूटा था, दाड़ी व बाल काफी बड़े थे। वहां इलाज के बाद सब ठीक हुआ और धीरे धीरे याददाश्त लौट आई। नवंबर की शुरुआत में उन्होंने डॉक्टरों को अपना पूरा परिचय व घर का पता बताया। इस पर पुलिस की मदद से परिवार को खबर दी गई। इस पर परिजन यहां से पहुंचे और उन्हें ले आए। इस मौके पर इलाके के कई लोग साथ गए थे। उनके वापस आने पर परिवार में खुशी लौट आई है।
विज्ञापन