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अलीगढ़ः कोरोना से घबराएं नहीं... अस्पताल हैं तैयार, ऑक्सीजन भी भरपूर

Sat, 08 Jan 2022 12:27 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jan 2022 12:27 AM IST
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Don't be afraid of Corona... Hospitals are ready, oxygen is also plentiful
पं. दीन दयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में कोविड आईसीयू वार्ड बनकर तैयार । - फोटो : CITY OFFICE
कोरोना संक्रमण को लेकर घबराएं नहीं। दूसरी लहर के अनुभव के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर से मुकाबला करने की तैयारी कर ली है। अस्पतालों में वेंटिलेटर एवं आईसीयू को सक्रिय कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मेडिकल ऑक्सीजन भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध है।
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पं. दीनदयाल दयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं जेएन मेडिकल कॉलेज को केंद्र में रखकर तैयारी की गई है। कोविड मरीजों के उपचार के लिए दोनों अस्पताल को एल-2 का दर्जा प्राप्त है। इसके अतिरिक्त मलखान सिंह जिला अस्पताल, मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय, अतरौली स्थित 100 बेड अस्पताल के साथ ही चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई है। शहर के छह प्राइवेट अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट लग गए हैं या पहले से मौजूद हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिए बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, एंबुलेंस एवं आईसीयू तैयार हैं। बच्चों के उपचार के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं जेएन मेडिकल कॉलेज में क्रमश: 48 एवं 50 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू भी पूरी तरह तैयार है।
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विशेषज्ञ बोले -
कोविड मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत परिस्थितियों पर निर्भर है। सबको जरूरत नहीं पड़ती। सामान्य स्थिति में 6 तो विशेष स्थिति में 15 लीटर प्रति मिनट तक की जरूरत पड़ती है। औसत करीब 8 लीटर प्रति मिनट है। दूसरी लहर के अनुभव के आधार पर ऑक्सीजन, वेंटिलेटर एवं आईसीयू आदि का इंतजाम किया गया है। अब ऑक्सीजन की कमी नहीं होनी चाहिए। आईसीयू में अनुभवी स्टाफ की जरूरत होती है। बहुत जगह अनुभवी स्टाफ की कमी है। वेंटिलेटर का प्रोटोकॉल बहुत सख्त है। उस हिसाब से वन टू वन यानी एक मरीज पर एक नर्स जरूरी है। चूंकि आईसीयू में बेहद गंभीर मरीज होते हैं, इसलिए पल-पल पर नजर रखना होता है। एक मरीज पर 24 घंटे नजर रखने के लिए कम से कम तीन नर्स की जरूरत होती है। अभाव में भी तीन बेड पर कम से कम दो नर्स चाहिए। इसके अतिरिक्त एनेस्थेटिक व अन्य लोग होते हैं।
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- डॉ. उबैद सिद्दीकी, एसोसिएट प्रोफेसर, एनेस्थिसियोलाजी विभाग, जेेएन मेडिकल कॉलेज
कोरोना से मुकाबला के लिए पूरी तैयारी है। ऑक्सीजन एवं वेंटिलेटर पर्याप्त संख्या में हैं। करीब 600 बेड तैयार हैं। संख्या बढ़ने पर बिना विलंब किए बेडों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। पांच प्राइवेट अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट हैं। अभी तक किसी मरीज को ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी है। संक्रमित मरीजों पर नजर है। खतरे वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार दिया जाएगा। कोशिश होगी कि पैनिक क्रिएट न हो।
- डॉ. आनंद उपाध्याय, सीएमओ
अभी 100 बेड का कोविड अस्पताल तैयार कर लिया गया है। डॉक्टर एवं स्टाफ की भी ड्यूटी लग गई है। तैयारियों का रिहर्सल किया जा चुका है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर जिला प्रशासन से अनुमति लेकर ओपीडी बंद कर दिया जाएगा और सभी 300 बेड पर कोरोना मरीजों को भर्ती किया जाएगा। ऑक्सीजन एवं अन्य जरूरी चीजों की दिक्कत नहीं है। आरटीपीसीआर जांच भी जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। 100 बेड के अतिरिक्त 48 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू भी है।
- डॉ. अनुपम भास्कर, सीएमएस, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय
आईसीयू व कुछ अन्य सुविधाएं
- पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में 48 बेड का आईसीयू
- जेएन मेडिकल कॉलेज में कोविड मरीजों के लिए 35 बेड का आईसीयू
- प्रमुख अस्पताल एवं सीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
- मरीजों का लाने के लिए एंबुलेंस सेवा
- मोहनलाल गौतम चिकित्सालय में संक्रमित गर्भवती महिलाओं के प्रसव के लिए 20 बेड का इंतजाम
विशेषज्ञ चिकित्सक एवं अनुभवी स्टाफ की कमी
स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सक एवं अनुभवी नर्स एवं दूसरे स्टाफ की कमी है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीएमओ के अधीन 213 डॉक्टर का पद है, जिसमें 155 रिक्त है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के 107 में से अधिक पद खाली हैं।
ऑक्सीजन प्लांट...
- जेएन मेडिकल कॉलेज - 874 एलपीएम, 1000 एलपीएम के दो प्लांट, दीनदयाल चिकित्सालय - 570 एलपीएम के दो प्लांट, 1000 एलपीएम और 250 एलपीएम के प्लांट, 100 बेड अतरौली - 333 एलपीएम व 45 एलपीएम के प्लांट, जिला अस्पताल - 110 एलपीएम व 1000 एलपीएम के अलावा चार निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट हैं।
बेडों की इंतजाम...
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय 100, जेएन मेडिकल कॉलेज 100, मलखान सिंह जिला अस्पताल 40, मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय 20, सीएचसी अतरौली 10, चंडौस 10, खैर 10, इगलास 10 बेड हैं। मरीज बढ़ने पर अस्पतालों में बेडों की संख्या में वृद्धि की जाएगी। दीनदयाल अस्पताल की क्षमता 300 बेड की है। अतरौली के 100 अस्पताल में भी बेडों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। मलखान सिंह में 25 बेड कोविड मरीज एवं 15 संदिग्ध मरीजों के लिए तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय में संक्त्रस्मित महिलाओं के प्रसव के लिए 20 बेड तैयार किया गया है।

होम आइसोलेशन से राहत
जनपद में वर्तमान समय में कोरोना के 149 सक्रिय मरीज हैं। इसमें से तीन जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने पहुंचे थे। जांच में संक्रमित पाए जाने के बाद कोविड वार्ड में भर्ती है। राहत की बात यह है कि किसी मरीज को अभी तक ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी है। जेएन मेडिकल कॉलेज के कोरोना से संक्रमित चिकित्सक ने बताया कि होम आइसोलेशन का फैसला सही है अन्यथा अब तक यहां घबराहट फैल जाती। वह स्वयं संक्रमित होकर अब लगभग ठीक हो गए हैं। पत्नी भी संक्रमित हुई। बच्चों में लक्षण थे लेकिन जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में किसी को सर्दी, खांसी एवं बुखार आता है तो इसे मौसमी मानकर टाले नहीं। तुरंत आइसोलेट हो जाए और अपनी कोविड जांच कराएं।
कोरोना के आंकड़ों पर एक नजर... (6 जनवरी)
- अब तक जांच - 1881065
- रिपोर्ट का इंतजार - 1778
- बृहस्पतिवार को पॉजिटिव केस - 65
- अब तक कुल पॉजिटिव - 21439
- कोरोना से अब तक मृत्यु - 106
- सक्रिय केस - 149

गांधी पार्क बस अड्डे पर बने कोविड हेल्प डेस्क से नदारद स्वास्थ्यकर्मी।

गांधी पार्क बस अड्डे पर बने कोविड हेल्प डेस्क से नदारद स्वास्थ्यकर्मी।- फोटो : CITY OFFICE

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