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अलीगढ़ : बीवी को तलाक देकर दूसरी से किया निकाह...चार दिन के अंदर दूसरी बीवी ने किसी और का थाम लिया हाथ
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इकराम वारिस
न खुदा मिला, न विसाले सनम। ऐसा ही वाकया जयपुर निवासी एक व्यक्ति के साथ हुआ। अलीगढ़ निवासी महिला के प्यार में पड़कर उसने अपना घर-संसार तबाह कर लिया। बीवी को तलाक देकर चार साल तक प्यार की पींगें भरता रहा। 12 जून को उसने अलीगढ़ की महिला से निकाह कर लिया। लेकिन परिजनों ने बहाना बनाकर दुल्हन को विदा नहीं किया और बाद में कासगंज में किसी दूसरे व्यक्ति से इस महिला का निकाह करा दिया। चार दिन के अंदर दो निकाह होने से जयपुर, कासगंज व अलीगढ़ में हाई होल्टेज ड्रामा चलता रहा। अब पीड़ित दूल्हे ने जयगंज पुलिस चौकी में तहरीर दी है। उसका कहना है कि अब जयपुर में लोगों को क्या जवाब दूंगा, मेरे साथ कुदरत के साथ साथ दुल्हन ने भी धोखा किया है।
कैसे हुई मुलाकात
थाना सासनीगेट क्षेत्र की एक महिला का निकाह 12 जून को आदर्शनगर, जयपुर के एक व्यक्ति से हुआ था। दोनों तलाक शुदा हैं। महिला का तलाक करीब सात साल पहले हुआ था, जबकि व्यक्ति ने करीब चार साल पहले अपनी बीवी को तलाक दिया था। बताते हैं कि महिला की एक बहन जयपुर में ब्याही है। उसका वहां आना-जाना था। इसी बीच उसकी मुलाकात इस व्यक्ति से हो गई। दोनों के बीच बढ़ती नजदीकियां पहली बीवी को तलाक देने का सबब बनीं।
जयपुर से आई बरात
12 जून को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जयपुर से व्यक्ति की बरात आई। बरातियों की खूब आवभगत हुई। दोनों का निकाह हो गया। विदाई के वक्त दुल्हन के घरवालों ने कहा कि कुछ सामान में कमी है। इसलिए 14 जून को विदाई करेंगे। उनकी बात मानकर दूल्हा समेत अन्य बराती लौट गए। 14 जून को दुल्हन की विदाई कराने के लिए दूल्हा व परिवारीजन आए तो उन्हें खबर मिली कि दुल्हन गायब है। वह अलीगढ़ में नहीं है और उसका निकाह दूसरे व्यक्ति से कासगंज के बिलराम गांव में हो रहा है, तब दूल्हे के परिवारीजन जयगंज पुलिस चौकी पहुंच गए। देर रात तक समझौते की बात होती रही, लेकिन बात नहीं बनी। बताते हैं कि 15 जून को दुल्हन का निकाह उसकी बड़ी बहन व बहनोई ने किसी दूसरे व्यक्ति से करा दिया।
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तलाक दिए बगैर नहीं होगा दूसरा निकाह : मुफ्ती जाहिद
एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर मुफ्ती डॉ. जाहिद खान ने कहा कि तलाक दिए बगैर शरई तौर पर दूसरा निकाह नहीं होगा। निकाह करने से पहले औरत को तलाक लेना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इसे निकाह नहीं माना जाएगा। तलाक को नजरअदांज करके निकाह किया गया है तो उसे शरई तौर से गलत माना जाएगा।
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न खुदा मिला, न विसाले सनम। ऐसा ही वाकया जयपुर निवासी एक व्यक्ति के साथ हुआ। अलीगढ़ निवासी महिला के प्यार में पड़कर उसने अपना घर-संसार तबाह कर लिया। बीवी को तलाक देकर चार साल तक प्यार की पींगें भरता रहा। 12 जून को उसने अलीगढ़ की महिला से निकाह कर लिया। लेकिन परिजनों ने बहाना बनाकर दुल्हन को विदा नहीं किया और बाद में कासगंज में किसी दूसरे व्यक्ति से इस महिला का निकाह करा दिया। चार दिन के अंदर दो निकाह होने से जयपुर, कासगंज व अलीगढ़ में हाई होल्टेज ड्रामा चलता रहा। अब पीड़ित दूल्हे ने जयगंज पुलिस चौकी में तहरीर दी है। उसका कहना है कि अब जयपुर में लोगों को क्या जवाब दूंगा, मेरे साथ कुदरत के साथ साथ दुल्हन ने भी धोखा किया है।
कैसे हुई मुलाकात
थाना सासनीगेट क्षेत्र की एक महिला का निकाह 12 जून को आदर्शनगर, जयपुर के एक व्यक्ति से हुआ था। दोनों तलाक शुदा हैं। महिला का तलाक करीब सात साल पहले हुआ था, जबकि व्यक्ति ने करीब चार साल पहले अपनी बीवी को तलाक दिया था। बताते हैं कि महिला की एक बहन जयपुर में ब्याही है। उसका वहां आना-जाना था। इसी बीच उसकी मुलाकात इस व्यक्ति से हो गई। दोनों के बीच बढ़ती नजदीकियां पहली बीवी को तलाक देने का सबब बनीं।
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जयपुर से आई बरात
12 जून को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जयपुर से व्यक्ति की बरात आई। बरातियों की खूब आवभगत हुई। दोनों का निकाह हो गया। विदाई के वक्त दुल्हन के घरवालों ने कहा कि कुछ सामान में कमी है। इसलिए 14 जून को विदाई करेंगे। उनकी बात मानकर दूल्हा समेत अन्य बराती लौट गए। 14 जून को दुल्हन की विदाई कराने के लिए दूल्हा व परिवारीजन आए तो उन्हें खबर मिली कि दुल्हन गायब है। वह अलीगढ़ में नहीं है और उसका निकाह दूसरे व्यक्ति से कासगंज के बिलराम गांव में हो रहा है, तब दूल्हे के परिवारीजन जयगंज पुलिस चौकी पहुंच गए। देर रात तक समझौते की बात होती रही, लेकिन बात नहीं बनी। बताते हैं कि 15 जून को दुल्हन का निकाह उसकी बड़ी बहन व बहनोई ने किसी दूसरे व्यक्ति से करा दिया।
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तलाक दिए बगैर नहीं होगा दूसरा निकाह : मुफ्ती जाहिद
एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर मुफ्ती डॉ. जाहिद खान ने कहा कि तलाक दिए बगैर शरई तौर पर दूसरा निकाह नहीं होगा। निकाह करने से पहले औरत को तलाक लेना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इसे निकाह नहीं माना जाएगा। तलाक को नजरअदांज करके निकाह किया गया है तो उसे शरई तौर से गलत माना जाएगा।