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अलीगढ़ में ग्रामीणों से मुठभेड़ में दो पशु चोरों की मौत
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Fri, 03 Nov 2017 01:44 AM IST
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पिसावा में ग्रामीणों की पिटाई से घायल चोर।
- फोटो : Amar Ujala
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जिले में पशु चोरी और लूटपाट करते घूम रहे गैंग की गुरुवार तड़के पिसावा-खुर्जा बॉर्डर पर दो अलग-अलग गुटों में ग्रामीणों से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पिसावा के ग्रामीणों द्वारा दबोचे गए छह बदमाशों को बेरहमी से पीटा गया, जिनमें से एक की गुरुवार शाम जिला अस्पताल में मौत हो गई। वहीं खुर्जा के ग्रामीणों द्वारा घेरे गए एक अन्य बदमाश की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
चर्चा है कि उसने ग्रामीणों की पिटाई की दहशत में खुद तमंचे से गोली मारकर जान दे दी। वहीं जिला अस्पताल में मृत बदमाश के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बाकी पांच बदमाशों ने पूछताछ में पिसावा क्षेत्र की लूटपाट की तीन वारदात स्वीकारी हैं।
बुधवार रात करीब तीन बजे टाटा-407 मेटाडोर में सवार कुछ बदमाश खैर क्षेत्र के गांव सोफा में आ धमके। इन बदमाशों ने वहां से किशनपाल, राजीव चौहान व प्रताप के चार पशु खोलकर मेटाडोर में चढ़ा लिए। जगार के बाद विरोध करने पर बदमाशों ने प्रताप के साथ मारपीट भी की। शोरगुल सुन ग्रामीणों ने बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया।
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बदमाशों ने मंगलवार की रात करीब तीन बजे सोफा में पशु लूटे। उसके बाद जब वहां हल्ला मचा तो ग्रामीणों ने बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया। एक के बाद एक गांव में बदमाशों के आने का हल्ला मचता रहा और ग्रामीण एकजुट होकर पीछा करते रहे। इसकी मुख्य वजह यह भी थी कि ग्रामीण किसी भी सूरत में पशु तस्करों को पकड़ना चाहते थे और वह रोज-रोज पशु चोरी की वारदातों से तंग आ चुके थे।
बदमाशों के कई गांवों में घूमने के बाद फिर पिसावा कस्बे में उनकी घेराबंदी हुई। उसके बाद पिसावा के शाहपुर और खुर्जा के गोंठनी गांव में इनक ा पीछा किया। ग्रामीणों से बचाव के लिए बदमाशों ने फायरिंग भी की, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर इन्हें दबोच ही लिया। इसके लिए बदमाशों ने खेतों में छिपने और दूसरे जिले की सीमा में घुसकर अपनी जान बचाने की कोशिश भी की, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश से वह बच नहीं सके।
ग्रामीणों ने एक बदमाश की इतनी जमकर धुनाई की कि शाम होते होते उसकी मौत हो गई, जबकि चर्चा है कि ग्रामीणों की पिटाई से डरकर एक बदमाश ने खुद को गोली से उड़ा लिया। वैसे तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन मौके पर ग्रामीणों का साहस देख पुलिस ने भी खुद को मुख्य भूमिका से हटा लिया। खुद पुलिस भी चाहती थी कि ग्रामीण ही बदमाशों का सबक सिखाएं, जिससे कि बदमाशों को सबक भी मिल जाए और वह कानूनी पचड़े से भी दूर रहे।
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चर्चा है कि उसने ग्रामीणों की पिटाई की दहशत में खुद तमंचे से गोली मारकर जान दे दी। वहीं जिला अस्पताल में मृत बदमाश के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बाकी पांच बदमाशों ने पूछताछ में पिसावा क्षेत्र की लूटपाट की तीन वारदात स्वीकारी हैं।
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बुधवार रात करीब तीन बजे टाटा-407 मेटाडोर में सवार कुछ बदमाश खैर क्षेत्र के गांव सोफा में आ धमके। इन बदमाशों ने वहां से किशनपाल, राजीव चौहान व प्रताप के चार पशु खोलकर मेटाडोर में चढ़ा लिए। जगार के बाद विरोध करने पर बदमाशों ने प्रताप के साथ मारपीट भी की। शोरगुल सुन ग्रामीणों ने बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया।
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बदमाशों ने मंगलवार की रात करीब तीन बजे सोफा में पशु लूटे। उसके बाद जब वहां हल्ला मचा तो ग्रामीणों ने बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया। एक के बाद एक गांव में बदमाशों के आने का हल्ला मचता रहा और ग्रामीण एकजुट होकर पीछा करते रहे। इसकी मुख्य वजह यह भी थी कि ग्रामीण किसी भी सूरत में पशु तस्करों को पकड़ना चाहते थे और वह रोज-रोज पशु चोरी की वारदातों से तंग आ चुके थे।
बदमाशों के कई गांवों में घूमने के बाद फिर पिसावा कस्बे में उनकी घेराबंदी हुई। उसके बाद पिसावा के शाहपुर और खुर्जा के गोंठनी गांव में इनक ा पीछा किया। ग्रामीणों से बचाव के लिए बदमाशों ने फायरिंग भी की, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर इन्हें दबोच ही लिया। इसके लिए बदमाशों ने खेतों में छिपने और दूसरे जिले की सीमा में घुसकर अपनी जान बचाने की कोशिश भी की, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश से वह बच नहीं सके।
ग्रामीणों ने एक बदमाश की इतनी जमकर धुनाई की कि शाम होते होते उसकी मौत हो गई, जबकि चर्चा है कि ग्रामीणों की पिटाई से डरकर एक बदमाश ने खुद को गोली से उड़ा लिया। वैसे तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन मौके पर ग्रामीणों का साहस देख पुलिस ने भी खुद को मुख्य भूमिका से हटा लिया। खुद पुलिस भी चाहती थी कि ग्रामीण ही बदमाशों का सबक सिखाएं, जिससे कि बदमाशों को सबक भी मिल जाए और वह कानूनी पचड़े से भी दूर रहे।