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निचली अदालत से राजेश भारद्वाज की जमानत खारिज
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:18 AM IST
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निचली अदालत से राजेश भारद्वाज की जमानत खारिज
- फोटो : रुपेश
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पूर्व विधायक व वरिष्ठ भाजपा नेता मुनीश गौड़ पर हमला कराने के आरोप में जेल गए भाजपा नेता व रीयल स्टेट कारोबारी राजेश भारद्वाज की निचली अदालत से जमानत खारिज हो गई। सोमवार को सीजेएम के न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई थी, जिसे सीजेएम ज्ञानेंद्र यादव ने खारिज कर दिया। अब उनकी अर्जी सत्र न्यायालय में दायर की जाएगी। बता दें कि उन्हें रविवार को ही गिरफ्तारी के बाद रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेजा गया था।
2 जुलाई को महानगर के रामघाट रोड इलाके की अवंतिका कॉलोनी में पूर्व विधायक पर हुए हमले के मामले में राजेश भारद्वाज पर 9 लाख रुपये में उनकी हत्या की सुपारी देने का आरोप लगा है। उनके सुरक्षाकर्मी/ड्राइवर हिस्ट्रीशीटर दिनेश ठाकुर ने यह बात पुलिस पूछताछ में स्वीकारी।
उसने यह भी बताया कि 2 लाख रुपया एडवांस भी दिया गया था। इसी आधार पर राजेश भारद्वाज को रविवार सुबह उनके गाजियाबाद स्थित घर से गिरफ्तार कर शाम को जेल भेजा गया। सोमवार को उनके अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दायर की गई, जिसे खारिज कर दिया गया। अब अधिवक्ता की ओर से सत्र न्यायालय में मंगलवार या बुधवार को जमानत याचिका दायर की जाएगी।
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एटा दीवानी में रची हत्या की साजिश
पुलिस पूछताछ में दिनेश ठाकुर, उसके भाई विनोद व यासीन आदि ने यह बात स्वीकारी है कि दिनेश यह प्लानिंग लेकर उनसे एटा में मिला। वहां उसने एक अधिवक्ता के बिस्तर पर बैठकर पूरी चर्चा की। इसी दौरान बताया कि 2 लाख रुपया एडवांस आ गया है। उस रकम से तत्काल यासीन की मदद से हथियार खरीदे गए। फिर दोनों शूटरों को तैयार किया गया। हमले के वक्त तक उन्हें यह नहीं पता था कि हमला पूर्व विधायक पर होना है। हमले के बाद उन्हें पता चला कि जिस पर हमला हुआ है, वह पूर्व विधायक हैं। इसके चलते वह दूर निकल गए। मगर सीसीटीवी में कैद हुई ग्रे कलर के एक्टिवा स्कूटी के चलते पुलिस उन तक पहुंच गई।
जेल में कराया इलाज भाजपाई से नहीं मुलाकात
जेल की बैरक नंबर 4 में राजेश भारद्वाज को शुगर के चलते जेल में डॉक्टर ने परीक्षण किया और उनको इंसुलिन भी दिया गया। इस दौरान उनसे सोमवार को उनके परिजनों के अलावा किसी अन्य भाजपाई या परिचित की मुलाकात नहीं आई। जेल में उनको सामान्य बंदियों की तरह ही भोजन आदि दिया जा रहा है।
राजेश-राजू प्रकरण में भाजपा नेताओं ने साधी चुप्पी
अलीगढ़। पूर्व विधायक मुनीश गौड़ पर हमले के मामले में भाजपा नेता एवं रियल स्टेट कारोबारी राजेश भारद्वाज की गिरफ्तारी एवं राजेश भारद्वाज द्वारा राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह एवं एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया के इशारे पर गिरफ्तारी का आरोप लगाने से संबंधित मामले में जनपद के अधिकतर भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है। राजू भैया के बेहद करीबी माने जाने वाले जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह ने जरूर राजेश भारद्वाज की शिकायत प्रदेश अध्यक्ष से करने की बात कही है।
गिरफ्तारी के बाद राजेश भारद्वाज द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा खेमे में सन्नाटा पसर गया है। इस मामले में कोई भी नेता कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उन्हें लग रहा है कि इस हाई प्रोफाइल मामले में हाथ डालने से जलने का खतरा है।
भाजपा के लोग दबी जुबान इस बात की चर्चा कर रहे है कि राजेश भारद्वाज का रिकार्ड आपराधिक नहीं है। ऐसे में पूर्व विधायक की हत्या के लिए सुपारी देने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। वहीं राजेश भारद्वाज द्वारा राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह एवं एटा सांसद तथा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह राजू भैया पर लगाए गए आरोप को भी भाजपाई हजम नहीं कर पा रहे हैै और इसे ज्यादती बताकर राजेश भारद्वाज को कोस रहे है।
असमंजस की इस विचित्र स्थिति में लोग अपना मुंह बंद रखना ही बेहतर समझ रहे है। भाजपा ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष वीएल वर्मा ने इस तरह की सूचना ने अनभिज्ञता जताई। जब उन्हें कल्याण सिंह एवं राजू भैया पर राजेश भारद्वाज द्वारा आरोप लगाने से संबंधित जानकारी दी गई तो उनका कहना था कि केस का विवेचक ही सही बात बताएगा। किसी के कुछ कह देने से कुछ नहीं होने वाला है।
भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह जरूर राजेश भारद्वाज के खिलाफ मोर्चा खोल दिए है। उन्होंने कल्याण सिंह एवं राजू भैया पर आरोप लगाने के लिए राजेश भारद्वाज की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि मंगलवार को वे प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर राजेश भारद्वाज की शिकायत करेंगे और उन्हें पार्टी से निकालने की मांग करेंगे।
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2 जुलाई को महानगर के रामघाट रोड इलाके की अवंतिका कॉलोनी में पूर्व विधायक पर हुए हमले के मामले में राजेश भारद्वाज पर 9 लाख रुपये में उनकी हत्या की सुपारी देने का आरोप लगा है। उनके सुरक्षाकर्मी/ड्राइवर हिस्ट्रीशीटर दिनेश ठाकुर ने यह बात पुलिस पूछताछ में स्वीकारी।
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उसने यह भी बताया कि 2 लाख रुपया एडवांस भी दिया गया था। इसी आधार पर राजेश भारद्वाज को रविवार सुबह उनके गाजियाबाद स्थित घर से गिरफ्तार कर शाम को जेल भेजा गया। सोमवार को उनके अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दायर की गई, जिसे खारिज कर दिया गया। अब अधिवक्ता की ओर से सत्र न्यायालय में मंगलवार या बुधवार को जमानत याचिका दायर की जाएगी।
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एटा दीवानी में रची हत्या की साजिश
पुलिस पूछताछ में दिनेश ठाकुर, उसके भाई विनोद व यासीन आदि ने यह बात स्वीकारी है कि दिनेश यह प्लानिंग लेकर उनसे एटा में मिला। वहां उसने एक अधिवक्ता के बिस्तर पर बैठकर पूरी चर्चा की। इसी दौरान बताया कि 2 लाख रुपया एडवांस आ गया है। उस रकम से तत्काल यासीन की मदद से हथियार खरीदे गए। फिर दोनों शूटरों को तैयार किया गया। हमले के वक्त तक उन्हें यह नहीं पता था कि हमला पूर्व विधायक पर होना है। हमले के बाद उन्हें पता चला कि जिस पर हमला हुआ है, वह पूर्व विधायक हैं। इसके चलते वह दूर निकल गए। मगर सीसीटीवी में कैद हुई ग्रे कलर के एक्टिवा स्कूटी के चलते पुलिस उन तक पहुंच गई।
जेल में कराया इलाज भाजपाई से नहीं मुलाकात
जेल की बैरक नंबर 4 में राजेश भारद्वाज को शुगर के चलते जेल में डॉक्टर ने परीक्षण किया और उनको इंसुलिन भी दिया गया। इस दौरान उनसे सोमवार को उनके परिजनों के अलावा किसी अन्य भाजपाई या परिचित की मुलाकात नहीं आई। जेल में उनको सामान्य बंदियों की तरह ही भोजन आदि दिया जा रहा है।
राजेश-राजू प्रकरण में भाजपा नेताओं ने साधी चुप्पी
अलीगढ़। पूर्व विधायक मुनीश गौड़ पर हमले के मामले में भाजपा नेता एवं रियल स्टेट कारोबारी राजेश भारद्वाज की गिरफ्तारी एवं राजेश भारद्वाज द्वारा राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह एवं एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया के इशारे पर गिरफ्तारी का आरोप लगाने से संबंधित मामले में जनपद के अधिकतर भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है। राजू भैया के बेहद करीबी माने जाने वाले जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह ने जरूर राजेश भारद्वाज की शिकायत प्रदेश अध्यक्ष से करने की बात कही है।
गिरफ्तारी के बाद राजेश भारद्वाज द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा खेमे में सन्नाटा पसर गया है। इस मामले में कोई भी नेता कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उन्हें लग रहा है कि इस हाई प्रोफाइल मामले में हाथ डालने से जलने का खतरा है।
भाजपा के लोग दबी जुबान इस बात की चर्चा कर रहे है कि राजेश भारद्वाज का रिकार्ड आपराधिक नहीं है। ऐसे में पूर्व विधायक की हत्या के लिए सुपारी देने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। वहीं राजेश भारद्वाज द्वारा राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह एवं एटा सांसद तथा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह राजू भैया पर लगाए गए आरोप को भी भाजपाई हजम नहीं कर पा रहे हैै और इसे ज्यादती बताकर राजेश भारद्वाज को कोस रहे है।
असमंजस की इस विचित्र स्थिति में लोग अपना मुंह बंद रखना ही बेहतर समझ रहे है। भाजपा ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष वीएल वर्मा ने इस तरह की सूचना ने अनभिज्ञता जताई। जब उन्हें कल्याण सिंह एवं राजू भैया पर राजेश भारद्वाज द्वारा आरोप लगाने से संबंधित जानकारी दी गई तो उनका कहना था कि केस का विवेचक ही सही बात बताएगा। किसी के कुछ कह देने से कुछ नहीं होने वाला है।
भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह जरूर राजेश भारद्वाज के खिलाफ मोर्चा खोल दिए है। उन्होंने कल्याण सिंह एवं राजू भैया पर आरोप लगाने के लिए राजेश भारद्वाज की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि मंगलवार को वे प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर राजेश भारद्वाज की शिकायत करेंगे और उन्हें पार्टी से निकालने की मांग करेंगे।